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सरकार से बजट में ज्यादा धन मांगेगा एनएचएआई

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली November 03, 2019

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) केंद्र से अगले वित्त वर्ष (2020-21) के लिए 25,000 करोड़ रुपये अधिक रकम की मांग करेगा। प्राधिकरण को यह रकम अपनी महत्त्वाकांक्षी राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए चाहिए।  पता चला है कि प्राधिकरण ने सरकार से पिछले वित्त वर्ष के बजटीय समर्थन से 25,000 करोड़ रुपये अधिक की मांग की है। प्राधिकरण के पास मौजूदा वर्ष में 75,000 करोड़ रुपये उधारी से जुटाने की मंजूरी है जबकि सरकारी समर्थन 36,691 करोड़ रुपये का है। एनएचएआई ने अपना प्रतिवेदन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को दिया है जो इसे वित्त मंत्रालय के पास भेजेगा।    

इस मामले के जानकार एक अधिकारी के मुताबिक सड़क मंत्रालय एनएचएआई से मिले प्रस्ताव से भी अधिक बजटीय समर्थन की मांग कर सकता है। अभी प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास नहीं भेजा गया है। एनएचएआई 18,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए बोली अगले कुछ महीनों में मंगाएगा जिसमें वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पांच हाइब्रिड-एन्यूटी पैकेज, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर चार ईपीसी (इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन) पैकेज और उत्तर प्रदेश व बिहार में परियोजनाएं शामिल हैं।  बजटीय समर्थन से निजी निवेश की कमी की भरपाई कर पाने में अक्षम रहने के कारण एनएचएआई पर विश्लेषकों की नजर रही है। विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक प्राधिकरण का कर्ज 2.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाने की उम्मीद है। 

वित्त वर्ष 2019 में अलग अलग बैंकों से जुटाए गए कर्ज, टोल राजस्व और सड़क मुद्रीकरण योजना से प्राधिकरण को 62,000 करोड़ रुपये मिले थे।  चालू वित्त वर्ष में एनएचएआई को भारतमाला परियोजना के तहत बड़े कामों के लिए आवंटन किया गया है। यह रकम केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ), पर्मानेंट ब्रिजेज फी फंड (पीबीएफएफ) और मोनेटाइजेशन ऑफ नैशनल हाइवे फंड (एमएनएचएफ) से जुटाई जाएगी।  

भारतमाला कार्यक्रम के तहत अनुमानित 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 20,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाना है। पहले चरण का काम तीन से पांच वर्ष में पूरा किया जाएगा जिसमें परियोजना लागत 5.5 लाख करोड़ रुपये होगी। परियोजना के लिए रकम विभिन्न स्रोतों से जुटाई जाएगी जिसमें बाजार से 2.09 लाख करोड़ रुपये, निजी निवेश से 1.06 लाख करोड़ रुपये और केंद्रीय सड़क फंड या टोल संग्रह से 2.19 लाख करोड़ रुपये जुटाई जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव पर खर्च होने वाली रकम की व्यवस्था केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष से किया जाता है। इस काम को राज्यों के लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन, नैशनल हाइवेज ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एनएचएआई द्वारा एजेंसी आधार पर पूरा किया जाता है।
Keyword: NHAI, Road, Budget, Fund, Road Projcet,
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