बिजनेस स्टैंडर्ड - सरकारी दूरसंचार फर्मों की नई फांस
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सरकारी दूरसंचार फर्मों की नई फांस

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 11 05, 2019

एमटीएनएल-बीएसएनएल

बिजनेस स्टैंडर्ड सरकारी दूरसंचार फर्मों की नई फांससरकारी दूरसंचार कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) की परिसंपत्तियों को बेचने में मुश्किल आ रही है और इसमें अनुमान से ज्यादा समय लगेगा। इसका कारण यह है कि 1988 से पहले पंजीकृत इमारतें दूरसंचार विभाग की हैं। वित्तीय संकट से जूझ रही इन कंपनियों को पहले इन इमारतों को सरकार से खरीदना पड़ेगा और तभी वे उनकी बिक्री कर सकती हैं।

एक अधिकारी ने कहा, 'अगर सरकार यह परिसंपत्तियां मुफ्त में भी खरीदती हैं तब भी संबंधित राज्यों के साथ बिक्री करार के जरिये लेनदेन होना चाहिए। 1988 से पहले की परिसंपत्तियां दूरसंचार विभाग के नाम पर हैं और विभाग को उन्हें बीएसएनएल और एमटीएनएल को बेचना होगा।' हालांकि, बीएसएनएल और एमटीएनएल उन इमारतों को बेच सकती हैं जो उन्होंने 2004 के बाद खरीदी थीं क्योंकि इन पर उनका मालिकाना हक है।

केंद्र सरकार उम्मीद कर रही है कि दोनों कंपनियों की 37,500 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को बेचने से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल उनके कर्ज का भुगतान करने, उनके नेटवर्क को उन्नत बनाने और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना वीआरएस में किया जाएगा। इन परिसंपत्तियों में भूखंड और किराये तथा पट्टïे पर दी गई इमारतें शामिल हैं। एमटीएनएल के केवल दिल्ली में ही 29 रिटेल आउटलेट हैं।

दीवाली से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 70 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का मंजूरी दी थी। ये दोनों कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं और अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दे पा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक बीएसएनएल कर्मचारियों का वेतन एक महीने और एमटीएनएल कर्मचारियों का वेतन दो महीने पीछे चल रहा है।

राहत पैकेज में 15 हजार करोड़ रुपये का सॉवरिन बॉन्ड इश्यू भी शामिल है जिसका भुगतान इन दो कंपनियों को करना होगा। साथ ही बीएसएनएल और एमटीएनएल को 2016 के नीलामी कीमत पर निर्धारित मूल्य पर 4जी स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए जाएंगे। दोनों कंपनियों को 20,140 करोड़ रुपये मूल्य के 4जी स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाएंगे।

साथ ही 50 फीसदी कर्मचारियों के वीआरएस के लिए 29,937 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम आवंटन पर लगने वाले जीएसटी के रूप में 3,674 करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे। 50 साल और इससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को वीआरएस की पेशकश की जाएगी और इसकी एकमुश्त राशि के रूप में 17,169 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन की जरूरत होगी। शेष 12,768 करोड़ रुपये पेंशन लाभ के अग्रिम भुगतान के लिए दिए जाएंगे।

कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उम्र घटेगी!

वीआरएस पूरा होने के बाद केंद्र सरकार बीएसएनएल और एमटीएनएल के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र घटाकर 58 साल कर देगी। सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किए गए राहत पैकेज का हिस्सा था। दोनों कंपनियों द्वारा वीआरएस योजना को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी।बीएसएनएल के करीब 1,76,000 कर्मचारी और एमटीएनएल के 22,000 कर्मचारी हैं। इनमें से लगभग आधे कर्मचारी अगले पांच-छह साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 50 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को वीआरएस की पेशकश की जाएगी। अगर आधे पात्र कर्मचारियों ने भी यह पेशकश स्वीकार कर ली तो यह संख्या 40 हजार होगी।
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