बिजनेस स्टैंडर्ड - लैंड बॉन्ड जारी करेगा एनएचएआई
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लैंड बॉन्ड जारी करेगा एनएचएआई

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 11 18, 2019

प्राधिकरण कर रहा विचार

बिजनेस स्टैंडर्ड लैंड बॉन्ड जारी करेगा एनएचएआईवित्तीय चुनौतियों से जूझ रहे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राज्यों या दूसरे पक्षों से भूमि अधिग्रहण के भुगतान के लिए 'लैंड बॉन्ड' जारी करने की योजना बनाई है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की बढ़ती लागत को देखते हुए प्राधिकरण वित्तपोषण की इन अनोखी व्यवस्था पर विचार कर रहा है।  इस व्यवस्था के तहत एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण पर कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा। एक अधिकारी ने कहा, 'ये लैंड बॉन्ड ब्याज वहन करने वाली प्रतिभूति हो सकते हैं। लेकिन उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा या नहीं और ब्याज घटक को कैसे अंतिम रूप दिया जाएगा, इन तौरतरीकों पर अभी काम चल रहा है।' वित्तपोषण का यह अनोखा मॉडल एनएचएआई के लिए राजस्व का नया रास्ता खोलने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास की जमीन की कीमत बढ़ाने के लिए विकास शुल्क लगाना शामिल है। 

इसे वैल्यू कैप्चर फाइनैंसिंग कहते हैं जो एक तरह का सार्वजनिक वित्तपोषण है। यह सार्वजनिक क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजना से निजी भूमालिकों की आंशिक या पूरी कीमत वसूलता है।  बॉन्ड जारी करने के अलावा एनएचएआई चाहता है कि राज्य भी राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए भूमि की लागत में हिस्सा दें। रियल एस्टेट की कीमतें बढऩे से भू मालिकों तथा राज्यों को फायदा होता है जबकि इसका पूरा खर्च एनएचएआई वहन करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अभी एनएचएआई और सरकार इस अनोखी वित्तपोषण व्यवस्था पर विचार कर रही है ताकि प्राधिकरण पर वित्तीय बोझ कम किया जाए। पिछले कुछ वर्षों में मुआवजा बढऩे के कारण भूमि अधिग्रहण की लागत बढ़ गई है। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर कुशल कुमार सिंह ने कहा, 'इस तरीके से एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण के लिए तुरंत पैसा नहीं देना होगा और वह बॉन्ड के जरिये जमीन खरीद सकता है। ज्यादा मुआवजे के कारण भूमि अधिग्रहण की लागत बढ़ गई है। शहरी इलाकों में उपलब्ध जमीन बहुत महंगी है।'

वैल्यू कैप्चर फाइनैंसिंग व्यवस्था के तहत राज्य सरकारें भूमि अधिग्रहण की कुल लागत के 25 फीसदी का भुगतान करने पर सहमत हो सकती हैं और इसके बदले में इन राज्यों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता मिलेगी। एनएचएआई के एक अधिकारी ने कहा, 'एक ऐसा मामला केरल का है जहां राज्य सरकार अपने यहां बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत का 25 फीसदी देने को सहमत हो गई है।' इस योजना में केरल सरकार की दिलचस्पी इसलिए है क्योंकि राज्य में जमीन की किस्त बहुत ज्यादा है। इसके अलावा भारतमाला योजना के तहत बनने वाली परियोजनाओं में यह व्यवस्था अपनाई जा सकती है। 

Keyword: NHAI, land bond, road,,
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