बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंकिंग प्रणाली में विफल रहा भारत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, November 13, 2019 05:25 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

बैंकिंग प्रणाली में विफल रहा भारत

पुनीत वाधवा /  October 20, 2019

एशमोर इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के लंदन स्थित प्रमुख जैन डेन ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि वह भारतीय बाजारों पर नकारात्मक नहीं हैं और यहां मौजूदा समस्याएं चक्रीय हैं, लेकिन बैंकिंग को लेकर समस्या बनी हुई है। बातचीत के मुख्य अंश:

 
शेयर बाजारों पर आपका क्या नजरिया है?
 
उभरते बाजार (ईएम) के शेयर बाजार सस्ते हैं और इन्हें विकसित बाजार के मुकाबले ज्यादा बेहतर परिदृश्य से समर्थन मिल रहा है। खासकर अमेरिकी शेयरों में निवेशकों ने महंगे शेयर खरीदे हैं। वे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती आई है, लेकिन दर कटौती से कई कंपनियों को मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि उनका आय परिदृश्य काफी बदतर हो गया है। उभरते बाजार के शेयर सस्ते हैं। डॉलर में गिरावट आने से उभरते बाजार काफी आकर्षक होंगे। 
 
निवेश स्थान के तौर पर आप भारत को किस नजरिये से देख रहे हैं?
 
भारतीय बाजार अन्य बाजारों के मुकाबले महंगे बने हुए हैं और भारत मंदी के हालात से गुजर रहा है। भारत को बैंकिंग व्यवस्था को दुरस्त बनाने में अपनी विफलता का खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। कुछ नीतिगत सुधार हुए हैं जो एक अच्छी खबर है, लेकिन अब बैंकों पर भरोसा प्रभावित हुआ है और सिर्फ संपूर्ण पुनर्पूंजीकरण और कमजोर बैंकों के पुनर्गठन से ही निवेशक उत्साहित होंगे और व्यवसाय चक्र में सुधार आएगा।
 
क्या भारतीय बाजार में गिरावट का अगला चरण कॉरपोरेट आय में नरमी की वजह से दिखेगा?
 
मैं भारतीय बाजारों पर पूरी तरह नकारात्मक नहीं हूं। बैंकिंग को छोड़कर मौजूदा समस्याएं चक्रीय हैं। यदि यह प्रशासन लगातार दीर्घावधि नजरिये पर कायम रहता है तो मौजूदा व्यवसाय चक्र की स्थिति में मजबूत सुधार आएगा। सरकार ने कॉरपोरेट कर कटौती पर ध्यान दिया जिससे रोजगार में मदद मिलनी चाहिए। मुझे आगामी आय सीजन में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन मेरा मानना है कि अर्थव्यवस्था 2020 में सुधार दर्ज करेगी। इसलिए, अगले वर्ष की दूसरी छमाही में आय में मजबूती आनी चाहिए। 
 
क्या आप मानते हैं कि बाजार सरकार के नीतिगत उपायों की अनदेखी कर रहे हैं?
 
नहीं, बाजार राजकोषीय प्रोत्साहनों की अनदेखी नहीं कर रहा है, लेकिन स्पष्ट रूप से ये प्रोत्साहन उस तरह के नहीं है जैसे कि होने चाहिए। वैश्विक स्तर पर समस्याएं दिख रही हैं। बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाए जाने की जरूरत होगी। सरकार को अर्थव्यवस्था विदेशी निवेशकों के लिए खोलने को लेकर गंभीर होने की जरूरत होगी। 
 
आपके पसंदीदा और नकारात्मक क्षेत्र कौन से हैं?
 
हमें भारतीय बॉन्ड पसंद है और मुद्रा तथा शेयरों पर नकारात्मक बने हुए हैं। यह मौजूदा मंदी के लिहाज से सही परिसंपत्ति मिश्रण है। बैंकों में भरोसा ताजा विफलताओं से कमजोर पड़ा है। सरकार और नियामकों को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत होगी। हम फिलहाल चक्रीयता से जुड़े शेयरों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। श्रेष्ठ रणनीति रक्षात्मक बने रहना है। जब मौजूदा मंदी पूरी हो जाएगी तो तेजी के बाजार में शेयरों के लिए बेहतर निवेश अवसर होगा।
 
क्या राजकोषीय चिंता बढऩे से बाजार में तेज गिरावट आएगी?
 
राजकोषीय परिदृश्य के बारे में स्पष्टता का अभाव है। अर्थव्यवस्था में कमजोरी आई है। राजकोषीय अनुशासन गैर-संबद्घ सुधार से जुड़ा हुआ है। फिर से जीत के बाद मोदी को उसी तरह की बहादुरी और साहस दिखाने की जरूरत होगी जैसा कि उनके पहले कार्यकाल में देखने को मिला। 
 
भारत और अन्य केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दर को लेकर आपका क्या नजरिया है?
 
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और कटौती करेगा क्योंकि अर्थव्यवस्था में नरमी आई है। चूंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नरमी आई है, इसलिए अमेरिकी फेडरल कोष की दर घटाएगा और इसे मौजूदा के मुकाबले 200 आधार अंक कम करेगा। ईएम बॉन्ड सकारात्मक प्रतिफल वाला एकमात्र बॉन्ड होगा। 
Keyword: PMC, RBI, bank, share, market,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार क्षेत्र को राहत देने के उपाय करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.