बिजनेस स्टैंडर्ड - भाजपा 154 में से कोई भी वादा नहीं कर पाई पूरा: हुड्डा
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भाजपा 154 में से कोई भी वादा नहीं कर पाई पूरा: हुड्डा

नितिन कुमार /  October 20, 2019

वर्ष 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद से हरियाणा में कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हुई है। लेकिन दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि पार्टी के लिए हरियाणा में सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। नितिन कुमार के साथ साक्षात्कार में उन्होंने भाजपा सरकार की नाकामियों, अपनी पार्टी की उपलब्धियों, राज्य में कृषि संकट और अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात की। संपादित अंश:

 
आपका दावा है कि इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के पास सत्ता में वापसी करने का अच्छा मौका है। आपके इस आत्मविश्वास की क्या वजह है?
 
लोग जब मतदान करने जाएंगे तो उनके दिमाग में भाजपा सरकार की नाकामियां और उससे पहले कांग्रेस सरकार के दस साल के कार्यकाल की उपलब्धियां रहेंगी। भाजपा ने 2014 के अपने चुनावी घोषणापत्र में 154 वादे किए थे और वह इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। उदाहरण के लिए भाजपा ने किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर भुगतान करने का वादा किया था। लेकिन सच्चाई यह है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। इस सरकार ने प्रति एकड़ कृषि उपज की खरीद के लिए सीमा तय कर दी है। किसान अपनी अतिरिक्त उपज कहां बेचेंगे? किसानों की खेती की लागत बढ़ गई है जबकि आय घट गई है। हमारे कार्यकाल में उर्वरक की बोरी 800 रुपये में मिलती थी जो अब 1,400 रुपये की है। पहले कीटनाशक छिड़काव 200 रुपये का आता था और अब उसकी कीमत 1,000 रुपये हो गई है। इस सरकार ने उर्वरकों, कीटनाशकों और ट्रैक्टर के कलपुर्जों पर कर लगाया है। हमारी सरकार में हरियाणा में डीजल सबसे सस्ती दर पर उपलब्ध था, हमने वैट घटाया था लेकिन मौजूदा सरकार ने वैट दोगुना कर दिया है। इन्हीं कारणों से किसान आज कर्ज में डूबे हैं। हर क्षेत्र संकट में है चाहे वह कृषि हो, विनिर्माण हो या फिर श्रम। हमने अनुसूचित जातियों और गरीबों के लिए 382,000 विकसित भूखंड जारी किए थे और 200 लीटर की टंकियों के साथ दस लाख पानी के कनेक्शन दिए थे। इस सरकार ने पिछले पांच साल में एक भी भूखंड और पानी का कनेक्शन आवंटित नहीं किया है।  सरकारी कर्मचारियों के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। इस सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं किया है। 6,000 करोड़ रुपये के आवास भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतन भुगतान का वादा किया था। लेकिन इसे भूल जाइए। आज हरियाणा में कानून व्यवस्था की हालत बदतर है। 2014 में प्रति व्यक्ति निवेश और आय के मामले में हरियाणा पहले स्थान पर था लेकिन आज वह बेरोजगारी और अपराध में शीर्ष पर है। 
 
आपने हर क्षेत्र में आर्थिक मंदी की बात कही। अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए आपकी क्या योजना है?
 
हमने पहले भी राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारा है और फिर ऐसा कर सकते हैं। हम सही मायनों में निवेश लाएंगे, भाजपा की तरह हवाबाजी नहीं करेंगे। भाजपा केवल घोषणाएं करती है, काम नहीं करती है। इस सरकार ने पांच साल में कोई काम नहीं किया। 
 
एनएसएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक देश में बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे अधिक है। हरियाणा में बेरोजगारी दर 28.7 फीसदी है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वह 500 करोड़ रुपये खर्च करके राज्य के 25 लाख युवाओं का कौशल विकास करेगी। आप इसे कैसे देखते हैं?
 
