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गैर-पेट्रोलियम फर्में भी खोल सकेंगी पेट्रोल पंप

ज्योति मुकुल / नई दिल्ली October 23, 2019

सरकार ने ईंधन विपणन कारोबार में नई कंपनियों के प्रवेश का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने बुधवार को इससे संबंधित एक नीति में कुछ बदलावों की घोषणा की है। पूर्व में इस नीति के तहत केवल 2,000 करोड़ रुपये निवेश करने वाली या बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों को इस कारोबार में उतरने की अनुमति थी। अब इस नीति में बदलाव के बाद टोटाल, अदाणी, सऊदी आरामको और कुछ सुपर मार्के ट वाहन ईंधन बेचने के लिए पेट्रोल पंप खोल सकती हैं। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने नीति में बदलाव पर मुहर लगाई। इस बारे में एक  सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है,'2002 से बाजार परिवहन ईंधन को लेकर अनुमति देने की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब बाजार के बदलते स्वरूप के मद्देनजर इस नीति में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के बाद इस क्षेत्र में विदेशी कंपनियों सहित निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।'
 
जो इकाइयां ईंधन विपणन कारोबार में उतरना चाहती हैं उनकी न्यूनतम शुद्ध हैसियत 250 करोड़ रुपये होनी चाहिए। हालांकि कंपनियों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें अनुमति मिलने के पांच वर्षों के भीतर कुल खुदरा पंपों में 5 प्रतिशत अधिसूचित सुदूर क्षेत्रों में खोलने होंगे। इस शर्त पर नजर रखने के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है। इसके आलवा इन इकाइयों को  पेट्रोल-डीजल के अलावा सीएनजी, एलएनजी, जैव-ईंधन, ई-चार्जिंग आदि में कम से कम किसी एक के विपणन की व्यवस्था भी करनी होगी।  
 
उन्हें एक आउटलेट का परिचालन शुरू करने के तीन साल के भीतर यह दूसरी शर्त भी पूरी करनी होगी। टोटाल ने ईंधन बिक्री के लिए अदाणी से समझौता किया है, जबकि बीपी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वाहन ईंधन एवं इलेक्ट्रिक चार्जिंग के लिए एक नया संयुक्त उद्यम लगाने की घोषणा की है। पेट्रोल और डीजल के विनियमन के बाद अब निजी खुदरा कंपनियों के लिए सरकार नियंत्रित तेल विपणन कंपनियों के साथ प्रतिस्पद्र्धा करना आसान हो गया है, लेकिन मौजूदा अंतर केवल ईंधन पंपों पर दी जारी रही सुविधाओं का ही है। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर कीमतों के हिसाब से ग्राहकों से पैसे लेती है। चूंकि, ईंधन बाजार कीमतों को लेकरि बेहद संवेदनशील है, इसलिए कीमतों के मोर्चे पर प्रतिस्पद्र्धा करने की बहुत गुंजाइश नहीं रह जाती है।  
 
पीएसयू ओएमसी की खुली डीलरशिप के मामले में किसी व्यक्ति को एक से अधिक विपणन कंपनियों का डीलरशिप लेने की इजाजत होगी, लेकिन एक जगह दो ईंधन पंप स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। इंडियन ऑयल में पूर्व निदेशक (विपणन) बीएस कंठ के अनुसार मोटी रकम वाली कंपनियां ही इस कारोबार में दिलचस्पी रखेंगी भले ही शुद्ध हैसियत 250 करोड़ रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा, 'ईंधन पंपो तक पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना और ढांचागत एवं रखरखाव सुविधा तैयार करना आसान काम नहीं होगा। मोटा निवेश करने का माद्दा रखने वाली कंपनियां ही ऐसा कर पाएंगी।' पेट्रोल एवं डीजल कारोबार में उतरने की चाहत रखने वाली कंपनियां खुदरा एवं थोक के लिए अलग-अलग या दोनों कारोबार के लिए एक साथ आवेदन कर पाएंगी। कंपनियों को संयुक्त उद्यम या अनुषंगी इकाई स्थापित करने की सुविधा भी दी जा रही है। 
Keyword: fuel, policy, petrol pump,,
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