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सपनों को उड़ान के लिए मिल रहे पंख

रमणी रंजन महापात्र /  November 03, 2019

स्टार्टअप को शुरुआती स्तर पर वित्त सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाली वाई-कॉम्बिनेटर एक वर्ष में दो बार इस तरह के कार्यक्रम करती है। उन्होंने वर्ष 2019 के ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम के लिए 10 भारतीय स्टार्टअप को चुना है। रमणी रंजन महापात्र ऐसे ही तीन स्टार्टअप के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिनमें से प्रत्येक को कारोबार शुरू करने के लिए 1.5 लाख डॉलर मिलेंगे। 

नौकरियों का संदेशवाहक  

क्या आप नौकरी की तलाश में हैं? या भर्ती करने के लिए कर्मचारियों को खोज रहे हैं? आप व्हाट्सऐप या ई-मेल के जरिये 'वाहन' से संपर्क कर सकते हैं जो लक्षित व्यक्तियों तक आपका संदेश प्रेषित कर देगा। माधव कृष्णा ने वर्ष 2016 में व्हाट्सऐप-एपीआई आधारित कर्मचारी नियुक्ति ऐप वाहन को लॉन्च किया। उनका कहना है, 'एक साथ बहुत अधिक लोगों तक पहुंचने और प्रभाव बनाने के लिए स्मार्टफोन सबसे अच्छा माध्यम है।' स्टार्टअप के ग्राहकों में जोमैटो, स्विगी, उबर, डुंजो और लालामूव आदि कंपनियां शामिल हैं।

सात वर्षों तक अमेरिका के तकनीकी स्टार्टअप क्षेत्र में काम करने के बाद कृष्णा अपने लिए नई शुरुआत करने भारत लौटे। उन्होंने व्हाट्सऐप में आभासी अंग्रेजी अध्यापन तकनीक के साथ यह प्लेटफॉर्म शुरू किया। कृष्णा कहते हैं, 'हमारे लक्षित ग्राहकों की संख्या काफी अधिक थी और जब हमें इस बात का आभास हुआ तो हमने उबर, फ्लिपकार्ट, क्लब महिंद्रा जैसे नियोक्ताओं के साथ काम करने का निर्णय लिया। इन कंपनियों के पास बहुत अधिक कार्यबल है जो कई स्थानों पर वितरित है। कंपनियां इस कार्यबल को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, कंपनियों में आने के लिए आवेदकों की संख्या इतनी अधिक है कि वे कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए निवेश नहीं करना चाहतीं।'

कृष्णा ने पाया कि इन कर्मियों की भर्ती करना कंपनियों के लिए काफी बड़ी चुनौती थी। वह कहते हैं, 'नौकरी की चाह रखने वालों को व्हाट्सऐप पर केवल मेसेज करना होता है। हमारा कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक समर्थित रोबोट उनसे बातचीत शुरू करता है और उन्हें रिक्त नौकरियों के बारे में जानकारी देता है।'

वाहन का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर 13 लाख से अधिक नौकरी खोजने वाले लोग पंजीकृत हैं जिनमें से 23,000 को नौकरी दी जा चुकी है। प्रत्येक योग्य अभ्यर्थी के हिसाब से नियोक्ता कंपनियां स्टार्टअप को सबस्क्रिप्शन शुल्क का भुगतान करती हैं। स्टार्टअप के निवेशकों में गूगल के लिए एडसेंस बनाने वाले गोकुल राजाराम, यूट्यूब में प्रमुख (उत्पाद) मीनल मेहता, गूगल में उत्पाद विपणन के पूर्व वैश्विक प्रमुख संजीव अग्रवाल, फ्लिपकार्ट के पूर्व प्रमुख (इंजीनियरिंग) एम माहेश्वरी और वाई कॉम्बिनेटर शामिल हैं। 

कृष्णा कहते हैं, 'वाई कॉम्बिनेटर ग्रीष्मकालीन कैंप का हिस्सा होने से हमारी कंपनी को निवेशकों के साथ साथ संभावित ग्राहकों के संबंध में वैश्विक पहचान और विस्तार मिलेगा।' वाहन अपने उत्पाद का विस्तार विभिन्न दूसरी श्रेणियों में करना चाहता है। कृष्णा कहते हैं, 'दीर्घावधि में हम कर्ज और बीमा जैसी वित्तीय सेवाओं के लिए एक माध्यम बनने की योजना पर भी काम कर रहे हैं।'  

बाल टूटने की फिक्र एक क्लिक में छूमंतर 

हैदराबाद निवासी अनुदीप रेड्डी कॉलेज में पढ़ाई के समय बाल टूटने की समस्या से काफी परेशान थे। उन्होंने अलग-अलग तरह के तेल लगाए और बाजार में बिकने वाले दूसरे उत्पाद, यहां तक कि लगभग एक लाख रुपये कीमत वाली लेजर कैप भी खरीदी लेकिन सब व्यर्थ गया। जब वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए तो उन्होंने देखा कि वहां बाल टूटने के लिए लोग दवाइयां लेते हैं जबकि भारत में किसी भी सुझाव और किसी भी तरह के उत्पाद को अपना लिया जाता था। 

रेड्डïी कहते हैं, 'इसने मुझे अहसास कराया कि बाजार में एक भरोसेमंद मंच होना चाहिए जहां लोगों को बाल झडऩे की समस्या का उचित इलाज मिल सके।' यह देखते हुए उन्होंने बाल टूटने से रोकने की बचाव किट बेचने के लिए स्टार्टअप नोनूकेयर की स्थापना की। 

