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सऊदी अरब के लिए सीटें बढ़ाने का करार

अनीश फडणीस / मुंबई November 05, 2019

भारत और सऊदी अरब के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच नया विमानन सेवा समझौता हुआ है। अब एक हफ्ते में दोनों देशों के बीच आने-जाने वाले हवाई यात्रियों का कोटा बढ़कर 50,000 कर दिया गया है जो पहले 28,000 ही था। हालांकि बढ़ी हुई सीटें चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी। गत सप्ताह सऊदी अरब के रियाद में इस आशय के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने सोमवार को यहां बताया कि नए समझौते के बाद पहले चरण में सीटों को बढ़ाकर 36,000 किया जाएगा और फिर उसे बढ़ाकर 50,000 तक पहुंचाया जाएगा। इस समझौते के बाद दोनों देशों से संचालित होने वाली एयरलाइंस अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। 
 
हालांकि भारत का विमानों में सीटें बढ़ाने का यह फैसला उसके मौजूदा रुख से थोड़ा अलग है। हाल ही में कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत कई पश्चिम एशियाई देशों ने भारत से सीटें बढ़ाने का अनुरोध ठुकरा दिया था। लेकिन सऊदी अरब के साथ इस तरह का समझौता करना अपवाद है। यह भारत और सऊदी अरब के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का नतीजा भी हो सकता है। यही वजह है कि भारतीय एयरलाइंस ने यात्रियों का कोटा बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। 
 
दरअसल भारत एवं सऊदी अरब के बीच विमान यात्रा की अलग प्रकृति भी इसके लिए जिम्मेदार है। सऊदी अरब से आगे जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम है। अधिकतर यात्री भारत से सऊदी अरब और सऊदी अरब से भारत तक ही आते-जाते हैं। इसके उलट अबु धाबी, दुबई, दोहा या मस्कट हवाईअड्डïों का इस्तेमाल भारतीय यात्री अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका की यात्रा के एक पड़ाव के तौर पर करते हैं। सीटें बढ़ाने का नया समझौता होने के बाद दोनों देशों की एयरलाइंस अपना ट्रैफिक एवं लोड बढ़ा सकेंगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 30 फीसदी यात्री दूसरे खाड़ी देशों के रास्ते आते हैं लेकिन सीधी उड़ानों में सीटें बढऩे से इन एयरलाइंस को अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि नागरिक उड्डïयन मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस सिलसिले में भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया है। 
 
वर्ष 2018 में दोनों देशों के बीच करीब 50 लाख यात्रियों की आवाजाही रही थी। भारतीय एयरलाइंस में एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और स्पाइसजेट अलग-अलग शहरों से सऊदी अरब के लिए उड़ानें संचालित करती हैं जबकि सऊदी अरब से सऊदी अरेबियन एयरलाइंस और फ्लाईनैस की उड़ानें भारत आती हैं। जेट एयरवेज की उड़ानें बंद होने से यात्री वृद्धि पर असर देखा गया है।
Keyword: aviation, flight, airport, AAI,,
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