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फोर्टिस के पूर्व प्रवर्तकों के साथ कोई मिलीभगत नहीं: आईएचएच

अनीश फडणीस / मुंबई November 18, 2019

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खुली पेशकश पर रोक में विस्तार दिए जाने के बाद आईएचएच हेल्थकेयर बेरहाद ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तकों से कोई मिलीभगत होने से इनकार किया है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश से कंपनी पर मलेशिया की इस अस्पताल शृंखला का बहुलांश नियंत्रण होगा। पिछले साल जुलाई में मलेशिया की अस्पताल शृंखला आईएचएच ने फोर्टिस हेल्थकेयर में 31 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी। आईएचएच को प्रतिस्पर्धी अस्पताल शृंखलाओं और निजी इक्विटी फर्मों के साथ बोली के लिए करीब चार महीने तक चली जंग के बाद सफलता मिली थी। 
 
हालांकि फोर्टिस में अतिरिक्त 26 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए उसकी प्रस्तावित खुली पेशकश को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को फोर्टिस हेल्थकेयर और उसके पूर्व प्रवर्तक मालविंदर सिंह एवं शिविंदर सिंह के खिलाफ अवमानना प्रक्रिया शुरू की। जबकि सिंह बंधु जापान की दवा कंपनी दायची सैंक्यो की ओर से दायर एक मामले में भी अवमानना के दोषी करार दिए गए हैं। आईएचएच ने मलेशिया में आज स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा है, 'बोर्ड आगे कहता है कि खरीदारी (फोर्टिस के शेयरों की) उस दौरान शुरू और पूरी की गई जब मालविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह का फोर्टिस पर नियंत्रण नहीं था। लेनदेने के मोर्चे पर फोर्टिस के पूर्व प्रवर्तकों अथवा उनके द्वारा नियंत्रित किसी भी कंपनी के साथ आईएचएच की कोई मिलीभगत नहीं थी।'
 
कंपनी ने कहा, 'भारत में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक हटाए जाने के बाद फोर्टिस के लिए खुली पेशकश की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आईएचएच प्रतिबद्ध है। आईएचएच इस मामले में उचित कानूनी सलाह ले रही है और उसके बाद भविष्य के रुख के बारे में निर्णय लेगी।' फोर्टिस ने कहा है कि वह फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का अध्ययन कर रही है और अपने सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले को तेजी से निपटाने के लिए कानूनी विकल्पों पर गौर कर रही है। मामले की सुनवाई अगले साल 3 फरवरी को होगी।
Keyword: Fortis, court, IHH, healthcare,,
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