बिजनेस स्टैंडर्ड - सोने की आवाजाही के लिए ई-वे बिल!
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सोने की आवाजाही के लिए ई-वे बिल!

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 10 29, 2019

विधि समिति कर रही विचार

सोने पर कर चोरी रोकने की कवायद
ई-वे बिल का कूट संस्करण लाया जा सकता है
केरल और हरियाणा इसके पक्ष में

बिजनेस स्टैंडर्ड सोने की आवाजाही के लिए ई-वे बिल!वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी के बीच सरकार सोने की आवाजाही पर कर चोरी रोकने के लिए ई-वे बिल शुरू करने पर विचार कर रही है। जीएसटी की विधि समिति इसेमुद्दे को देख रही है। इसमें केंद्र और राज्यों के अधिकारी शामिल हैं। समिति आवाजाही के दौरान सोने को चोरों और दूसरे असामाजिक तत्वों से बचाने के लिए ई-वे बिल के कूट संस्करण पर विचार कर रही है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'सोने पर जीएसटी चोरी की खबरें आ रही हैं। इसे रोकने के लिए विधि समिति सोने पर ई-वे बिल की व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रही है ताकि कर चोरी को रोका जा सके। लेकिन साथ ही इसमें सुरक्षा चिंताएं भी हैं। इनके समाधान के लिए ई-वे बिल के कूट संस्करण पर भी विचार किया जा रहा है।'

अभी सोने की आवाजाही को ई-वे बिल व्यवस्था में शामिल नहीं किया गया है। केरल ने सोने को ई-वे बिल व्यवस्था में शामिल करने की वकालत की है। उसका कहना है कि जीएसटी लागू होने से पहले राज्य को सोने पर कर के रूप में 630 करोड़ रुपये मिलते थे। तब सोने पर कर की प्रभावी दर 1.25 फीसदी थी। लेकिन जीएसटी के तहत सोने पर तीन फीसदी दर के बावजूद पिछले साल राज्य को 244 करोड़ रुपये का ही राजस्व मिला था। 

जून में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। यहां तक कि हरियाणा ने भी एनक्रिप्टेड ई-वे बिल की व्यवस्था लागू करने की वकालत की है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, 'यह सोने की आवाजाही पर सुरक्षा चिंता को दूर करने का अच्छा तरीका हो सकता है और इससे कर चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी। लेकिन सोने पर ई-वे बिल की व्यवस्था लागू करना आसान नहीं होगा क्योंकि इसके लिए बड़े वाहनों की जरूरत नहीं होती है। ग्राहकों को सोने की खरीद पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना भी महत्त्वपूर्ण है।' 

पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने एक रिपोर्ट में कहा था कि सोने पर 5 फीसदी कर की दर से 10 हजार करोड़ रुपये राजस्व आ सकता है। ईवाई में टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, 'अगर प्रौद्योगिकी के जरिये सुरक्षा चिंता को दूर किया जाए तो ई-वे बिल व्यवस्था शुरू करने से सोने की आपूर्ति में कर चोरी रोकने में मदद मिलनी चाहिए।' सरकार ने अप्रैल, 2018 में 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं के अंतरराज्यीय और अंतराराज्यीय आवागमन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था शुरू की थी।

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस मणि ने कहा, 'ई-वे बिल ने जीएसटी की कुछ खामियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाई है। भविष्य में महंगे उत्पादों के लिए एनक्रिप्टेड ई-वे बिल की व्यवस्था शुरू हो सकती है।' हालांकि विधि समिति के कुछ सदस्यों का मानना है कि ई-वे बिल के इतर प्रवर्तन के कुछ अन्य उपायों पर भी सहमति बनाई जानी चाहिए क्योंकि इसमें सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
Keyword: GST, Eway bill, gold,,
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