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एचडीएफसी को एकमुश्त लाभ से मिली ताकत

श्रीपाद ऑटे /  November 10, 2019

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनैंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) ने पिछले सप्ताह सोमवार को सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणाम की घोषणा की। काफी हद तक एकमुश्त लाभ की मदद से कंपनी ने दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर आय दर्ज की है। ऐसे लाभ को अलग रखकर बात की जाए तो प्रमुख व्यवसाय का प्रदर्शन कई मानकों पर स्थिर रहा। हालांकि प्रबंधन थोक बिक्री ऋण बुक को लेकर सतर्क बना हुआ है। 

आवास ऋण प्रदाता का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) सालाना आधार पर लगभग 30 प्रतिशत बढ़कर 4,530 करोड़ रुपये पर रहा जो ब्लूमबर्ग के 4,154 करोड़ रुपये के अनुमान से 9 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्घ लाभ सालाना आधार पर 61 प्रतिशत बढ़कर 3,961.5 करोड़ रुपये पर रहा और इसे नई कर व्यवस्था के तहत कम कर दर से मदद मिली और इसलिए यह तुलनायोग्य नहीं है।

गृह फाइनैंस में अपने कुछ निवेश की बिक्री से प्राप्त 1,627 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ (एक साल पहले की तिमाही में 891 करोड़ रुपये था) और एचडीएफसी बैंक (865 करोड़ रुपये) तथा गृह फाइनैंस (70 करोड़ रुपये) से 1,074 करोड़ रुपये की लाभांश आय से पीबीटी और शुद्घ लाभ को मदद मिली। पिछले साल लाभांश जून तिमाही में प्राप्त हुआ था।

मुख्य व्यवसाय ने शुद्घ ब्याज आय (एनआईआई) में सालाना आधार पर 16.7 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की और यह बढ़कर 3,021 करोड़ रुपये रही। हालांकि एनआईआई 3,189 करोड़ रुपये के बाजार अनुमान से कम रही, लेकिन यह कमी इस क्षेत्र में समस्याओं के संदर्भ में देखी जा सकती है। इसके लिए ऊंचे मार्जिन वाली थोक बिक्री पर सुस्ती के लिए भी जिम्मेदार माना जा सकता है। कमजोर थोक बिक्री वृद्घि के नकारात्मक प्रभाव की भरपाई कम कोष लागत और ऋण बुक में तेजी के समायोजन के साथ करने में मदद मिली।

कंपनी के लिए प्राप्त ब्याज की दर और खर्च के बीच अंतर की दर दूसरी तिमाही में 2.26 प्रतिशत पर दर्ज की गई और यह एचडीएफसी के 2.2 प्रतिशत से 2.35 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप रही तथा जून तिमाही की तुलना में एक आधार अंक ज्यादा रही। एचडीएफसी के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी केकी मिस्त्री का कहना है कि भविष्य में यह लक्ष्य बरकरार रहने का अनुमान है। 

जहां कॉरपोरेट ऋण बुक लगभग 3 प्रतिशत बढ़ी, वहीं एचडीएफसी ने व्यक्तिगत ऋण पोर्टफोलियो में सालाना आधार पर 15.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की और उसे कुल ऋण बुक में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज करने में मदद मिली। प्रबंधन अल्पावधि वृद्घि और थोक बिक्री बहीखाते की परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर अनिश्चित है जिसका कुल ऋण वृद्घि पर कुछ दबाव देखा जा सकता है।
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