बिजनेस स्टैंडर्ड - उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण हुआ रद्द
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उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण हुआ रद्द

सोमेश झा / नई दिल्ली November 15, 2019

सरकार ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के 2017-18 में कराए गए उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण को रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि सर्वेक्षण के 'आंकड़ों की गुणवत्ता' में समस्या होने के कारण उसे खत्म किया जा रहा है। आज जारी सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'आंकड़ों की गुणवत्ता में समस्या को देखते हुए मंत्रालय (सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन) ने 2017-18 के उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के नतीजे जारी नहीं करने का फैसला किया है। सरकार देख रही है कि आंकड़ों की गुणवत्ता से संबंधित बदलावों को सर्वेक्षण की प्रक्रिया में शामिल करने के बाद 2020-21 और 2021-22 में अगला उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण कराना कितना व्यावहारिक है।'
 
इसका मतलब यह हुआ कि भारत के पास 10 साल की अवधि में गरीबी के आंकड़ों का कोई अनुमान ही नहीं होगा। उपभोक्ता व्यय का पिछला सर्वेक्षण 2011-12 में किया गया था। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने रिपोर्ट के तथ्य आज प्रकाशित कर दिए थे, जिनमें पता चला था कि चार दशक से भी अधिक समय के बाद पहली बार 2017-18 में उपभोक्ता व्यय घटा है। सरकार ने इसे रिपोर्ट नहीं बल्कि रिपोर्ट का 'मसौदा' बताया है। मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'हम स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि सर्वेक्षण के जरिये तैयार होने वाली रिपोर्टों और आंकड़ों को जांचने के लिए सख्त प्रक्रिया अपनाई जाती है। मंत्रालय के पास आने वाली ऐसी सभी रिपोर्ट मसौदे की शक्ल में होती हैं और उन्हें अंतिम रिपोर्ट नहीं माना जा सकता।'
 
'मुख्य संकेतक : भारत में परिवार का उपभोक्ता व्यय' नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों का औसत मासिक खर्च 2017-18 में 3.7 फीसदी घटकर 1,446 रुपये रह गया, जो 2011-12 में 1,501 रुपये था। प्रति व्यक्ति मासिक खपत व्यय के आंकड़े वास्तविक हैं यानी 2009-10 को आधार वर्ष मानते हुए इन्हें मुद्रास्फीति के अनुसार समायोजित कर लिया गया है। सरकार ने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में कुछ खामियां मिलीं, जिसके बाद इसे समिति के पास भेज दिया गया। मंत्रालय ने कहा, 'सर्वेक्षण के नतीजों का मूल्यांकन किया गया था और इसमें काफी असमानताएं पाई गईं, जो केवल खपत के तरीकों के स्तर पर ही नहीं थीं बल्कि वस्तु एवं सेवा के वास्तविक उत्पादन जैसे अन्य आंकड़ों से तुलना करने पर खपत में बदलाव की दिशा भी अलग दिख रही थी।'
 
मंत्रालय ने कहा कि एक समिति ने सर्वेक्षण रिपोर्ट का मूल्यांकन किया है और इन 'विसंगतियों' का जिक्र किया है। साथ ही समिति ने सर्वेक्षण की पद्घति को बेहतर बनाने और 'समवर्ती आधार' पर आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार की सिफारिश की है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'समिति की सिफारिशों का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि भविष्य में सर्वेक्षण के लिए उन्हें अमल में लाया जा सके।' 
Keyword: NSO, MPCI, rural, survey,,
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