बिजनेस स्टैंडर्ड - मप्र: मंदा है प्रॉपर्टी बाजार, सरकार दे पाएगी रफ्तार?
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, November 13, 2019 04:39 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम खबर

मप्र: मंदा है प्रॉपर्टी बाजार, सरकार दे पाएगी रफ्तार?

संदीप कुमार /  October 31, 2019

सरकार के एक के बाद एक कदमों के बावजूद मध्य प्रदेश में अचल संपत्ति बाजार अभी भी जोर नहीं पकड़ सका है। दरअसल यह बाजार बीते कुछ वर्ष में एक के बाद एक लगे झटकों से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। अचल संपत्ति क्षेत्र के कारोबारियों का कहना है कि पहले नोटबंदी, फिर रेरा और अंत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन में हुई चूक ने प्रदेश में रियल एस्टेट कारोबार की कमर तोड़ दी है। यही कारण है कि भोपाल सहित प्रदेश के तमाम बड़े शहरों में अचल संपत्ति कारोबार गिरावट पर है। बने हुए मकानों को खरीदने वाले बाजार में नहीं हैं। 

 
भोपाल है बेहाल
 
कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के मध्य प्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट वासिक खान कहते हैं, 'अकेले भोपाल शहर में 12 से 14 हजार मकान तैयार या अधबने हैं जिन्हें ग्राहकों का इंतजार है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के सीमित होने और रोजगार के अधिक अवसर न होने के कारण लोगों के पास खरीद क्षमता नहीं है।' खान कहते हैं कि प्रदेश के रियल्टी बाजार में पिछले 3-4 वर्ष से मंदी बनी हुई है। इसके लिए नीतिगत चूक जवाबदेह हैं। खान कहते हैं कि सरकार ने जीएसटी में रियल्टी सेक्टर को दी गई इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा को समाप्त कर दिया है। अचल संपत्ति नियामक प्राधिकरण (रेरा) के बारे में खान कहते हैं कि उसका काम बिल्डर और ग्राहकों के बीच भरोसे कायम करने का है लेकिन आज रेरा विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूलने का जरिया बन गया है। खान कहते हैं कि यह सारा बोझ आखिरकार ग्राहकों पर जाता है। 
 
कीमत पर दबाव क्यों?
 
कीमतों पर दबाव के कई कारण हैं। पहला कारण तो यही है कि नोटबंदी के बाद इस क्षेत्र में नकदी का कारोबार काफी कम हो गया। वहीं दूसरी ओर रेरा के आने के बाद डेवलपरों के लिए एक परियोजना के मद में आवंटित राशि को दूसरी परियोजना में इस्तेमाल करना संभव नहीं रह गया। कारोबारियों के मुताबिक अचल संपत्ति क्षेत्र में मंदी आने का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पहले जहां 30 लाख या इससे अधिक मूल्य के मकानों पर बिक्री का दबाव था वहीं अब 10 से 15 लाख रुपये के अपेक्षाकृत सस्ते अपार्टमेंट खरीदने वाले भी नजर नहीं आ रहे हैं।
 
इंदौर है बेहतर
 
प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर की स्थिति रियल एस्टेट के मामले में भोपाल से बेहतर है। इंदौर में देवास बाईपास के आसपास तेजी से विकास हो रहा है। इंदौर में किराये के मकानों और पुराने मकानों का बाजार भी अच्छा है क्योंकि वाणिज्यिक केंद्र होने के कारण अलग-अलग हिस्सों से लोग आजीविका की तलाश में इंदौर पहुंचते हैं। हाल के दिनों इंदौर और उसके आसपास ऑटो टेस्टिंग ट्रैक, स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, खंडवा रोड पर क्रिस्टल आई टी पार्क के निर्माण के चलते इनके आसपास आवासीय परिसरों में इजाफा होना तय है।
 
सरकार के कदम
 
हालांकि मध्य प्रदेश की नई सरकार ने अपने आगमन के बाद से ही रियल एस्टेट सेक्टर में बेहतरी के लिए कई कदम उठाये हैं। उसने अचल संपत्ति के क्षेत्र में कलेक्टर गाइड लाइन दरों में कमी की। कॉलोनाइजरों के लिए जरूरी मंजूरी की तादाद 27 से घटाकर 5 की। अब हर कॉलोनी के लिए अलग लाइसेंस के बजाय एक कॉलोनाइजर को पूरे राज्य में एक ही लाइसेंस की जरूरत है।  2 हेक्टेयर से कम भूभाग पर कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी गई है।
 
नई रियल एस्टेट नीति
 
मध्य प्रदेश सरकार हाल ही में अपनी पहली रियल एस्टेट नीति लेकर आई है। नगरीय प्रशासन और आवास मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने बताया कि इस नीति में सभी के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच साल में 108722 करोड़ रुपये का निर्माण कार्य कराने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी नई रियल एस्टेट नीति में यह व्यवस्था की है कि 25 साल से पुराने जर्जर हो चुके आवासों को बिल्डर दोबारा निशुल्क बनाकर मकान मालिक को सौंपेंगे। इसके लिए सरकार उन्हें 50 फीसदी तक ज्यादा एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) देगी। इससे बिल्डर उसी जगह ज्यादा अपार्टमेंट बनाकर अपना मुनाफा कमा सकेंगे। निजी डेवलपरों के लिए पहली बार यह व्यवस्था की गई है। 
 
क्रेडाई, भोपाल के प्रवक्ता और रियल एस्टेट कारोबार मनोज सिंह मीक कहते हैं कि फिलहाल हालत भले खस्ता हो लेकिन आने वाले दिनों में भोपाल और प्रदेश का रियल एस्टेट बाजार गति पकड़ेगा। सिंह कहते हैं कि सरकार प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्युमेंट को लेकर जिस तरह गंभीर है उससे काफी आशाएं हैं। भोपाल की महत्त्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण उसके आसपास विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स हब भी उसे एक महत्त्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं।
Keyword: real estate, property, flat, madhya pradesh,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार क्षेत्र को राहत देने के उपाय करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.