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4जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 11,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगी सरकारी कंपनियां

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली October 24, 2019

हाल में घोषित पुनरुद्धार पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को 4जी स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला किया है, जिसे देखते हुए कंपनियों को इन तेज रफ्तार सेवाओं का बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए 11,000 करोड़ रुपये निवेश करने होंगे। इसके साथ ही पहले चरण की संपत्ति मुद्रीकरण की कवायद से बीएसएनएल को अपने 14,000 करोड़ रुपये कर्ज निपटाने में मदद मिलेगी। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'यह निवेश (4जी स्पेक्ट्रम बुनियादी ढांचे के लिए) आंतरिक स्रोतों से आएगा और अगले 2 साल में इसे खर्च किया जाएगा।' 

संकट में फंसी इन दो सरकारी कंपनियों के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को राहत पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें इक्विटी शेयर के रूप में 14,115 करोड़ रुपये और तरजीही शेयर के रूप में एमटीएनएल को 6,295 करोड़ रुपये के  4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है। 

मुद्रीकरण के लिए 38,000 करोड़ रुपये की रियल एस्टेट संपत्तियों की पहचान की जाएगी। इस संपत्ति में प्राथमिक रूप से जमीन के साथ किराये और पट्टे वाले भवन शामिल हैं। एमटीएनएल के सिर्फ दिल्ली में ही 29 खुदरा आउटलेट हैं। केंद्र सरकार ने दो बीमार इकाइयों के लिए 70,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। साथ ही दोनों इकाइयों का विलय किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि दोनों कंपनियां रणनीतिक रूप से अहम हैं। इनकी बिक्री या बंदी नहीं की जाएगी। 

हाल की रिपोर्टों मे कहा गया था कि कुछ प्रमुख मंत्रालयों की राय थी कि बीएसएनएल और एमटीएनएल का पुनरुद्धार व्यावहारिक नहीं है और इन्हें बंद किया जा सकता है। राहत पैकेज में 15,000 करोड़ रुपये का सॉवरिन बॉन्ड जारी किया जाना शामिल है। साथ ही बीएसएनएल और एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन प्रशासित मूल्य पर किया जाएगा, जो 2016 की नीलामी के मूल्य पर आधारित होगा। 

दो कंपनियों को 20,140 करोड़ रुपये का 4जी स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। साथ ही इन कंपनियों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने के लिए 29,937 करोड़ रु पये और 3,674 करोड़ रुपये वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के लिए आïवंटित किए गए हैं, जो रेडियोवेव्स के आवंटन पर लगेगा। वीआरएस योजना को अंतिम रूप दोनों कंपनियां देंगी। जिन कर्मचारियों की उम्र 50 साल या उससे ऊपर है, उन्हें एकमुश्त राशि देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का हिस्सा बनाने के लिए 17,169 करोड़ रुपये बजट समर्थन की जरूरत होगी। इसके अलावा पेंशन संबंधी लाभ के भुगतान के लिए 12,768 करोड़ रुपये की जरूरत है।
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