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रियल एस्टेट को रकम देने पर विश्लेषक हुए सतर्क

पुनीत वाधवा / नई दिल्ली November 07, 2019

रियल एस्टेट के लिए 25,000 करोड़ रुपये का वैकल्पिक निवेश कोष बनाने के सरकारी कदम के बावजूद ज्यादातर विश्लेषक सतर्क बने हुए हैं और उनका सुझाव है कि संकट में फंसी कंपनियों को लाभ मिलने में वक्त लगेगा। साथ ही क्रियान्वयन की चुनौतियां भी हो सकती हैं। बुधवार को बाजार बंद होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने अटकी हुई करीब 1,600 हाउसिंग परियोजनाओं को बहाल करने के लिए एआईएफ बनाने की मंजूरी दी थी। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, यह फंड बनाने की समयसारणी और उसका वास्तविक क्रियान्वयन अहम है। एनारॉक के अनुमान के मुताबिक, 2013 या उसके पहले पेश कुल 5.76 लाख यूनिट देश के सात अग्रणी शहरों में विभिन्न चरणों में अटकी हुई हैं। मुंबई नगरपालिका क्षेत्र में करीब 2 लाख इकाइयां ऐसी हैं जहां निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है और इसकी कीमत 2.34 लाख करोड़ रुपये है। सिटी के हालिया अध्ययन में कहा गया है कि सात बड़े शहरों बेंगलूरु, मुंबई नगरपालिका क्षेत्र, एनसीआर, अहमदाबाद, हैदराबाद, कोलकाता और पुणे में अटकी परियोजनाओं में कुल 80,000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।
 
पात्रता नियम में छूट से इसके दायरे में दबाव वाली ज्यादातर परियोजनाएं (मध्यम से लेकर प्रीमियम समेत) आ जाएंगी। जेफरीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि यह कोष करीब 16 फीसदी अटकी परियोजनाओं को ही रकम मुहैया करा सकेगा और वह भी एक अवधि में। जेफरीज की रिपोर्ट में कहा गया है, कोष बनाने में तीन से छह महीने लग सकते हैं। परियोजनाओं की जांच, उसे छांटने और आकलन करने में भी समय लगेगा। निगरानी की व्यवस्था भी करनी होगी ताकि सुनिश्चित हो कि फंड मिलने के बाद परियोजना के काम तेजी आई, परियोजना की लागत वास्तविक है और फंड का डेवलपरों ने दुरुपयोग नहीं किया। एसबीआई व एलआईसी के अलावा संस्थागत रकम इसमें आएगी, लिहाजा एआईएफ की विशिष्ट आंतरिक रिटर्न की दर होनी चाहिए। ऐसे में सौदे का ढांचा पेचीदा हो सकता है। 
 
निवेश की रणनीति के लिहाज से विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक को वैसी कंपनी पर ध्यान देना चाहिए जिसका कर्ज ज्यादा न हो, प्रबंधन बेहतर हो और राजस्व में स्पष्टता के अलावा परियोजना पूरी करने का अच्छा रिकॉर्ड रहा हो। कैलेंडर वर्ष 2019 में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा है और निफ्टी-50 के 10 फीसदी के मुकाबले इसकी बढ़त की रफ्तार करीब 18 फीसदी रही है।
Keyword: real estate, property, flat, fund, SBI, LIC, nirmala sitaraman,,
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