बिजनेस स्टैंडर्ड - चीनी मिलों के कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, December 15, 2019 04:59 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

चीनी मिलों के कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ी

भाषा /  November 13, 2019

चीनी मिलों को कुछ और राहत देते हुए सरकार ने उन्हें दिए जा रहे 15,000 करोड़ रुपये की सस्ती ऋण योजना के तहत ऋण वापसी पर लगाई गई रोक की समयसीमा छह महीने और बढ़ा दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अब, चीनी मिलें लिए गए कर्ज की वापसी की शुरुआत डेढ़ वर्ष के बाद कर सकतीं हैं। ऋण वापसी पर रोक अवधि वह समयसीमा होती है जिसके भीतर कर्ज लेने वाली पार्टी को कर्ज चुकाने की छूट होती है। इस अवधि के बीत जाने के बाद ही कर्ज की वापसी शुरू होगी। केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए दो किस्तों में सस्ते ऋण पैकेज की घोषणा की - 1 जून, 2018 में 4,440 करोड़ रुपये की और 2 मार्च, 2019 में 10,540 करोड़ रुपये की। चीनी मिलों को यह ऋण गन्ना बकाए का भुगतान करने और अधिशेष चीनी को एथनॉल उत्पादन के लिए स्थानांतरित करने के लिए दिया गया था।
 
एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि जब देश में एथनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्ती ब्याज दर वाली ऋण योजना शुरू की गई थी, तो ऋण अदायगी से एक साल की छूट दी गई थी। अब चीनी मिलों और किसानों के हित में इस छूट की अवधि को बढ़ाकर डेढ़ साल कर दिया गया है। सूत्र ने बताया कि इस संबंध में एक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऋण के लिए आए 418 आवेदनों में से खाद्य मंत्रालय ने 282 को पात्र पाया है। इसमें से 6,139.08 करोड़ रुपये के ऋण के लिए 114 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि बैंकों ने 45 आवेदकों को ऋण मंजूर किया है और सितंबर अंत तक 33 आवेदकों को 900 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
 
चीनी उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना के तहत घोषित 15,000 करोड़ रुपये की कुल आसान ब्याज दर वाली ऋण राशि का केवल 5-6 प्रतिशत ही बैंकों द्वारा वितरित किया गया है। चीनी उद्योग का विचार है कि मंत्रालय स्तर पर पहली स्क्रीनिंग में बहुत समय बरबाद हो रहा है। आदर्श रूप से, बैंकों को पात्रता मानदंडों की जांच करनी चाहिए और तदनुसार ऋण राशि को मंजूरी देनी चाहिए।
Keyword: sugar, farmer, mills,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बैंकों की तरह सख्त नियम से एनबीएफसी में बढ़ेगी जवाबदेही?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.