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आंकड़ों के अभाव में अटकी निर्यात संवर्धन योजना

शुभायन चक्रवर्ती /  November 10, 2019

आंकड़ों की कमी की वजह से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को भारत से सेवा निर्यात योजना (एसईआईएस) को विस्तार देने और नए सेवा क्षेत्रों को समर्थन देने में कठिनाई आ रही है। विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2015-20 के तहत पेश की गई एसईआईएस सफल रही है और 2018-19 के दौरान सेवा क्षेत्र के निर्यातकों को प्रोत्साहन के रूप में 4,262 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (एसईपीसी) की महानिदेशक संगीता गोडबोले ने कहा, 'सरकार एसईआईएस को व्यापक करना और सेवा निर्यातकों को समर्थन बढ़ाना चाहती है। यह कुछ मामलों में पारितोषिक देकर और योजना का कवरेज बढ़ाकर करने को इच्छुक है। लेकिन ऐसा करने के लिए उचित आंकड़े मिलने में कठिनाई आ रही है।' उन्होंने कहा कि क्षेत्रों का वर्गीकरण भी सुधारा जा सकता है, लेकिन हमें उद्योग का आकार तय करने के लिए उद्योग संगठनों के आंकड़ों पर निर्भर रहना पड़ता है। 

अगर एनिमेशन सर्विसेज के मामले को लें, जिसे सरकार प्रोत्साहन देने को इच्छुक है, तो इसमें एसआईईएस के तहत पात्र सेवाओं की सूची नहीं है। मेडिकल टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें सिर्फ अस्पतालों की सेवा को ही एसईआईएस में शामिल किया गया है और इससे नर्सिंग और टेलीमेडिसिन सेवाएं अलग हैं और उन्हें सरकारी लाभ नहीं मिल पाता। 

आंकड़ों का अभाव 

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आंकड़े कम होने की वजह से सरकार की 12 प्रमुख सेवाओं वाले क्षेत्र को बढ़ावा देने की कवायद भी प्रभावित हुई है। इस क्षेत्र के लिए नीति बनाए जाने के बावजूद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय देश में सेवा उद्योग के आकार या वृद्धि पर निगरानी नहीं रख पा रही है। यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जा रहा है, जो सेवा निर्यात देखता है और इसके आंकड़े हर 2 महीने पर जारी किए जाते है। 

रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि सेवा क्षेत्र का निर्यात अगस्त महीने में 18.24 अरब रुपये रहा है, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीने में यह राशि 90 अरब रुपये रही है। आयात 57 अरब डॉलर का रहा है, और इस तरह से देखें तो यह भी बहुत पीछे नहीं है। एसईआईएस के तहत निर्यातकों को शुद्ध विदेशी मुद्रा कमाई पर 5 प्रतिशत या 7 प्रतिशत ड्यूटी क्रेडिट स्क्राइप्स मिलते हैं, जो जारी होने के 24 महीने तक वैध होते हैं। मुक्त रूप से हस्तांतरित किए जा सकने वाले स्काइप्स का इस्तेमाल इनपुट के आयात पर सीमा शुल्क के भुगतान या उत्पाद शुल्क के भुगतान के लिए किया जा सकता है। आगामी विदेश व्यापार नीति में इस योजना को आगे बढ़ाए जाने की संभावना नहीं है क्योंकि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानकों को लेकर इसकी शिकायत है। डब्ल्यूटीओ ने हाल में अनावश्यक रूप से सब्सिडी मुहैया कराने को अवैध बताया है, जिससे वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात की तमाम योजनाओं को बदलने पर सरकार विचार कर रही है। 

सेवा पर जोर 

इन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने और भारत के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के लिए सरकार सेवाओं पर 5वीं वैश्विक प्रदर्शनी बेंगलूरु में 26-28 नवंबर के बीच कराने जा रही है। 

अधिकारी ने कहा कि इस कार्यक्रम में 100 देशों के 600 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और 15 राज्यों की फर्में आएंगी। रणनीतिक क्षेत्र जैसे उड्डयन और अंतरिक्ष कार्यक्रम, बुनियादी ढांचा, टेलीकॉम परियोजनाएं और वित्तीय प्रबंधन के अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों को एफडीआई आकर्षित करने के लिए चिह्नित किया गया है।

गोडबोले ने कहा कि घरेलू सेवा उद्योग में सूचना तकनीक (आईटी) और आईटी इनेबल्ड सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत होने का अनुमान है, वहीं सरकार अन्य क्षेत्रों पर भी नजर रख रही है, जिनमें व्यापक संभावना है। ऐसे क्षेत्रोंं में ई स्पोट्र्स शामिल है, जिसके तेजी से बढऩे की संभावना है। इसकी 2017 के वैश्विक राजस्व में साझेदारी 65.6 करोड़ डॉलर थी। इस क्षेत्र से 2022 तक 1.8 अरब राजस्व सृजित होने की संभावना है। 2016 में ई स्पोट्र्स के 27 करोड़ वैश्विक समर्थक थे, जिनके 2020 तक 49.5 करोड़ होने की संभावना है। 

जीईएस 2019 के लिए भारत ने इंडोनेशिया, वियतनाम, जापान, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया के अलावा अन्य ई-स्पोट्र्स फेडरेशनों को आमंत्रित किया है। 

कानूनी सेवा क्षेत्र के तेज विस्तार को प्रोत्साहन देने के लिए युवा वकीलों हेतु इंटरनैशनल मूट कोर्ट कंपटीशन का आयोजन भी किया जाएगा, जो बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मामलों पर बहस करेंगे। इसमें बिम्सटेक क्षेत्र (बांग्लादेश, भारत, म्यामार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, भूटान) और सीएलएमवी (कंबोडिया, लाओस, म्यामार और वियतनाम) को चुना गया है क्योंकि इनकी कानून व्यवस्था एक समान है। 

जीईएस के दौरान बुद्धिस्ट सर्किट, एडवेंचर और कैंपिंग टूरिज्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

Keyword: SEIS, Export Sechme, Corporate Ministry, FTP, Data, इंडोनेशिया, वियतनाम, जापान, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, म्यामार,,
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