2012 में राज्य में बेरोजगारी दर 2.8 फीसदी थी जो अब 28.7 फीसदी है। नए वादे करने से पहले इस सरकार को अपने 2014 की घोषणाओं को पूरा करना चाहिए। भाजपा ने कहा था कि उसकी सरकार 24 घंटे बिजली देगी, युवाओं को रोजगार देगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देगी, कहां गए ये वादे? जब इस सरकार ने पिछले वादों को ही पूरा नहीं किया है तो वह और वादे कैसे कर सकती है? भाजपा लोगों को मूर्ख बना रही है।
 
आपका आरोप है कि सरकार दूसरे राज्यों के युवाओं को रोजगार दे रही है जबकि भाजपा का दावा है कि दूसरे राज्यों के लिए तय कोटे से ज्यादा किसी भी बाहरी उम्मीदवार को नौकरी नहीं दी गई है।
 
हम बिना सबूत के सरकार पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। हमें सूचना के अधिकार कानून के जरिये यह जानकारी दी है। सरकार हरियाणा के लोगों से झूठ बोल रही है।
 
राज्य का कुल कर्ज 2013-14 में 76,263 करोड़ रुपये था जो 2017-18 में बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। आपने अपने घोषणापत्र में किसानों का कर्ज 24 घंटे के भीतर माफ करने का वादा किया है। आप ऐसा कैसे करेंगे?
 
जब मैंने 2014 का बजट पेश किया था तो कर्ज 60,000 करोड़ रुपये था। 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक 2013-14 में यह करीब 70,000 करोड़ रुपये था। अब यह करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है। इस सरकार की एकमात्र उपलब्धि यही है कि इसने राज्य पर भारी कर्ज चढ़ा दिया है। हम हरियाणा में निवेश और विकास लाए थे। राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए हमने चार ताप बिजलीघर बनाए। पूरे राज्य में रेल लाइने बिछाईं। यात्रियों की मांग को पूरा करने मेट्रो लाइनों का निर्माण किया। भाजपा सरकार ने एक इंच भी मेट्रो लाइन का विस्तार नहीं किया। पिछले पांच साल में बिजली उत्पादन में एक इकाई भी नहीं जोड़ी गई।  इस सरकार ने राष्ट्रीय महत्त्व का एक भी शिक्षण संस्थान नहीं खोला। हमने हरियाणा में आईआईएम, एम्स, एनआईएफटीईएम और एनआईडी खोले थे। हमने राज्य को देश के सबसे बेहतरीन संस्थान दिए।  हमने जो वादे किए थे वे पूरे किए। हम जानते हैं कि राज्य में संसाधन कैसे लाए जाते हैं। राज्य में सड़क परिवहन से लेकर खनन तक कई विभागों में घोटाले हुए हैं और विकास परियोजनाओं के पैसे भाजपा नेताओं की जेब में जा रहे हैं। इनकी कोई जांच नहीं हो रही है? इन पर कोई चर्चा भी नहीं हो रही है। क्या वे चीजें सार्वजनिक नहीं हैं? लेकिन सरकार इनकी जांच के लिए कोई आदेश नहीं दे रही है। हमने विधानसभा में कई बार सरकार से जवाब मांगा और कई दूसरे मंचों के जरिये भी सीबीआई जांच की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय में पहुंच चुका है। 
 
अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो क्या आप इन मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करेंगे?
 
मैं 10 साल मुख्यमंत्री रहा लेकिन उस दौरान मैंने राजनीतिक बदले की भावना के साथ कभी काम नहीं किया। भविष्य में भी मैं कभी इस तरह की राजनीति नहीं करूंगा। जो दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। राजनीतिक बहस का स्तर बहुत गिर गया है। हाल में मनोहर लाल खट्टर ने सोनिया गांधी को 'मरी हुई चुहिया' कहा था। मैंने कभी भी किसी के खिलाफ ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। अहम पद पर बैठे व्यक्ति को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।
 
क्या आपको लगता है कि महापौर चुनावों, जींद उपचुनाव और हाल में लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत से विधानसभा चुनावों के परिणाम पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
 
कांग्रेस ने महापौर चुनावों में हिस्सा नहीं लिया था। उसमें भाजपा अकेले होड़ में थी। इसके अलावा अमूमन उपचुनावों में सत्ताधारी पार्टी की जीत होती है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। अपने कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने सभी उपचुनाव जीते थे। इसलिए जींद उपचुनाव की जीत का कोई मतलब नहीं है। 
 
आप राज्य में भाजपा सरकार के प्रदर्शन को कैसे देखते हैं?
 
यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। यह कोई काम नहीं करने वाली और सबसे भ्रष्ट सरकार है। 
 
क्या हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर के जाने से पार्टी पर फर्क पड़ेगा?
 
पार्टी किसी व्यक्ति से ऊपर है।
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