बिजनेस स्टैंडर्ड - बीएसएनएल के लिए फिर मांगी राहत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, February 20, 2020 04:10 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

बीएसएनएल के लिए फिर मांगी राहत

मेघा मनचंदा और अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली October 22, 2019

संकट में फंसी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन नगर लिमिटेड (एमटीएनएल) के लिए दूरसंचार विभाग ने एक बार फिर नए प्रस्ताव के साथ राहत की मांग की है, जिससे केंद्र सरकार पर नकदी का कम बोझ पड़ेगा।  ऐसा माना जा रहा है कि डीओटी ने दो बीमार इकाइयोंं कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना और 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए धन की मांग की है। इसके अलावा विभाग ने संपत्ति के मुद्रीकरण के माध्यम से धन जुटाने का प्रस्ताव दिया है।
 
माना जा रहा है कि वीआरएस के लिए बीएसएनएल को करीब 6,365 करोड़ रुपये की जरूरत होगी और 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए 6,767 करोड़ रुपये इक्विटी डालनी होगी।  एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी और इससे बीएसएनएल और एमटीएनएल के पुनरुद्धार में कुछ मदद मिलेगी।'  संपत्ति जैसे टावर संपत्तियों व ऑप्टिकल फाइबर संपत्तियों के मुद्रीकरण का काम अलग से किए जाने की उम्मीद है।  वित्त मंत्रालय ने कहा था कि दो बीमार इकाइयों के पुनरुद्धार की लागत बहुत ज्यादा है और पुनरुद्धार के बजाय इन्हें बंद किया जा सकता है। उसके बाद विभाग ने राहत के इन कदमों का प्रस्ताव किया है। विभाग का मानना है कि मौजूदा अनुरोध खर्चीला नहीं है इससे केंद्र के वित्त पर बहुत असर नहीं पड़ेगा। 
 
अधिकारी ने कहा, 'दोनों कंपनियों को बंदी से बचाने के लिए हम जो कु छ भी कर सकते हैं, करेंगे। अगर वित्त मंत्रालय नए प्रस्तावित राहत कदमों से सहमत होता है तो कम से कम मध्यावधि के हिसाब से यह कंपनी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त होगा।' बीएसएनएल और एमटीएनएल दोनों ने ही सरकार से डेट को सॉवरिन गारंटी में बदलकर राहत की मांग की है, जिससे कि बढ़े वेतन का भुगतान किया जा सके और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी जा सके। बीएसएनएल ने 7,000 करोड़ रुपये इक्विटी पूंजी डालकर देश भर के लिए 4जी स्पेक्ट्रम की मांग की है। एमटीएनएल ने यह भी सुझाव दिया है कि उसके 20,000 करोड़ रुपये कर्ज को सॉवरिन में बदलना चाहिए और 3जी स्पेक्ट्रम वापस लिया जाना चाहिए। 
 
बीएसएनएल के 1,76,000 कर्मचारियों में से करीब आधे कर्मचारियों के अगले 5-6 साल में सेवानिवृत्त होने की संभावना है। अगर 50 साल उम्र से ज्यादा 50 प्रतिशत पात्र उम्मीदवार वीएआरएस का विकल्प अपनाते हैं तो इसमें करीब 40,000 कर्मचारी शामिल होंगे।  एमटीएनएल के वीआरएस पैकेज से राजस्व पर 2,120 करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। कंपनी में 22,000 कर्मचारी हैं। इनमें से 16,000 कर्मचारी अगले 5 से 6 साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।  बीएसएनएल का नुकसान करीब 14,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि राजस्व में कमी 2018-19 के दौरान 19,308 करोड़ रुपये थी। बीएसएनएल का नुकसान तेजी से बढ़ा है, जिसका 2015-16 में 4,859 करोड़ रुपये, 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये का नुकसान हआ और 2018-19 में यह बढ़कर 14,202 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 
 
फर्म पर 13,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। कर्ज के बोझ में दबी कंपनी को पिछले 2 साल से बैंक कर्ज नहीं मिल रहा है। कुल मिलाकर दूरसंचार क्षेत्र पर कर्ज 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।  दोनोंं कंपनियों को अभी अपने कर्मचारियों का सितंबर महीने के वेतन का भुगतान करना है।  आईटी और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पदभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि सरकार बीएसएनएल और एमटीएनएल का पुनरुद्धार करेगी। 
Keyword: BSNL, MTNL, PSU, telecom, package,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार क्षेत्र को उबारने के उपाय करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.