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क्षमता कम होने से मंदी में भी बढ़ी महंगे होटलों की बुकिंग

शैली सेठ मोहिले / मुंबई November 27, 2019

आर्थिक मंदी का असर कंपनी के लोगों के कारोबारी दौरों व महंगे होटलों में जाने पर नहीं पड़ा है। होटल परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाले शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि यात्राओं की संख्या बढ़ी है, हालांकि ठहरने का वक्त कम हुआ है। इसकी वजह से मांग और आपूर्ति की खाईं और चौड़ी हुई है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक विभिन्न श्रेणियों में होटलों के करीब 1,00,000 कमरों की कमी है। उदाहरण के लिए शैलेट होटल का मामला लें। इसके पास मैरियट और रेनेसां जैसी संपत्तियां हैं। फर्म के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) संजय सेठी ने कहा कि मांग बेहतर होने की वजह से होटल कीमतें तय करने में सक्षम है। सेठी ने कहा, 'इस साल कमरों की दरों में बढ़ोतरी पर कॉर्पोरेट घरानों ने कम प्रतिरोध किया क्योंकि प्रमुख कारोबारी शहरों में ज्यादा मांग वाले सप्ताहों में कमरे उपलब्ध नहीं थे। उन्हें या तो बातचीत करके सालाना दरों के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा है, या आखिरी वक्त पर ज्यादा ऑनलाइन दरों के हिसाब से भुगतान करना पड़ा है।' उन्होंने कहा कि पिछले 3 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि दरें बढ़ाने पर कॉर्पोरेट परेशान नहीं हुए हैं, इसके पहले जब भी हम दर बढ़ाना चाहते थे, बहुत प्रतिरोध होता था। 
 
आईटीसी होटल्स ऐंड वेलकम होटल के सीईओ दीपक हक्सर ने कहा कि कंपनियों के वैश्विक विस्तार की योजना में भारत अहम रहा है। ऐसे में कम से कम कम अवधि के हिसाब से कारोबारी यात्राओं पर उल्लेखनीय असर नहीं पड़ा है। बहरहाल उन्होंने कहा कि मंदी का असर अन्य तरीकों से पड़ रहा है। हक्सर ने कहा, 'मुझे यह भी पता है कि एक दिन में वापस जाने वाली यात्राएं बढ़ी हैं, जहां लोग सुबह शहर में आते हैं, अपने काम पूरा करते हैं और उसी रात उड़ान पकड़कर वापस चले जाते हैं।' पहले कुछ महीनों में चुनाव की वजह से सुस्ती रही, लेकिन अक्टूबर और उसके बाद से स्थिति सकारात्मक है। 
 
आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में मजबूत धारणा ऐसे समय आई है, जब कॉर्पोरेट का प्रदर्शन ढीला है। केयर रेटिंग द्वारा सर्वे की गई 2,398 कंपनियों के नमूने में शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही में करीब स्थिर रही और सिर्फ 0.4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल की समान अवधि के दौरान शुद्ध बिक्री 17.3 प्रतिशत बढ़ी थी। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इन्हीं कंपनियों का प्रदर्शन और खराब नजर आता है, जिनकी शुद्ध बिक्री और शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 2.7 प्रतिशत और 65 प्रतिशत की गिरावट आई है। लेकिन कंपनियों पर प्रदर्शन ने असर नहीं डाला। बुकिंग डॉट कॉम में श्रीलंका और मालदीव की कंट्री मैनेजर ऋतु मल्होत्रा ने कहा कि यात्रा की ई कॉमर्स फर्र्मों के होटल बुकिंग कारोबार में पिछले 7 महीने के दौरान सालाना आधार पर तेजी आई है। प्रमुख मेट्रो शहरो में हमारी बुकिंग बढ़ी है। 
 
बिजनेस ट्रैवस सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म इटिलाइज के संस्थापक और मुख्य बिजनेस ऑफिसर अनीश खाडिया का कहना है कि कंपनियां अंतिम क्षण में होटल बुकिंग को लेकर सावधानी बरतती हैं, लेकिन वे इससे पूरी तरह दूर नहीं हैं। खाडिया ने कहा, 'कंपनी के बड़े हिस्सेदार मंदी के समय में अहम भूमिका निभाते हैं। विशेषाधिकार कम करने का इसके पहले विपरीत असर पड़ा है, क्योंकि इससे प्रेरणा घटती है।' आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 के अगले 5 साल तक कमरोंं की आपूर्ति की 5 प्रतिशत चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर (सीएजीआर) रहने की संभावना है। इसकी वजह से होटलों में कमरे भरने की दर बेहतर बनी रहेगी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023 तक कमरे भरने की औसत दर बढ़कर 73 प्रतिशत हो जाएगी। इससे कंपनियोंं को कमरे की औसत दर (एएआर) सुधारने में अहम मदद मिलेगी।
 
ग्रांड मक्र्यूर, शेरेटन, हॉलिडे इन और फ्लोर प्लवाइंट जैसे ब्रांडों का प्रबंधन करने वाली ब्रिगेड हॉस्पिटलिटी के कार्यकारी निदेशक विनीत वर्मा ने भी इससे सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'कुल मिलाकर जहां आर्थिक मंदी है, वहीं अक्टूबर से होटल कारोबार में तेजी आई है। पिछले साल के विपरीत कॉर्पोरेट्स ने दरें बढ़ाने के माममले में लचीला रुख अपनाया है।' गुजरात के गिफ्ट सिटी में दिसंबर में ब्रिगेडियर अपना 51 कमरों का पांच सितारा होटल  ग्रांड मक्र्यूर शुरू करने जा रहा है, जो दक्षिण भारत के बाहर उसका पहला होटल होगा। 
 
अन्य भी इसी तरह की स्थिति देख रहे हैं। इंटर कांटिनेंटल होटल समूह (आईएचजी) के दक्षिण पश्चिम एशिया के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट विवेक भल्ला ने कहा कि आईएचजी के लग्जरी और अपर-अपस्केल बिजनेस होटल की औसत रोजाना दर (एडीआर) में पिछले साल की तुलना में 6.5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस साल पिछली तिमाही में भी एडीआर वृद्धि करीब 6-7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। भल्ला ने कहा, 'बेहतरीन अनुभव और अच्छी सेवा के लिए हमारे कॉर्पोरेट अतिथि प्रीमियम भुगतान करने को इच्छुक रहते हैं, जो उनके ठहरने को आरामदेह बनाता है।' 
 
वास्तविक मांग की तुलना में होटल के कमरों की संख्या कम बढ़ रही है, ऐसे में आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में तेजी जारी रहने की संभावना है। आईसीआईसीआई और होटलिवेट रिसर्च के मुताबिक मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों पर पिछले 5 साल में कमरे भरने का स्तर बढ़ा है। 
Keyword: hotels, tourism, booking, ITC,
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