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वोडाफोन आइडिया को 2021 में होगी नई इक्विटी की दरकार

देव चटर्जी / मुंबई October 10, 2019

पूंजीगत खर्च घटाने के बावजूद वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2021 में प्रवर्तकों से नई इक्विटी की दरकार होगी क्योंंकि इंडस की हिस्सेदारी बिक्री समेत उसके पास मौजूद नकदी अगले 15 महीने तक ही चल पाएगी। इस साल मई में कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिनमें प्रवर्तकों (ब्रिटेन की वोडाफोन पीएलसी और बिड़ला समूह) ने कंपनी में अपनी शेयरधारिता के हिसाब से क्रमश: 11,000 करोड़ रुपये और 7,250 करोड़ रुपये का निवेश किया है। राइट्स इश्यू की कीमत 12.50 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी। राइट्स इश्यू बंद होने के बाद से वोडाफोन आइडिया का शेयर भाव आधा रह गया है और गुरुवार को यह 6.22 रुपये पर रहा। बैंकरों का कहना है कि कंपनी को अपना परिचालन बनाए रखने के लिए और फंडिंग की दरकार होगी। वोडाफोन आइडिया के पास दूरसंचार टावर कंपनी इंडस टावर की 11.5 फीसदी हिस्सेदारी है और वह हिस्सेदारी बिक्री से 5,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद कर रही है।
 
वैश्विक बैंकिंग फर्म क्रेडिट सुइस ने एक रिपोर्ट में कहा है, इक्विटी का जरिया महत्वपूर्ण है क्योंंकि वोडाफोन आइडिया का कर्ज मार्च 2019 में 1.15 लाख करोड़ रुपये को छू गया, जो कंपनी के लिए नया कर्ज जुटाना मुश्किल बनाता है। संपर्क किए जाने पर वोडाफोन आइडिया के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से मना कर दिया। लेनदारों ने कहा कि जब तक सरकार दूरसंचार क्षेत्र को सहारा देने के लिए नया पैकेज नहीं देती वोडाफोन आइडिया के अलावा दूसरी कंपनियों को तब तक लागत पूरी करने में मुश्किल होगी जब तक कि वे टैरिफ में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं करती या नया कर्ज नहीं जुटाती। अगर ये कंपनियां 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में भागीदारी करना चाहती हैं तो उन्हें ऐसा करना होगा।
 
इस साल मार्च तक भारती एयरटेल का कर्ज 1.06 लाख करोड़ रुपये था जबकि रिलायंस जियो पर 1.12 लाख करोड़ रुपये। इसके अलावा दूरसंचार क्षेत्र पर स्पेक्ट्रम का 2.95 लाख करोड़ रुपये बकाया भी है। बुधवार को रिलायंस जियो ने 6 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से इंटरनेट कनेक्शन शुल्क का भार ग्राहकों पर डाल दिया। इस तरह से इस क्षेत्र में टैरिफ में इजाफे की संभावना बढ़ा दी और दूरसंचार कंपनियों के शेयरधारकों को खुशी का मौका दिया। क्रेडिट सुइस ने कहा, हमें उम्मीद है कि वोडाफोन आइडिया का शुद्ध कर्ज-एबिटा अनुपात वित्त वर्ष 2022 तक घटकर 10.5 गुना रह जाएगा, जिसके बाद कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। लेकिन यह वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य स्तर चार गुने से कम के मुकाबले काफी ज्यादा होगा।
Keyword: vodafone, idea, telecom, equity, share market,,
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