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चुटकियों में आपको खिचड़ी खिलाएगी अदाणी विल्मर

विनय उमरजी /  October 21, 2019

खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते प्रयोग और बदलती जीवनशैली के चलते भोजन के लिए ग्राहकों की पसंद पिछले एक दशक में काफी बदल गई है। आज के दौर में खाना बनाने के लिए बिल्कुल तैयार (आरटीसी) खाने की मांग काफी बढ़ गई है और नए ब्रांड इस क्षेत्र में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आईटीसी, एमटीआर फूड्स और मैकेन जैसे बड़े ब्रांड अलग-अलग रेसिपी के साथ परीक्षण कर रहे हैं तो वहीं इस क्षेत्र में आया नया ब्रांड अदाणी विल्मर ऐसे उत्पाद आपकी मेज पर रखने को तैयार है जो आमतौर पर पारंपरिक तरीके से रसोई में बनने पर काफी समय लेते हैं। 

 
इस क्षेत्र में नए ब्रांड और उत्पादों के आगमन की क्षमता का अंदाजा इसके प्रसार से लगाया जा सकता है। वर्ष 2017 से 2019 के बीच इस बाजार का आकार 2,039 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,741 करोड़ रुपये हो गया। उम्मीद है कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच इसमें बढ़ोतरी की दर 12 प्रतिशत होगी। आगे बढऩे से पहले हम समझ लेते हैं कि इस श्रेणी में आखिर क्या क्या आता है। यूरोमीटर इंटरनैशनल के अनुसार, 'आम तौर पर तैयार भोजन को पूर्ण भोजन माना जाता है जिसके लिए मामूली अतिरिक्त सामग्री की आवश्यकता या बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, डिब्बाबंद/संरक्षित तैयार भोजन के मामले में 'भोजन केंद्र' और रात के खाने के मिश्रण आदि भोजन शामिल है। कुछ 'तैयार' भोजन में खाना पकाने की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि कुछ को सिर्फ गर्म करके परोसा जा सकता है।'
 
अब बाजार की गतिविधियों पर वापस आते हैं। खाद्य तेल कंपनी अदाणी विल्मर ने हाल ही में पकाने के लिए तैयार खिचड़ी पेश की है। अदाणी विल्मर के प्रमुख (मार्केटिंग) अजय मोटवानी ने कहा कि आज के दौर में ऐसे भोजन की मांग बढ़ रही है, जिसे पकाने में कम से कम समय लगे और इसने ही हमें यह उत्पाद लाने के लिए प्रेरित किया। फॉच्र्यून खिचड़ी ब्रांड के नाम से गुजराती, बंगाली और पंजाबी, तीन श्रेणियों के साथ केवल 10 मिनट में तैयार होने वाली और लगभग सभी सामग्री के साथ खिचड़ी का पैकेट पेश किया गया है। अगले तीन वर्षों में कंपनी ने नए लॉन्च आरटीसी उत्पाद से 25-50 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य बनाया है। कंपनी दूसरे उत्पाद लाने की भी तैयारी कर रही है। 
 
मोटवानी ने कहा, 'कार्यशील महिलाओं की बढ़ती संख्या और उनकी व्यस्त दिनचर्या के चलते इस श्रेणी के खाने की मांग बढ़ रही है। आज भी इस भोजन को खरीदने के लिए पड़ोस की परचून की दुकान सबसे सही स्थान है लेकिन बड़ी रिटेल चेन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति से भी इन उत्पादों की मांग बढ़ी है।' तैयार भोजन वाली श्रेणी में काफी पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी एमटीआर फूड्सï ने नाश्ते से लेकर दोपहर और रात्रि के भोजन तथा बेवरिज आदि तक सभी श्रेणियों में अपने उत्पाद उतारे हैं और इस वर्ष उसका राजस्व 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले पांच वर्षों में कंपनी के सीएजीआर में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एमटीआर फूड्स के सीएमओ सुनय भसीन इस प्रगति के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराते हैं जिसमें जनसांख्यिकी बदलाव, उभरते शहरों में बढ़ती आबादी के साथ साथ उपभोक्ता जीवन शैली और भोजन की आदतों में बदलाव शामिल हैं।
 
भसीन कहते हैं, 'बढ़ते शहरीकरण, एकल परिवारों की बढ़ती संख्या और कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से लोगों के पास समय की कमी हो गई है। इसका अर्थ है कि घर पर खाना बनाने के लिए भी समय कम है। परिवार में कमाई करने वाले व्यक्तियों की संख्या बढ़कर दो होने से वहां प्रति व्यक्ति खर्च क्षमता भी बढ़ी है। बहुत से उपभोक्ता पारंपरिक खाद्य पदार्थों से पैकेज्ड फूड की ओर बढ़ रहे हैं। भोजन तैयार करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के चलते डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ से जुड़े उद्योग में तेजी आएगी।'
 
स्विगी और जोमैटो जैसे फूड तकनीक ऐप से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भसीन का मानना ​​है कि आरटीसी उद्योग और खाद्य तकनीक कंपनियों, दोनों के बढऩे की काफी गुंजाइश है। वह कहते हैं, 'आरटीसी श्रेणी वाले भोजन दो-तीन मिनट में तैयार हो जाते हैं जबकि जबकि ऐप से भोजन का ऑर्डर करने के लिए पहले योजना बनानी होती है और इसमेंं समय भी लगता है। ऑनलाइन ऑर्डर करने पर डिलिवरी का न्यूनतम समय 20 मिनट है जो एक घंटे तक हो सकता है। हम मानते हैं कि इन दोनों के एक साथ बढऩे की काफी गुंजाइश है।'
 
हालांकि अधिकांश कंपनियों का मानना है कि भोजन के लिए तैयार खाना फिलहाल शहरों तक ही सीमित है लेकिन ने छोटे शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए नए तरीके आजमा रही हैं। एमटीआर कर्नाटक में विस्तार करने की योजना बना रही है। भसीन कहते हैं, 'हम स्थानीय उत्पाद लाकर अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इस वर्ष हम मसाला, नाश्ते का भोजन, डिजर्ट पर ध्यान केंद्रित करेंगे और आवश्यक उत्पादों को स्थानीय तरीके से लॉन्च करेंगे। हम दक्षिणी राज्यों को भौगोलिक रूप से बांट रहे हैं जिससे वितरण को बढ़ाया जा सके और आसान तरीकों से सामान उपलब्ध कराया जा सके।' कंपनी अपने विस्तार और ग्राहकों से जुडऩे के लिए स्थानीय मीडिया और स्थानीय भाषाओं का भी उपयोग कर रही है। 
Keyword: adani, wilmer, food, ITC,
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