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ईपीसी खंड में सड़क डेवलपरों के राजस्व में आएगी कमी

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली November 06, 2019

इंजीनियरिंग, खरीद और विनिर्माण (ईपीसी) खंड में सड़क डेवलपरों के राजस्व वृद्घि में कमी आ सकती है। क्रिसिल ने अपने अध्ययन में पाया है कि ईपीसी खंड में इन डेवलपरों का राजस्व वृद्घि वित्त वर्ष 2019 के 30 फीसदी के मुकाबले वित्त वर्ष 2020 और 2021 में घटकर 15 फीसदी रह सकती है। राजस्व वृद्घि में यह गिरावट मोटे तौर पर परियोजनाओं के आवंटन की धीमी गति और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनचएआई) से मिलने वाली निर्धारित तिथि में देरी होने की वजह से है। यहां निर्धारित तिथि से आशय परियोजना शुरू होने की तारीख से है। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक सचिन गुप्ता ने कहा, 'एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2018 में आश्चर्यजनक रूप से 7,400 किलोमीटर की परियोजना का आवंटन किया था जो अगले ही वर्ष घटकर 2,200 किलोमीटर रह गई। चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में आवंटित की जाने वाली परियोजना प्रति वर्ष 4,000 किलोमीटर की हो सकती है। आवंटित परियोजनाओं के लिए निर्धारित तिथि घोषित करने में देरी की प्रमुख वजह भूमि अधिग्रहण है। 119 हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) परियोजनाओं के अध्ययन में क्रिसिल ने पाया कि इनमें से करीब 30 फीसदी परियोजनाओं को आवंटन के एक वर्ष से अधिक समय हो जाने के बाद भी निर्धारित तिथि नहीं मिली है।'     
 
क्रिसिल इस खंड में जिन 75 कंपनियों की रेटिंग करती है उससे संकेत मिलते हैं कि इस सुस्ती का ईपीसी कंपनियों के ऋण प्रोफाइल पर कोई असर होने की संभावना नहीं है। पहली बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष में इन कंपनियों के पास 2 लाख करोड़ रुपये का अच्छा खासा आर्डर बुक था जो वित्त वर्ष 2019 में उनके राजस्व के तीन गुने से अधिक है और यह अगले दो वर्षों के लिए राजस्व मजबूती प्रदान करता है। दूसरी बात है कि इन कंपनियों ने वृद्घि करते हुए अपने कर्ज के स्तरों पर काबू रखा है।  
Keyword: EPC, crisil, developer,,
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