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हालात सुधरे, पर हम अभी भी चिंताओं से नहीं उबरे

समी मोडक /  November 12, 2019

बाजार को समझना एक बड़ी चुनौती रहा है, क्योंकि अच्छी गुणवत्ता वाले शेयर महंगे हैं और सस्ते शेयरों को ज्यादा लोग तरजीह नहीं देते हैं। यह कहना है डीएसपी म्युचुअल फंड के इक्विटी प्रमुख विनीत सांब्रे का। समी मोडक के साथ साक्षात्कार में विनीत सांब्रे ने कहा कि पांच साल की निवेश अवधि वाले निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में खरीदारी के अच्छे अवसर हैं। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

 
मिड- और स्मॉल-कैप शेयरों के लिए परिदृश्य चुनौतीपूर्ण रहा है। आपने कुछ चुनौतियों का सामना किस तरह से किया?
 
मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में गिरावट काफी अधिक थी और इस तरह का दबाव इस श्रेणी में 2017 के अंत में महसूस किया था। हम तब महंगे मूल्यांकन को लेकर काफी चिंतित थे और अपने डीएसबी स्मॉल कैप फंड को स्थायी तौर पर बंद रखने का भी निर्णय लिया था। 2018 के शुरू से मिड- और स्मॉल-कैप श्रेणी में इस गिरावट की तीव्रता कुछ हद तक शांत हुई है और मूल्यांकन में अब कुछ स्थिरता देखी जा रही है। ऐसे हालात में हमने देखा है कि कुछ अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों ने स्वयं का अच्छी तरह से बचाव किया और वे कम प्रभावित हुईं। ताजा उतार-चढ़ाव से हमारी यह धारणा मजबूत हुई है कि मिड- और स्मॉल-कैप श्रेणी के शेयरों में जोखिम बना हुआ है।
 
मिड- और लार्ज-कैप के बीच मूल्यांकन अंतर पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? क्या लार्ज-कैप से दूर रहना और मिड- तथा स्मॉल-कैप में दांव लगाना समझदारी है?
 
गिरावट से इन दो श्रेणियों के बीच मूल्यांकन में अंतर बढ़ा है। मूल्यांकन के संदर्भ में श्रेणी मजबूत दिख रही है। साथ ही, अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है और इसलिए मूल्यांकन अभी भी कमजोर बना हुआ है। बहरहाल, दीर्घावधि निवेशकों के लिए यह एक अच्छा शुरुआती बिंदु है। लार्ज-कैप से मिड- और स्मॉल-कैप में जाना व्यक्ति के जोखिम प्रोफाइल और परिसंपत्ति आवंटन रणनीति पर आधारित हो सकता है। 
 
क्या बाजार के प्रति जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला है?
 
एफएमसीजी, चुनिंदा एनबीएफसी और कुछ निजी क्षेत्र के बैंकों जैसे सेगमेंट के अलावा, अर्थव्यवस्था के कई सेगमेंट में पिछली कुछ तिमाहियों से मंदी के संकेत दिख रहे हैं। इससे बाजार के प्रति जोखिम से बचने की धारणा को बढ़ावा मिला है। मंदी का कारण एनबीएफसी संकट के बाद नकदी की सख्त स्थिति और पारिश्रमिक वृद्घि तथा रोजगार सृजन के अभाव से जुड़ा हुआ है। 
 
क्या आप मानते हैं कि सिर्फ कुछ शेयरों/कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन का यह रुझान बरकरार रहेगा?
 
शेयर बाजार का धु्रवीकृत रुख मौजूदा समय में वैश्विक रूप से भी विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में देखा जा रहा है। निवेशक अच्छे प्रदर्शन वाली कंपनियों पर ध्यान दे रहे हैं। हालांकि यह अनुमान लगाना कठिन है कि यह रुझान कितने समय तक बरकरार रहेगा, लेकिन वाहन, हेल्थकेयर, सीमेंट और भवन निर्माण तथा कृषिगत उत्पाद क्षेत्रों की अच्छी कंपनियां मूल्यांकन के लिहाज से मजबूत हैं और वे निवेश के लिए मौका मुहैया करा रही हैं।
 
क्या अर्थव्यवस्था और बाजार चिंताओं से उबर चुके हैं? ऐसे कौन से प्रमुख वृहद रुझान हैं जो अहम योगदान दे रहे हैं?
 
हम चिंताओं से पूरी तरह नहीं उबर सके हैं। हालांकि स्थिति एक साल पहले की तुलना में काफी बेहतर है। नकदी की स्थिति में सुधार आया है, कई वर्षों के बाद मॉनसून अच्छा रहा, त्योहारी मांग ने भी मांग को कुछ हद तक गति प्रदान की, और बेहद महत्त्वपूर्ण तथ्य यह है कि सरकार ने समस्या की पहचान और उसके समाधान में उत्सुकता दिखाई है। हमें उम्मीद है कि ये क्षेत्र अर्थव्यवस्था में सुधार की दिशा में मददगार साबित होंगे।
 
मौजूदा समय में निवेशक को बाजार में क्या रणनीति अपनानी चाहिए? कौन से थीम/क्षेत्र आकर्षक दिख रहे हैं?
 
इक्विटी-आधारित परिसंपत्ति वर्ग में निवेश कर रहे निवेशकों को अपना लक्ष्य इस श्रेणी की प्रवृत्ति के अनुकूल ढालने की जरूरत होगी। इक्विटी श्रेणी अल्पावधि में अस्थिर बनी रहेगी और दीर्घावधि प्रतिफल मुख्य बुनियादी बातों, खासकर आय वृद्घि और नियोजित पूंजी पर प्रतिफल से जुड़ा होगा। वृद्घि और पूंजीगत दक्षता दोनों के मोर्चे पर भारत उन निवेशकों को अच्छे अवसर मुहैया कराने की स्थिति में है जो पांच साल से अधिक समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। ज्यादातर निवेशकों की सबसे बड़ी आशंका महंगी श्रेणी में निवेश को लेकर चिंता है, क्योंकि उनमें कमजोर प्रदर्शन के जोखिम और महंगे मूल्यांकन की वजह से अस्पष्टता बनी हुई है। इस चिंता के संदर्भ में हम निवेशकों को दीर्घावधि के लिए निवेश करने की सलाह देते हैं। थीम के संदर्भ में, मजबूत ऐतिहासिक रिकॉर्ड, अच्छे दीर्घावधि वृद्घि परिदृश्य और उचित मूल्यांकन वाली कंपनियां वाहन, बैंकिंग, हेल्थकेयर, सीमेंट जैसे क्षेत्रों में मौजूद हैं।
 
बाजार अपने ऊंचे स्तर के नजदीक हैं। ऐसे समय में मूल्यांकन कैसा है? क्या आप मानते हैं कि बाजार में और तेजी आएगी या वे अगले एक साल तक सीमित दायरे में रहेंगे?
 
मैं अगले एक साल के संदर्भ में बाजार दायरे पर किसी तरह की भविष्यवाणी करने से परहेज करना चाहूंगा, क्योंकि दीर्घावधि संभावनाएं तलाश रहे निवेशकों के लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होगा। 
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