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रियल्टी पैकेज की पांच संभावित लाभार्थी

विशाल छाबडिय़ा, राम प्रसाद साहू, श्रीपाद ऑटे और उज्ज्वल जौहरी /  November 17, 2019

रियल एस्टेट क्षेत्र को अधूरी परियोजनाएं पूरी करने में मदद के लिए सरकार ने पिछले सप्ताह 25,000 करोड़ रुपये का वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) बनाने की अपनी योजना की घोषणा की थी। लेकिन यह योजना शेयर कीमतों के संदर्भ में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं ला सकती है। इसके अलावा, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि संभावित कानूनी समस्याओं की वजह से इसमें एक या दो तिमाही का वक्त लग सकता है। हालांकि जब इसकी शुरुआत हो जाएगी तो रियल्टी क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्र की कंपनियों को भी इसका फायदा मिलेगा जिनमें सीमेंट, सैनिटरी वेयर, पेंट, टाइल्स और पाइप्स और अन्य उत्पादों की निर्माता कंपनियां शामिल हैं। 

 
हालांकि इस पहल से लाभान्वित होने वाली परियोजनाओं की संख्या स्पष्टï नहीं है, लेकिन रिलायंस सिक्योरिटीज के बिनोद मोदी ने यह स्पष्टï किया है कि किस तरह से इसका सीमेंट क्षेत्र पर असर दिख सकता है। मोदी का कहना है कि रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं से संभावित सीमेंट खपत (बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर), दिल्ली-एनसीआर और पुणे समेत सात शहरों में 1,443 परियोजनाएं शामिल) 2.5 करोड़ टन पर हो सकती है।  इसी तरह, इलेक्ट्रिकल वायर, स्विच, लाइट और अन्य फिटिंग्स जैसे उत्पादों के लिए भी मांग बढ़ेगी। यहां ऐसी कुछ कंपनियों को शामिल किया गया है जो रियल एस्टेट में तेजी आने से लाभान्वित हो सकती हैं। भले ही पैकेज क्रियान्वयन में विलंब हुआ है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ये कंपनियां अपने सामान्य व्यवसायों में आय बढऩे से मजबूत हो सकती हैं। 
 
उदाहरण के लिए, सेरा सैनिटरीवेयर द्वारा वित्त वर्ष 2019-21 के दौरान आय में 15 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्घि दर हासिल किए जाने की संभावना है, जबकि एस्ट्रल पॉलि और अल्ट्राटेक के लिए इस अवधि के दौरान यह आंकड़ा 35 प्रतिशत के आसपास है।  इनमें से कुछ अपने संबद्घ उद्योगों में अग्रणी हैं और इनकी शेयर कीमतें पीक स्तरों से 15-30 प्रतिशत घटी हैं, भले ही प्रमुख सूचकांक सर्वाधिक ऊंचे स्तरों के नजदीक हैं। हालांकि कुछ के लिए यह तेजी मौजूदा स्तरों से आकर्षक नहीं हो सकती है और ऐसे शेयरों पर तेज गिरावट की स्थिति में विचार किया जा सकता है।
Keyword: real estate, property, flat, AIF,
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