बिजनेस स्टैंडर्ड - जेवर हवाईअड्डे की होड़ में 4 कंपनियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, October 28, 2020 11:04 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

जेवर हवाईअड्डे की होड़ में 4 कंपनियां

अरिंदम मजूमदार / नई दिल्ली 10 31, 2019

बुनियादी क्षेत्र की दो शीर्ष कंपनियां भी शामिल

अदाणी, जीएमआर, फेयरफैक्स और ज्यूरिख एयरपोर्ट ने लगाई बोली
6 नंवबर को तकनीकी बोली और 29 नवंबर को वित्तीय बोली खुलेगी
जीएमआर को पहले इनकार का अधिकार

बिजनेस स्टैंडर्ड जेवर हवाईअड्डे की होड़ में 4 कंपनियांजेवर हवाईअड्डे के निर्माण और परिचालन के लिए देश की बुनियादी क्षेत्र की दो शीर्ष कंपनियों समेत चार कंपनियों ने बोली लगाई है। सूत्रों के मुताबिक अदाणी समूह, दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल), कनाडा की फेयरफैक्स फाइनैंशियल होल्डिंग्स और ज्यूरिख एयरपोर्ट ने इस परियोजना के लिए प्रस्ताव सौंपे हैं। इसमें करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। डायल का परिचालन जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर करती है। तकनीकी बोली 6 नवंबर को और वित्तीय बोली 29 नवंबर को खोली जाएगी। 

जेवर हवाईअड्डे की कार्यदायी संस्था यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने कहा, 'हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कुल चार बोलीदाताओं ने बोली लगाई है जो हमारे लिए उत्साहजनक है क्योंकि जेवर एक नया हवाईअड्डा है। बोली प्रति यात्री के आधार पर होगी और यह एक चरण में संपन्न होगी। इसी साल 29 नवंबर को निविदा को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।' उन्होंने बोली लगाने वाली कंपनियों के नामों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। भाटिया ने कहा कि परियोजना का काम 2020 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है और पहले चरण का काम 2023 तक पूरा हो सकता है।

जेवर हवाईअड्डे की परियोजना काफी समय से लटकी है। 2001 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सबसे पहले इसका प्रस्ताव रखा था। मायावती ने भी 2007 में मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें दिलचस्पी दिखाई लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अध्ययन के मुताबिक दिल्ली हवाईअड्डे की क्षमता अगले दशक में पूरी हो जाएगी। यही वजह है कि जेवर में हवाईअड्डे की जरूरत महसूस की गई।

मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली हवाईअड्डे से वित्त वर्ष 2018-19 में 6.6 करोड़ लोगों ने सफर किया और यह एशिया का सातवां सबसे बड़ा हवाईअड्डा बन गया है। अगले तीन-चार साल में जब इसकी चौथी उड़ान पट्टी और चौथा टर्मिनल शुरू होगा तो यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। 

जीएमआर के स्वामित्व वाली डायल दिल्ली हवाईअड्डे का परिचालन करती है और जेवर हवाईअड्डे के लिए पहले इनकार का अधिकार उसी को है।  वर्ष 2006 में दिल्ली हवाईअड्डे के निजीकरण के दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और जीएमआर इन्फ्रा के बीच हुए करार के मुताबिक दिल्ली हवाईअड्डे के 150 किमी के दायरे में बनने वाले किसी भी हवाईअड्डे के लिए पहले इनकार का अधिकार जीएमआर समूह को है। नियमों के मुताबिक जीएमआर को बोली प्रक्रिया में मिली सबसे बड़ी बोली के बराबर बोली लगाने को कहा जाएगा। जीएमआर की बोली को तभी स्वीकार किया जाएगा जब यह सबसे अधिक बोली के बराबर या उससे दस फीसदी कम होगी। जीएमआर के लिए जेवर हवाईअड्डे का बोली जीतना जरूरी है, अन्यथा उसे परेशानी हो सकती है। 

प्रतिद्वंद्वी कंपनी दिल्ली हवाईअड्डे से विमानन कंपनियों और यात्रियों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेगी। दिल्ली हवाईअड्डा जीएमआर के पोर्टफोलियो में सबसे मूल्यवान परिसंपत्ति है। लेकिन अदाणी समूह भी सक्रियता के साथ हवाईअड्डा कारोबार बढ़ाने में लगी है।  इसी साल कंपनी ने छह हवाईअड्डों के परिचालन के लिए प्रतिद्वंद्वियों से दोगुना बोली लगाई थी। प्रेम वत्स का फेयरफैक्स समूह भी बढ़चढ़कर भारत में बुनियादी परियोजनाओं में निवेश कर रही है।
Keyword: aviation, flight, airport, AAI, jewar,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वैश्विक सूचकांक में भारांश बढऩे से देश में आएगा निवेश?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.