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पीएमसी बैंक के जमाकर्ता उच्च न्यायालय में दाखिल करेंगे याचिका

निधि राय / मुंबई October 14, 2019

पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के जमाकर्ता मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं। इन जमाकर्ताओं का पक्ष है कि बैंक में घोटाला सामने आने के बाद से वे अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। पीएमसी बैंक डिपॉजिटर्स एसोसिएशन के संयोजक विश्वास उटगी ने कहा, 'हम मसौदा तैयार कर रहे हैं और मंगलवार को रिट याचिका दायर करेंगे। हम समझना चाहते हैं कि किस वजह से बैंक के चेयरमैन के पद से वरयाम सिंह को उनके पद से क्यों नहीं हटाया गया है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पता है कि उनका इसमें हितों का टकराव है। वह हाउसिंग डेवलपमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (एचडीआईएल) के बोर्ड सदस्य भी थे।' 
 
उटगी ने कहा, 'इस मामले की जांच शहकारी शहरी बैंकों पर कार्य बल (टीएएफसीयूबी) से क्यों नहीं करया गया था? हम सभी सहकारी बैंकों में जमाओं के लिए 100 फीसदी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस रिट याचिका में हम रिजर्व बैंक और पीएमसी बैंक दोनों को पक्ष बनाएंगे।' उटगी इस रिट याचिका में सायन स्थित गुरु नानक विदायक को भी प्रस्तुत कर रहे हैं जो समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों को संचालित कर रहा है। सिख समुदाय ने पहले ही अपने समुदाय से पीएमसी बैंक बोर्ड के आठ सदस्यों को प्रतिबंधित कर दिया है। 
 
मनीलाइफ फाउंडेशन भी व्हाट्सएप, ईमेल और फोन कॉल के जरिये सभी जमाकर्ताओं के हस्ताक्षर जुटाने के लिए काम कर रहा है। ट्रस्टी मनीलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक सुचेता दलाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'हम जमाकर्ताओं के हस्ताक्षर जुटा रहे हैं क्योंकि यदि संख्या बड़ी होगी तो इसका असर न्यायालय पर होगा और याचिका को मदद मिलेगी।' पीडि़त जमाकर्ताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी बात की थी जब वह राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए मुंबई में थी। 
 
सीतारमण ने कहा कि उन्होंने रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास से उनकी समस्याओं को लेकर बात की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सहकारी बैंक रिजर्व बैंक के नियमन में आते हैं चाहे उनका पंजीकरण राज्य सरकार में ही क्यों न हुआ हो। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जमाकर्ताओं को भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री से बात करेंगे। राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएमसी बैंक घोटाला एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। बैंक में अनियमितता की चर्चा ने सितंबर के अंत में जोर पकड़ा जब एक मुखबिर ने रिजर्व बैंक को बताया कि बैंक केबही खातों में भारी अनियमितताएं हैं। इसके बाद रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक की सभी गतिविधियों को रोक दिया और बोर्ड प्रबंधन को निलंबित कर दिया। 
 
इन गड़बडिय़ों के सामने आने के बाद शुरू में जमाकर्ताओं को छह महीने में 1,000 रुपये निकालने की अनुमति दी गई थी। उसके बाद इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया और अंतिम रूप इसे संशोधित कर प्रति खाताधारक छह महीने में 25,000 रुपये निकालने की अनुमति दी गई है। पीएमसी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस ने इस बात को माना कि उनके बोर्ड ने उन्हें 21,000 से अधिक फर्जी खातों में छेड़छाड़ करने में मदद की जिससे पैसे को मुंबई स्थित रियल्टी कंपनी एचडीआईएल को दिया गया। एचडीआईएल के प्रमोटर, पीएमसी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और चेयरमैन को गिरफ्तार किया जा चुका है और मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा मामले की जांच कर रही है। 
Keyword: PMC, RBI, bank,,
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