बिजनेस स्टैंडर्ड - बैठकों में हैकिंग की सूचना नहीं देने से सरकार चिंतित
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, May 21, 2022 05:51 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

बैठकों में हैकिंग की सूचना नहीं देने से सरकार चिंतित

एजेंसियां /  November 01, 2019

सरकार ने इस बात को लेकर चिंतित व्यक्त की है कि व्हाट्सऐप के साथ जून से अब तक उसके साथ हुई कई दौर की बातचीत हुई पर कंपनी ने एक बार भी पेगासस हैकिंग घटना का उल्लेख नहीं किया। सरकारी स्रोतों ने इसकी जानकारी दी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त के साथ सवाल उठाया कि यह व्हाट्सऐप संदेशों के स्रोत की जानकारी तथा जवाबदेही तय करने के लिए कोई कदम उठाने से सरकार को रोकने के लिए कंपनी की ओर से किसी तरह की रुकावट करने जैसी चाल तो नहीं है। 
 
सरकार हैकिंग मामले के खुलासे के समय को लेकर भी सवाल कर रही है। यह इस कारण महत्त्वपूर्ण हो जाता है कि केंद्र सरकार ने देश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के उपाय के लिए उच्चतम न्यायालय से तीन महीने का समय मांगा है। सूत्रों ने कहा कि सरकार दुर्भावनापूर्ण संदेशों की सामग्री के बजाय उसका स्रोत जानने पर जोर देगी। फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप के दुनिया भर में डेढ़ अरब से अधिक उपयोगकर्ता हैं। अकेले भारत में ही करीब 40 करोड़ व्यक्ति इसका उपयोग करते हैं। व्हाट्सऐप इससे पहले भी फर्जी खबरों के प्रसार को लेकर सरकार के निशाने पर रह चुकी है। 
 
हालांकि व्हाट्सऐप ने शुक्रवार को कहा कि उसने हैकिंग मामले में ठोस कदम उठाया है और वह सभी नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत पर भारत सरकार का समर्थन करती है। व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम सभी भारतीय नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत को लेकर भारत सरकार के बयान से सहमत हैं। इसी कारण हमने साइबर हैकरों की जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इसी कारण व्हाट्सऐप अपनी सेवाओं के जरिए सभी उपयोग कर्ताओं के संदेशों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।'
 
हालांकि प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि व्हाट्सऐप ने सरकार के स्पष्टीकरण का जवाब दिया है या नहीं। व्हाट्सऐप का कहना है कि इस हैकिंग में शामिल हैकरों द्वारा उपयोग में लाई गई तकनीक के पीछे इजराइल की निगरानी फर्म एनएसओ ग्रुप का हाथ है जिसमें राजनायिकों, राजनीतिक हस्तियों, पत्रकारों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों आदि 1,400 उपयोगकर्ताओं के खाते हैक किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि व्हाट्सऐप ने वैश्विक स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी किए जाने का गुरुवार को खुलासा किया था। कंपनी ने बताया था कि कुछ भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी के शिकार हुए हैं। सरकार ने इसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए व्हाट्सऐप से मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। सरकार ने यह भी पूछा कि व्हाट्सऐप ने लोगों की निजता की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए हैं। सूत्रों के अनुसार, कंपनी को चार नवंबर तक जवाब देने को कहा गया है।
 
रूस में विवादास्पद कानून लागू 
 
रूस के इंटरनेट ट्रैफिक को अंतरराष्ट्रीय सर्वर से कटौती की अनुमति देने वाला विवादास्पद कानून शुक्रवार को प्रभाव में आ गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मई में इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे और इसके तहत रूसी इंटरनेट प्रदाताओं को अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए तकनीकी उपकरण लगाने होंगे जिससे इंटरनेटल ट्रैफिक पर केंद्रीय नियंत्रण स्थापित किया जा सके। ये उपकरण प्रतिबंधित वेबसाइटों तक पहुंच को रोकने के लिए इंटरनेट सामग्री को फिल्टर भी करेंगे। कानून के समर्थकों का कहना है कि इसके जरिये यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि रूसी वेबसाइटें साइबर हमलों जैसे बाह्य हमलों के मामलों में अंतरराष्ट्रीय सर्वर से अलग कर दिया जाए और वे लगातार काम करती रहें। 
 
हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सरकार द्वारा सेंसरशिप लगाने का एक और प्रयास है और पहले भी लिंक्डइन तथा टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाकर ऐसा किया जा चुका है। ह्यूमनराइट वॉच ने चेतावनी दी है कि नए कानून के बाद रूसी सरकार को अभिव्यक्ति की आजादी तथा ऑनलाइन सूचना पर अधिक नियंत्रण मिल जाएगा। देश में राजनीतिक वाद-संवादों के लिए इंटरनेट अहम माध्यम है। 
Keyword: whatsapp, IT, spyware,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या टैक्सी सेवा प्रदाताओं पर सीसीपीए को करनी चाहिए कार्रवाई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.