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अशोक पीरामल समूह की पेनिनसुला लैंड का उत्थान और पतन

राघवेंद्र कामत / मुंबई November 29, 2019

अशोक पीरामल समूह की तरफ से प्रवर्तित पेनिनसुला लैंड के पास कई प्रतिष्ठित उपलब्धियां हैं। कंपनी ने दक्षिण मुंबई में देश का पहला मॉल क्रॉसरोड्स बनाया। उसने पेनिनसुला कॉरपोरेट पार्क विकसित किया, जो पहले मिल लैंड्स में से एक है, जिसे कॉरपोरेट कॉम्पलेक्स में परिवर्तित किया गया। कंपनी का रियल एस्टेट फंड कनाडा की ब्रुकफील्ड के साथ है, जो उसे वैश्विक फंड मैनेजर के साथ मिलकर निवेश वाली रियल एस्टेट कंपनी का ट्रेंड शुरू करने वाली पहली कंपनियों में से एक बनाता है। लेकिन ये पुराने व अच्छे दिनों की यादें हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी का असर कंपनी पर काफी ज्यादा पड़ा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में 129 करोड़ रुपये का परिचालन नुकसान दर्ज किया और कर्ज के पुनर्भुगतान से जूझ रही है। कंपनी के ऊपर वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही में 80 करोड़ रुपये ब्याज चुकाने की देनदारी थी और उसका एकीकृत बकाया कर्ज इस साल मार्च के आखिर में करीब 2,240 करोड़ रुपये था।
 
कंपनी ने पहली बार 2016-17 में परिचालन नुकसान दर्ज किया। उसके बाद से कंपनी की वित्तीय स्थिति ढलान पर है। बढ़ते नुकसान के कारण विश्लेषकों को कंपनी की तरफ से डिफॉल्ट का डर है जब तक कि प्रवर्तक नई इक्विटी नहीं झोंकते। पिछले हफ्ते रेटिंग एजेंसी इक्रा ने पेनिनसुला लैंड के ऋणपत्र की रेटिंग बीबी से घटाकर सी कर दी और इसके लिए कर्ज चुकाने में अनियमितता व कमजोर नकदी का हवाला दिया। ब्रिकवर्क रेटिंग्स के मुताबिक, एक साल पहले तक कंपनी के गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र की रेटिंग ए थी, जो पर्याप्त सुरक्षा का संकेत देता है।
 
इक्रा ने कहा, कर्ज पुनर्भुगतान के दायित्व के कारण कंपनी उच्च पुनर्वित्त का सामना कर रही है क्योंकि अगले 12 महीने में कुल 1,167 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। जुलाई 2019 तक कंपनी का एकीकृत आधार पर कर्ज 2,310 करोड़ रुपये था। पिछले तीन साल से कंपनी परिचालन नुकसान दर्ज कर रही है, लिहाजा ब्याज भुगतान के लिए उसे जूझना पड़ रहा है। कंपनी का शेयर अब चवन्नी शेयर बन गया है। पिछले 12 महीने में यह 65 फीसदी टूटा है। इस कंपनी पर नजर रखने वालों का कहना है कि कमजोर बिक्री व संग्रह, मुंबई में खास तौर से लक्जरी क्षेत्र पर ध्यान और गैर-परिचालित कर्ज कंपनी के वित्तीय दबाव की मुख्य वजह है। इक्रा ने कहा, बिक्री हुई इन्वेंट्री के संग्रह में देर और मौजूदा व पूरी हो चुकी परियोजनाओं में कमजोर बिक्री से कंपनी के नकदी प्रवाह पर भारी असर पड़ा है।
 
30 जून 2019 को कंपनी ने पेश किए गए कुल 49.7 लाख वर्गफुट क्षेत्र का 70 फीसदी 4,394 करोड़ रुपये में बेचा है। हालांकि इस बिक्री से 1,685 करोड़ रुपये मिलना अभी बाकी है। इस बारे में जानकारी के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। विशेषज्ञों ने कहा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रॉपर्टी बाजार हालांकि पिछले चार साल से भारी संकट का सामना कर रहा है, लेकिन मुंबई प्रॉपर्टी बाजार में पहली बार तब दबाव देखने को मिला जब गैर-बैंंकिंग वित्तीय कंपनी में नकदी का संकट खड़ा हुआ, जिससे डेवलपरों के पुनर्वित्त पर भारी असर पड़ा।
 
एएसके प्रॉपर्टी एडवाइजर्स के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक अमित भगत ने कहा, डेवलपरों ने खरीदारों की क्षमता का जरूरत से ज्यादा अनुमान लगा लिया और मुंबई के लक्जरी बाजार पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। भगत ने कहा कि नकदी प्रवाह और रिसीवेबल्स ही दो चीज है जिसपर लेनदार व निवेशक ध्यान देते हैं, वहीं ग्राहक गुणवत्ता व डिलिवरी देखता है। पेननसुला लैंड के पास दक्षिण मुंबई में कुछ परियोजनाएं हैं। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 2013 और 2019 की पहली तिमाही के बीच 4 करोड़ ररुपये व इससे ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी में करीब 27,000 यूनिट की नई आपूर्ति देखने को मिली। इसमें दक्षिण मुंबई की हिस्सेदारी 81 फीसदी है। इसके अतिरिक्त दक्षिण मध्य मुंबई में 11,000 यूनिट बिना बिकी पड़ी हुई हैं।
Keyword: ashok piramal, crossroad park,,
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