नोनूकेयर ने 20 जुलाई को ऑनलाइन परिचालन शुरू किया है यह बाल झडऩे की समस्या से परेशान व्यक्तियों को ऑनलाइन माध्यम से चिकित्सकों से जोड़ता है और उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराता है। व्यक्ति को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी परेशानी बतानी होती है और फोटो अपलोड करने के साथ एक प्रश्नावली के जवाब देे होते हैं। ऐप से जुड़े चिकित्सक इन्हें रिव्यू करते हैं और जरूरी उपाय सुझाता है।

 

रेड्डïी बताते हैं कि व्यक्ति के ऑनलाइन खाते में चिकित्सक के सुझाव मौजूद होते हैं। उन्होंने अपने माता-पिता द्वारा दिए गए 35 लाख रुपयों की मदद से मार्च में ऐप पर काम करना शुरू किया था। इस बीच नोनूकेयर को लाइसेंस मिल गया और एक महीने बाद ही उन्होंने वाई कॉम्बिनेटर के ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम के लिए आवेदन कर दिया। वह कहते हैं, 'वाई कॉम्बिनेटर ने उत्पाद को वैश्विक स्तर पर जल्दी लॉन्च करने में काफी मदद की। ऐप को बेहतर बनाने के लिए साझेदार कंपनियों से मिली प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद।' 

फिलहाल नोनू केयर के 650 सबस्क्राइबर हैं और वे आवेदकों की जरूरत के हिसाब से चिकित्सकों को शामिल करते हैं। इनके द्वारा दी जा रही हेयर किट में बाल टूटना रोकने के लिए अमेरिकी दवा नियामक द्वारा प्रमाणित दो दवाइयां, प्राकृतिक विटामिन चॉकलेट और हर्बल मेडिसन शामिल हैं। वेबसाइट का दावा है कि भारत और अमेरिका के 1,000 से भी ज्यादा चिकित्सकों ने इस उत्पाद की अनुशंसा की है। 

हर जगह की खबरों से लेकर विज्ञापन तक का सफर  

भारत में अंग्रेजी भाषी लोग इंटरनेट के माध्यम से लगभग सभी तरह की जरूरतें, जैसे नौकरियां, विज्ञापन, ई-कॉमर्स, वित्त और शिक्षा आदि को पूरा कर लेते हैं। दूसरी ओर गैर-अंग्रेजी भाषी लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री की कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए आईआईटी के दो पूर्व छात्र जानी पाशा और विपुल चौधरी ने वर्ष 2018 में लोकल नाम से एक ऐप ल़ॉन्च किया। 

लोकल ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्य की स्थानीय खबरें और विज्ञापन तेलुगू भाषा में उपलब्ध हैं। वर्तमान में 18 तेलुगू भाषी जिलों में इसके 10 लाख से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं और कंपनी का दावा है कि पिछले 10 महीनों में मासिक आधार पर उसकी वृद्धि दर 27 प्रतिशत रही है। 

पाशा कहते हैं, '11 जिलों में सबसे अधिक बंटने वाले अखबार से अधिक पाठक हमारे ऐप पर हैं। हम जल्दी ही दो अन्य राज्यों में ऐप लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।' पाशा और चौधरी, दोनों ने पहले एक न्यूज एग्रीगेटर ऐप विकसित किया था जो समयसीमा के आधार पर खबरें उपलब्ध कराता था। पाशा बताते हैं, 'ज्यादा लोग उसका उपयोग नहीं कर रहे थे। हमने ग्राहकों से बात किए बिना वह उत्पाद बनाया।'

इससे सीख लेते हुए दोनों ने वापस योजना बनानी शुरू की और पाठकों की इच्छा और जरूरत को समझने के लिए उनके साक्षात्कार करने शुरू किए। कुछ समय बाद वे उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में रहने वाले पत्रकारों के एक समूह से मिले जो व्हाट्सऐप वीडियो के माध्यम से स्थानीय खबरें उपलब्ध करा रहे थे। 

पाशा कहते हैं, 'इसके बाद हमने दक्षिण भारत के एक छोटे से शहर में 10 लोगों के साथ एक व्हाट्सऐप समूह शुरू किया और एक पत्रकार को साथ लिया। 7 दिनों के भीतर हमारे समूह के पाठक लगातार बढऩे लगे और हमें अपनी खबरों की महत्ता का अहसास होने लगा।'

मई 2018 में स्टार्टअप ने वेंचर कैपिटल फर्म इंडिया क्वोशंट से वित्तीय राशि जुटाई जिसने शुरुआती स्तर पर प्लेटफॉर्म के विस्तार में मदद की। पाशा कहते हैं, 'आज के समय हम तीन क्षेत्र में काम कर रहे हैं, स्थानीय खबरें, स्थानीय विज्ञापन और स्थानीय स्तर पर जानकारियां।' स्टार्टअप ने कई फ्रीलांसर और स्थानीय पत्रकारों को भर्ती किया है जो प्लेटफॉर्म पर सामग्री भेजने के हिसाब से भुगतान पाते हैं। नौकरियां, शादी, रियल एस्टेट जैसे विज्ञापन स्थानीय भाषा में दिए जाते हैं। स्थानीय जानकारियों में मंदिरों का पता और आरती का समय, शहर में होने वाले सभी घटनाक्रमों की जानकारी और स्थानीय अस्पतालों के मोबाइल नंबर आदि शामिल है। पाशा के अनुसार स्टार्टअप फिलहाल राजस्व पर अधिक ध्यान नहीं दे रहा है। 

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