बिजनेस स्टैंडर्ड - डिमांड में देसी फर्मों के डॉलर बॉन्ड
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, December 15, 2019 04:46 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

डिमांड में देसी फर्मों के डॉलर बॉन्ड

देव चटर्जी / मुंबई November 03, 2019

भारतीय कंपनियां अपने डॉलर बॉन्डों की मांग में काफी तेजी देख रही है, जो उन्हें स्थानीय बाजारों में जारी नकदी की परेशानी में काफी राहत दे रही है। बीएस रिसर्च ब्यूरो की तरफ से संग्रहित आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय कंपनियों ने कैलेंडर वर्ष 2019 के पहले 10 महीने में 13.74 अरब डॉलर जुटाए हैं जबकि पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.65 अरब डॉलर जुटाए थे। बैंकरों ने कहा, ऊर्जा व बुनियादी ढांचा कंपनियों को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है क्योंकि कर्ज पुनर्भुगतान में उनका ट्रैक रिकॉर्ड भारत की रियल एस्टेट व दूरसंचार कंपनियों के मुकाबले बेहतर है।

मौजूदा वर्ष में रकम जुटाने वाली अग्रणी कंपनियों में इंडियन ऑयल, नेटवर्क आई2आई लिमिटेड, श्रीराम ट्रांसपोर्ट और अदाणी पोर्ट ऐंड एसईजेड लिमिटेड और आरईसी शामिल हैं। एक बैंकर ने कहा, कुछ भारतीय कंपनियों को भारतीय सॉवरिन रेटिंग के मुकाबले बेहतर क्रेडिट रेटिंग मिली, जिसने भारतीय कंपनियों के विदेशी बाजार में रकम जुटाना आसान बना दिया। इन बॉन्डों का द्वितीयक बाजार में कारोबार होता है, जहां डेट को लेकर सेंटिमेंट बाजार कीमत पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा, बॉन्डों की पेशकश के बाद ये कंपनियां (ऊर्जा व बुनियादी ढांचा कंपनियां) अच्छी कीमत पर कारोबार कर रही हैं, लिहाजा निवेशकों और कंपनियों को नई प्रतिभूतियां पेश करने का आत्मविश्वास दे रही हैं। अदाणी ग्रीन ने अक्टूबर में 20 वर्षीय ग्रीन बॉन्ड के जरिए 36.3 करोड़ डॉलर जुटाए और उसे 2 अरब डॉलर के आवेदन मिले।

विलय-अधिग्रहण की बढ़ती गतिविधियों से भारतीय कंपनियां नए बाजार व बेहतर तकनीकों तक सीधे पहुंच रही हैं। यह उन्हें अपना ग्राहक आधार बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर पहुंचने में सक्षम बना रहा है। पिछले हफ्ते आईएफआर ने खबर दी है कि अदाणी एबॉर पॉइंट पोर्ट टर्मिनल के 2022 बॉन्ड की बाजार कीमत इस साल जनवरी से अब तक 15 फीसदी बढ़ी है और इस तरह से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। इसकी मुख्य वजह कोयला परियोजना को लेकर ऑस्ट्रेलिया की राजनीतिक अवधारणा में तेजी से हुआ बदलाव है। इसने तय दर वाले बॉन्ड को लेकर निवेशक का भरोसा दुरुस्त किया है, जिसने साल 2019 में बॉन्ड मार्केट बेंचमार्क के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है।

Keyword: BSE, Bombay Stock Exchange Ltd., NSE, National Stock Exchange of India Ltd., Share Market, Sensex, Closing Values, Opening, Equity,इंडियन ऑयल, नेटवर्क आई2आई लिमिटेड, श्रीराम ट्रा,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बैंकों की तरह सख्त नियम से एनबीएफसी में बढ़ेगी जवाबदेही?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.