बिजनेस स्टैंडर्ड - डीजल निर्यात बढ़ाने पर विचार
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डीजल निर्यात बढ़ाने पर विचार

अमृता पिल्लई / मुंबई November 08, 2019

सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) अपना डीजल निर्यात बढ़ाने के बारे में विचार कर रही है। कंपनी के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि डीजल की घरेलू मांग में गिरावट के बावजूद रिफाइनरी के उपयोग का स्तर उचित स्तर पर बना रहे। कंपनी के निजीकरण की चर्चाओं पर बीपीसीएल के निदेशक (वित्त) एन विजयगोपाल ने कहा कि कंपनी को इस बारे में सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। 
 
बीपीसीएल डीजल निर्यात के आवधिक अनुबंधों के लिए जल्द ही निविदाएं जारी करेगी। विजयगोपाल ने कहा कि कंपनी हर महीने 2,00,000 टन डीजल के निर्यात पर विचार कर रही है। कंपनी ने सितंबर 2019 में समाप्त तिमाही के दौरान डीजल की बिक्री में 2.4 फीसदी गिरावट दर्ज की है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए डीजल की मांग में गिरावट चिंता का विषय है। हमें विदेश में डीजल बेचने को बाध्य होना पड़ रहा है क्योंकि घरेलू मांग कम है। मांग में गिरावट अगले छह महीनों में खत्म नहीं होगी।'
 
कंपनी ने अपने ईंधन बिक्री के खुदरा कारोबार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर ज्यादा जोर देने की योजना बनाई है। विजयगोपाल ने कहा, 'हम ग्रामीण बाजारों में खुदरा ईंधन बिक्री की अपनी हिस्सेदारी को अगले चार साल में बढ़ाकर 20 से 25 फीसदी करना चाहते हैं। यह इस समय 15 फीसदी है, जो हमारे निकट प्रतिस्पर्धी से कम है।' बीपीसीएल ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 8,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है, जिसमें से 4,000 करोड़ रुपये अभी तक खर्च किए जा चुके हैं। कंपनी ने अगले वित्त वर्ष में 12,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च की योजना बनाई है। 
 
कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) आलोच्य तिमाही में 3.38 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 5.57 डॉलर प्रति बैरल था। विजयगोपाल को उम्मीद है कि इंटरनैशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन (आईएमओ) के नए नियमनों के कारण अगली दो तिमाहियों में जीआरएम में सुधार आएगा। नए आईएमओ नियमनों के तहत जहाजों के लिए जनवरी 2020 से ज्यादा स्वच्छ ईंधन का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि तीसरी और चौथी तिमाही में जीआरएम पहली छमाही से बेहतर रहेगा।'
 
विजयगोपाल ने नए कॉरपोरेट कर ढांचे को अपनाने के बारे में कहा, 'चालू वित्त वर्ष में हमारा मैट क्रेडिट 500 करोड़ रुपये है। हम इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं कि हमें अलग कर वर्ग में जाना चाहिए या नहीं।' उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला अभी लिया जाना बाकी है। हालांकि कंपनी के इस साल बदलाव करने के आसार नहीं हैं। 
Keyword: BPCL, oil, diesel, export,,
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