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जम्मू-कश्मीर में विस्थापितों के लिए पुनर्वास पैकेज मंजूर

अर्चिस मोहन /  October 09, 2019

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से विस्थापित 5,300 परिवारों के लिए वित्तीय मदद को बुधवार को मंजूरी दे दी। हर परिवार को 5.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। ये परिवार पीओके से आए थे और शुरू में जम्मू-कश्मीर से बाहर बसे थे, लेकिन उन्होंने बाद में राज्य में अपना ठिकाना बना लिया था। पुनर्वास पैकेज की घोषणा हुई है, जब 24 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में प्रखंड विकास परिषद (बीडीसी) के चुनाव भी होने जा रहे हैं। कांग्रेस ने जम्मू में घोषणा की कि वह इन चुनावों का बहिष्कार करेगी।  

 
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंत्रिमंडल के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि एक 'ऐतिहासिक गलती' को सही किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 नवंबर, 2016 को पीओके से विस्थापित उन परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी, जो विभाजन के बाद जम्मू-कश्मीर में बस गए थे। यह मदद प्रधानमंत्री के जम्मू-कश्मीर विकास पैकेज 2015 के तहत मुहैया कराई गई है। जावड़ेकर ने कहा कि उस समय पैकेज में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया था जो पाक अधिकृत कश्मीर से आए थे, लेकिन शुरुआत में जम्मू-कश्मीर से बाहर बसे थे। लेकिन अब उन्हें भी इस पैकेज में शामिल कर लिया गया है। सरकार ने कहा कि 1947 में पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर पर हमला करने से 31,619 परिवार पीओके से जम्मू-कश्मीर राज्य में आए थे। इन परिवारों में से 26,319 परिवार जम्मू-कश्मीर में बसे और 5,300 परिवार शुरुआत में जम्मू-कश्मीर से बाहर देश के अन्य राज्यों में बसे थे। 
 
सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'इसके अलावा 1965 और 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई में 10,065 और परिवार चिनाब नियाबत क्षेत्र से विस्थापित हुए। इनमें 3,500 परिवार 1965 की लड़ाई के दौरान और 6,565 परिवार 1971 की लड़ाई के दौरान विस्थापित हुए।' जम्मू-कश्मीर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी ए मीर ने संवाददाताओं से कहा, 'कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में विश्वास करती है और कभी भी किसी चुनाव से दूर नहीं भागती है। हालांकि आज, हम राज्य प्रशासन के उदासीन रवैये और घाटी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगातार हिरासत में रखे जाने के कारण बीडीसी चुनावों का बहिष्कार करने को मजबूर हैं।' 
 
संयुक्त राष्ट्र के कुछ कर्मी कर रहे कश्मीर में काम : यूएन
 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा, 'हम कश्मीर के हालात पर यकीनन चिंतित हैं और यह चिंता लगातार बनी हुई है। मेरा मानना है कि हमारे कुछ मानवीय सहायताकर्मी... भारत में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के हमारे कुछ कर्मी वहां काम कर पा रहे हैं।'
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