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पीई निवेश में ब्रुकïफील्ड ने मारी बाजी

सुरजीत दास गुप्ता / मुंबई November 20, 2019

भारत में चार साल पहले आने वाला कनाडा का निजी इक्विटी फंड ब्रुकफील्ड देश के सबसे बड़े पीई निवेशकों में से एक बन गया है, जिसका कुल निवेश 16 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह मुकाम हासिल करने में ब्रुकफील्ड को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के साथ दो बड़े सौदों से मदद मिली है। इन सौदों में ब्रुकफील्ड द्वारा आरआईएल की पाइपलाइन और दूरसंचार टावर परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी शामिल है। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक दो अन्य बड़े निजी इक्विटी फंड ब्लैकस्टोन और सॉफ्टबैंक हैं। ब्लैकस्टोन का निवेश 12 अरब डॉलर है। वहीं सॉफ्टबैंक का निवेश 10 अरब डॉलर है। वीसीसी एज के आंकड़ों के मुताबिक अन्य प्रमुख निजी इक्विटी फंडों में सिंगापुर का जीआईसी और टेमासेक होल्डिंग्स शामिल हैं। जीआईसी का निवेश 10.5 अरब डॉलर और टेमासेक होल्डिंग्स का 6.4 अरब डॉलर है। वीसीसी एज देश में सभी प्रमुख पीई सौदों पर नजर रखती है। 
 
सूत्रों के मुताबिक इस कनाडाई पीई फंड का भारत में निवेश मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और रियल एस्टेट में है। फंड ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 10 अरब डॉलर और रियल एस्टेट में चार अरब डॉलर का निवेश किया है।  सूत्रों का कहना है कि ब्रुकफील्ड वृद्धि के नए क्षेत्र तलाश रहा है। फंड की नजर भारतीय उद्यमियों से जुुड़े उन विदेशी साझेदारों और संयुक्त उद्यमों पर है, जिन्हें उन क्षेत्रों में महारत हासिल है, जिनमें ब्रुकफील्ड को विशेषज्ञता हासिल नहीं है ताकि वह विशेष फंड शुरू कर सके। कंपनी के भारत में 40 से अधिक सौदे करने वाले विशेषज्ञ और 6,000 से अधिक कर्मचारी हैं। 
 
ब्रुकफील्ड ने हाल में वैश्विक स्तर पर ओकट्र्री कैपिटल का अधिग्रहण किया है, जिससे उसे अपना  विस्तार करने में मदद मिलेगी। इससे उसका भारत में ऋण कारोबार बढ़ेगा। हालांकि कारोबार को एकल आधार पर चलाया जाएगा। इस बारे में चर्चाएं चल रही हैं कि भारत में कैसे दोनों के कारोबार में तालमेल कायम किया जा सकता है। भारत में ब्रुकफील्ड के प्रवक्ता ने ऑन रिकॉर्ड कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  ब्रुकफील्ड ने इस साल कई बड़े सौदे किए हैं, जिनसे उसे अन्य बड़े निजी इक्विटी फंडों को पीछे छोडऩे में मदद मिली है। कंपनी ने इस साल मार्च में घोषणा की थी कि वह 13,000 करोड़ रुपये में घाटे में चल रही ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन लिमिटेड को खरीद रही है। इसके बाद जुलाई में अंबानी के साथ बड़ा सौदा किया गया। इसमें वह आरआईएल की दूरसंचार परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट में 25,215 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश के बदले उसे 51 फीसदी हिस्सेदारी मिली है। 
Keyword: equity, PE, MF, market,
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