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अगले साल धीमी रहेगी सोने की रफ्तार!

राजेश भयानी / मुंबई December 01, 2019

सोने के दामों में लगातार गिरावट शुरू होने के साथ ही इसकी तेजी की राह में पहली बाधा उत्पन्न हो गई है। नैटिक्सिस ने अगले साल के परिदृश्य में गिरावट जताई है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार नवंबर में सोने के अंतरराष्टï्रीय दामों में 3.72 प्रतिशत की गिरावट आई है जो नवंबर 2016 के बाद से किसी एक महीने में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट है। तब एक महीने में सोने के दामों में 8.14 प्रतिशत की गिरावट आई थी। अमेरिका-चीन व्यापार को लेकर सहज माहौल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में विकास वृद्धि के संकेतों के बाद सोने के दाम तकरीबन 100 डॉलर प्रति औंस गिरकर फिलहाल 1,456 डॉलर प्रति औंस हो चुके हैं।
 
नैटिक्सिस के वरिष्ठï जिंस विश्लेषक बर्नार्ड डहडाह ने कहा कि वर्ष 2020 के लिए दामों का हमारा पूर्वानुमान संशोधित करके औसतन 1,370 डॉलर प्रति औंस कर दिया गया है। यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संबंध में और अधिक सकारात्मक परिदृश्य तथा हमारी इस उम्मीद को प्रतिबिंबित करता है कि फेड दर में कटौती का चक्र पूरा हो चुका है। वर्ष 2019 में अब तक सोने के दाम औसतन 1,385.13 डॉलर के स्तर पर रहे हैं और अगले साल का औसत इससे भी कम नजर आ रहा है।  वर्ष 2018 में औसत दाम 1,264 डॉलर प्रति औंस थे। हालांकि वर्ष 2019 में तेजी का रुख मुख्य रूप से दूसरी छमाही में था और जुलाई से नवंबर के बीच दाम औसतन 1,477 डॉलर रहे हैं जिसका अर्थ यह है कि अगर नैटिक्सिस का पूर्वानुमान सच होता है तो अगले साल दाम तेजी से गिरेंगे।
 
कंपनी ने यह भी कहा है कि दो प्रमुख उपभोक्ता देशों - चीन और भारत की मांग में तेज गिरावट और तीसरी तिमाही में अमेरिकी जीडीपी उम्मीद से बेहतर रहने की वजह से सोने का आकर्षण कम रहेगा। इससे पहले सीआईटीआई ने भी कहा था कि विशेष रूप से अमेरिका-चीन के मद्देनजर वैश्विक व्यापार परिदृश्य में सुधार के बाद निकट अवधि में सोना नरम रहने के आसार हैं। कॉमट्रेंडज रिसर्च के निदेशक टी गणशेखर ने कहा कि व्यापारिक वार्ता और दिसंबर के मध्य में फेड की बैठक के संबंध में आ रही खबरों के कारण निकट अवधि में कुछ दबाव रह सकता है जिससे आगे चलकर वर्ष 2020 में दामों की दिशा निर्धारित होगी। हालांकि मध्य अवधि के संबंध में उनका रुख इतना नरम नहीं है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में तेजी, फेड के रुख में संभवत: नरमी रहने और कमजोर डॉलर के कारण वर्ष 2020 की दूसरी छमाही में सोने के दामों को काफी मदद मिल सकती है।
 
इससे पहले इस साल अक्टूबर के अंत तक सोने के दामों के प्रदर्शन के आधार पर यूबीएस ने सोने के दामों में तेजी का रुख रहने और दाम 1,600 डॉलर के स्तर पर जाने का पूर्वानुमान लगाया था। हालांकि एक रिपोर्ट में इसने चेतावनी दी है कि कीमती धातुओं के संबंध में निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सुरक्षा जैसी चीजें मुफ्त नहीं मिलती हैं। अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है या अर्थव्यवस्था में हमारी उम्मीद के मुकाबले ज्यादा तेजी से सुधार होता है, तो प्रदर्शन प्रभावित होने की संभावना है।
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