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एसईएल की जांच करेगा मंत्रालय

रुचिका चित्रवंशी / नई दिल्ली October 10, 2019

कंपनी मामलों का मंत्रालय (एमसीए) लुधियाना की कंपनी एसईएल मैन्युफैक्चरिंग द्वारा बैंकों के 4,000 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में चूक करने के मामले की जांच करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी है। एसईएल मैन्युफैक्चरिंग के ऊपर करीब 4,275 करोड़ रुपये का कर्ज है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से तैयार की गई चूककर्ताओं की सूची में कंपनी दूसरे स्थान पर है, जिन्हें दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता प्रक्रिया के तहत डाला गया है। हाल ही में उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय ने कंपनी के खिलाफ शुरुआती जांच पूरी की है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'शुरुआती जानकारी के आधार पर हमने जांच की सिफारिश की है, जिसमें यह देखा जाएगा कि क्या कोई गड़बड़ी की गई है।' 
 
इस सिलसिले में भेजे गए ई मेल का एसईएल मैन्युफैक्चरिंग ने कोई जवाब नहीं दिया है। टैक्सटाइल विनिर्माता कंपनी की कई परिसंपत्तियों के बारे में अधिकारियोंं को जानकारी मिली है, जिनमें लुधियाना की कंपनी की नई दिल्ली में स्थिति निजी जेट और भोपाल में स्कूल शामिल है। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने शुरुआती जांच के हिस्से के तहत बैैंकों से कर्ज की चूक के बारे में कहा है। मंत्रालय इस हिसाब से भी जांच करेगा कि क्या इस चूक में कोई धोखाधड़ी की गई है। एसईएल मैन्युफैक्चरिंग के चेयरमैन राम शरण सलूजा ने कंपनी की 2019 की सालाना रिपोर्ट में कहा, 'हमें नकदी के संकट की वजह से परिचालन को लेकर कठिनाई झेलनी पड़ रही है क्योंकि सीडीआर पैकेज के तहत जारी राशि कर्जदाताओं ने कंपनी को जारी नहीं किया है। इसकी वजह से विनिर्माण क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।' ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता 2016 (आईबीसी) के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआरआईपी) कंपनी के खिलाफ शुरू की गई, जब भारतीय स्टेट बैंंक ने कंपनी को कर्ज देने वाले की हैसियत से अक्टूबर 2017 में याचिका दाखिल की और इसे राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) चंडीगढ़ ने स्वीकार कर लिया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के 22 जून 2018 के फैसले के बाद प्रक्रिया को लेकर दुविधा की स्थिति थी, जिसे हाल ही में फिर शुरू किया गया है।
 
इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक अंतरिम समाधान पेशेवर नवनीत कुमार गुप्ता ने  सीआरआईपी के तहत 6 जून को कंपनी का नियंत्रण ले लिया है। एसईएल मैन्युफैक्चरिंग विभिन्न तरह के बुने हुए गारमेंट, तौलिए, फैब्रिक और विभिन्न तरह के धागे बनाती है, जिसके भारत में कई स्थानों पर उत्पादन संयंत्र हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी को 23.6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 
Keyword: MCA, SEL, bank loan,,
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