बिजनेस स्टैंडर्ड - हरियाणा में बन सकती है भाजपा सरकार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, March 30, 2020 03:25 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

हरियाणा में बन सकती है भाजपा सरकार

नितिन कुमार और अर्चिस मोहन /  October 24, 2019

गुरुवार को घोषित हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में 12 हालिया मंत्रियों में से केवल तीन ही अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे और इस शर्मिंदगी के बीच भारतीय जनता पार्टी प्रमुख अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को दिल्ली तलब किया। हालांकि हरियाणा में भाजपा के अधिकांश मंत्री अपनी सीट नहीं बचा पाए लेकिन यह राज्य में सबसे अधिक सीट जीतने वाला दल बनकर उभरी है। साथ ही 2014 विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस वर्ष पार्टी का वोट शेयर भी 3 प्रतिशत बढ़ा है। इस बात की काफी अधिक संभावनाएं हैं कि भाजपा कुछ छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर राज्य में दोबारा सरकार बना सकती है। 

नौ मंत्रियों समेत भाजपा के राज्य प्रमुख सुभाष बराला की हार ने हरियाणा में खट्टर सरकार के खिलाफ बह रही हवा को स्पष्ट कर दिया है। चुनाव में इंडियन नैशनल लोकदल (इनेलो) के वोट प्रतिशत में भी भारी कमी आई है और दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने इसमें सेध लगाई है। 

राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने 90 में से 75 विधानसभा सीटें जीतने का नारा दिया था। वर्ष 2014 में भाजपा ने 47 सीटें जीतकर हरियाणा में पहली बार पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई थी। सोमवार को हुए मतदान से दो दिन पहले रोहतक जिले के एक किसान ने कहा था, '75 पार का तो पता नहीं पर इस बार इस भाजपा को यमुना पार जरूर भेज देंगे।' वर्ष 2014 में सुशासन के नाम पर राज्य में सरकार बनाने वाली भाजपा के खिलाफ अपने वादे पूरे नहीं करने को लेकर लोगों में गुस्सा था। चुनाव जीतने के लिए 35 जातियों को एक साथ लाने और जाटों को अलग-थलग करने की भाजपा की रणनीति सफल नहीं हो सकी। फरवरी 2016 के आंदोलन एवं सांप्रदायिक हिंसा के बाद जाट खट्टर सरकार से काफी नाराज थे। 

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने दूसरे समुदायों, विशेषकर ब्राह्मण और दलितों के बीच अपनी पैठ बनाई। हुड्डा की मजबूत पकड़ वाले रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद में कांग्रेस ने सीटें जीतीं। इसी तरह, जेजेपी के प्रत्याशियों ने सिरसा, भिवानी और हिसार में जीत दर्ज की जिन्हें चौटाला परिवार से प्रभावित क्षेत्र माना जाता था। 

खट्टर सरकार को सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा। फतेहाबाद जिले के रतीराम कहते हैं, 'हमारा बेटा चपरासी और गुजरात का बालक अफसर की नौकरी पा रहा है। क्या हमारा पढ़ा लिखा बालक चाय बेचेगा?' एक किसान ने कहा, 'ये खट्टर खुद चपरासी था तो हमारे बालक को भी चपरासी ही बनाएगा।'

विपक्ष खट्टर सरकार की 'बिना खर्ची और पर्ची की सरकार' वाली छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एसडीओ भर्ती में चयनित कुल 80 में से 78 अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से से जिसने हरियाणा के लोगों को निराश किया। समूह 'ग' और 'घ' के पदों पर राज्य के युवाओं तथा अधिकारी पदों के लिए दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को चुनना सरकार के लिए सही नहीं रहा। राज्य सरकार किसानों की समस्या का भी बेहतर समाधान नहीं खोज सकी। प्रति एकड़ उत्पादन की सीमा, कम न्यूनतम समर्थन मूल्य, और समर्थन मूल्य की कमी से भाजपा को किसानों का समर्थन नहीं मिल सका। 19 वर्षों के बाद पहली बार राज्य में सबसे कम (65 प्रतिशत) मतदान हुआ। खट्टर के चुनाव क्षेत्र करनाल में केवल 50 प्रतिशत मतदान हुआ। हरियाणा में 28 प्रतिशत के साथ देश की सबसे अधिक बेरोजगारी दर है। मारुति सुजूकी और दूसरी कंपनियों द्वारा उत्पादन में कटौती की खबरों ने भी विपक्ष को काफी मदद की। हुड्डा ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का समर्थन करके भाजपा के चुनावी अभियान को सुस्त कर दिया। खिलाडिय़ों को टिकट देने की भाजपा की रणनीति भी ज्यादा सफल नहीं हो सकी और ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त बड़ौदा सीट से चुनाव हार गए। हालांकि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह ने अपनी सीट पर जीत दर्ज की।

Keyword: Assembly Election, Haryana, Manohar Lal Khattar, BJP, Congress, Chief Minister, JJP, Politics, Politician, State Election,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वित्त वर्ष को आगे बढ़ाना सही कदम होगा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.