बिजनेस स्टैंडर्ड - हुआवे का राजस्व 56 फीसदी बढ़ा
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हुआवे का राजस्व 56 फीसदी बढ़ा

अर्णव दत्ता / नई दिल्ली October 20, 2019

दूरसंचार उपकरण बनाने वाली चीन की कंपनी हुआवे की मुसीबत दो साल पहले शुरू हुई थी जब अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोला था और अब अमेरिका सरकार के प्रतिबंध के कारण उसका संकट गहरा गया है। लेकिन दुनिया के दूसरे सबसे बड़े दूरसंचार बाजार भारत में उसके कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी पंजीयक के आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 56 फीसदी बढ़ा। 2018-19 के दौरान हुआवे टेलीकम्युनिकेशंस इंडिया का राजस्व पिछले वर्ष के 8,282 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 12,884 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का शुद्घ मुनाफा 213 फीसदी बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गया जो 2017-18 में 199 करोड़ रुपये था। 2014-15 से उसका राजस्व 1,844 करोड़ रुपये था जो पिछले पांच साल में छह गुना बढ़ा। हालांकि इस दौरान कंपनी का राजस्व कम हुआ है। 2014-15 में कंपनी ने 430 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था जो 2017-18 में घटकर 199 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी पंजीयक के आंकड़ों के मुताबिक समूह की एक अन्य कंपनी हुआवे टेक्नोलॉजिज का राजस्व 10.5 फीसदी बढ़ा। सॉफ्टवेयर सेवाएं देने वाली इस कंपनी का राजस्व 2018-19 में 986 करोड़ रुपये रहा। हालांकि कंपनी का शुद्घ मुनाफा दस फीसदी गिरकर 49.5 करोड़ रुपये रह गया। 
 
स्थानीय बाजार में प्रदर्शन से हुआवे को राहत मिली होगी जो अब भारत पर पूरा जोर लगा रही है। पिछले सप्ताह हुआवे की भारतीय इकाई के मुख्य कार्यकारी जे चेन ने कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में भारतीय बाजार कंपनी के लिए बेहद अहम है। चेन ने कहा कि हुआवे भारत सरकार द्वारा तय नियमों और काूननों का पूरी तरह पालन करने के लिए तैयार है। चेन ने मंगलवार को एक साक्षात्कार में कहा, 'भारतीय बाजार में अब एक व्यवस्था बन गई है। मुझे लगता है कि अगर हुआवे के कारण यह व्यवस्था टूटती है तो इसका न केवल वित्तीय नुकसान होगा बल्कि इससे प्रौद्योगिकी विकास भी प्रभावित होगा।' हुआवे की चिंता नाहक नहीं है। अगले कुछ वर्षों के दौरान देश की तीन प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा 2.1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की संभावना है। 
 
हालांकि भारत सरकार अब तक तय नहीं कर पाई है कि 5जी में कंपनी को हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी या नहीं। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने 5जी के परीक्षण में हुआवे से दूर रहने पर सहमति जताई है। हालांकि भारती एयरटेल के संस्थापक और चेयरमैन सुनील मित्तल ने हाल में जोरशोर से हुआवे का पक्ष लिया था। 
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