बिजनेस स्टैंडर्ड - रियल्टी कोष: लागू करने की चिंता
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, November 13, 2019 05:06 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

रियल्टी कोष: लागू करने की चिंता

अर्णव दत्ता / नई दिल्ली November 08, 2019

रियल एस्टेट क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी सप्ताह 25,000 करोड़ रुपये के वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) को मंजूरी दी है। इससे देश में रियल एस्टेट डेवलपरों के बीच खुशी दिख रही है लेकिन विश्लेषकों ने इसके क्रियान्वयन को लेकर चिंता जताई है। फिच समूह की कंपनी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि एआईएफ के कारण कमजोर बाजार के बावजूद डेवलपरों की मूल्य निर्धारण क्षमता बढ़ सकती है। अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच की स्थानीय इकाई इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च ने कहा है कि अटकी एवं देरी वाली परियोजनाओं को समय पर पूरा किए जाने से न केवल मकान खरीदारों को मदद मिलेगी बल्कि इससे वित्त पोषण कंपनियों को भी फायदा होगा। मकान खरीदार लंबे समय से डिलिवरी का इंतजार कर रहे हैं जबकि रियल एस्टेट पर केंद्रित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियां कई परियोजनाओं को गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) श्रेणी में डाल चुकी हैं। लेकिन अब खरीदारों को जल्द डिलिवरी होने और एनबीएफसी को बंद हो चुकी परियोजनाओं के पुनर्जीवित होने की उम्मीद बंधेगी। हालांकि बड़ी तादाद में अनबिकी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किए जाने से मौजूदा इन्वेंटरी काफी बढ़ जाएगी जिससे डेवलपरों पर दबाव बढ़ जाएगा। एजेंसी ने कहा है, 'मांग-आपूर्ति में असंतुलन की स्थिति कहीं अधिक खराब हो सकती है और यदि मकानों की कुल मांग में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो इस क्षेत्र में मूल्य निर्धारण पर दबाव काफी बढ़ सकता है।'
 
रेटिंग एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों के दौरान मांग में नरमी के कारण नई परियोजनाओं की आपूर्ति काफी घट गई है। उसने कहा, 'ग्रेड 1 (उल्लेखनीय बाजार हिस्सेदारी वाली प्रतिष्ठित ब्रांड) कंपनियां भी सुरक्षित हो सकती हैं क्योंकि ग्रेड 1 से इतर कंपनियों से आपूर्ति सुचारू होगी।' ग्रेड 1 बिल्डर प्रतिष्ठित ब्रांड हैं जो उल्लेखनीय बाजार हिस्सेदारी, दमदार निष्पादन दक्षता, जबरदस्त वित्तीय लचीलापन के साथ मजबूत बहीखाता और नियामकीय अनुपालन करने वाली होती हैं।  विशेषज्ञों के अनुसार, अटकी परियोजनाओं का आकलन और निगरानी करने वाली तकनीकी टीम को उन परियोजनाओं पर ध्यान देना होगा जिनकी उल्लेखनीय बुकिंग अथवा बिक्री हो चुकी है। इससे न केवल अधिकतर मकान खरीदारों को डिलिवरी में मदद मिलेगी बल्कि प्रणाली में अनबिके मकानों की इन्वेंटरी बढऩे का जोखिम भी कम होगा। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टैंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, 'सरकार की प्राथमिकता बिक चुकी परियोजनाओं को तैयार करना होनी चाहिए।' 
Keyword: real estate, property, flat, fund, SBI, LIC, nirmala sitaraman,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार क्षेत्र को राहत देने के उपाय करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.