बिजनेस स्टैंडर्ड - विमानन कंपनियां कर रहीं बेड़े का विस्तार
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विमानन कंपनियां कर रहीं बेड़े का विस्तार

दिसंबर तक 30 से ज्यादा विमान शामिल करेंगी घरेलू कंपनियां, कम किराये से मुनाफे पर पड़ सकता है असर
अरिंदम मजूमदार / नई दिल्ली 10 08, 2019

पंख पसारने की तैयारी

बिजनेस स्टैंडर्ड विमानन कंपनियां कर रहीं बेड़े का विस्तारमंदी से बेफ्रिक भारतीय विमानन कंपनियां इस साल सर्दियों में अपने बेड़े में दर्जनों विमान शामिल करने और किराये पर गलाकाट प्रतिस्पर्धा करने के लिए कमर कस रही हैं। इसका मतलब यह है कि यात्रियों को सस्ते दाम पर हवाई टिकट मिलेगा लेकिन पहले से ही कम मार्जिन पर कारोबार कर रहीं विमानन कंपनियों के मुनाफे पर जोखिम बढ़ सकता है। एक ओर विमानन कंपनियां अपना विस्तार कर रही हैं, वहीं वाहन और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र मंदी से कराह रहा है। कारों की बिक्री घटने से कंपनियों को उत्पादन में कटौती तक करनी पड़ रही है। उद्योग के अनुमान के अनुसार भारत में अधिसूचित विमानन कंपनियां दिसंबर तक कम से कम 30 नए विमानों को अपने बेड़े में शामिल करेंगी। 

इनमें से 20 नवंबर के पहले हफ्ते में ही आ जाएंगे। टाटा -सिंगापुर एयरलाइन का संयुक्त उपक्रम विस्तारा थोड़े समय के अंतराल के बाद अपनी क्षमता का विस्तार करने में जुट गई है। कंपनी सालाना औसतन पांच विमानों को बेड़े में शामिल कर रही थी लेकिन इसी महीने वह पांच विमान अपने बेड़े में जोड़ लेगी। दिसंबर तक 5 और विमानों के शामिल होने से विस्तारा के बेड़े में कुल 41 विमान हो जाएंगे। नए विमानों में एक बोइंग 737 और नौ एयरबस 320 नियो होंगे।

विमानन कंपनियां अपनी क्षमता का विस्तार करने के लिए इस कदर उतावली हैं कि अजय सिंह की अगुआई वाली विमानन कंपनी स्पाइसजेट द्वारा तुर्की की विमानन कंपनी कॉरेनडन से सकार्मिक पट्टे (वेट लीजिंग) पर पांच बोइंग 737 ले रही है। कंपनी का क्षमता विस्तार पिछले कुछ समय में स्थिर है और कंपनी बोइंग 737 मैक्स विमानों का परिचालन शुरू होने का इंतजार कर रही हैं। बीते समय में दो बाइंग 737 मैक्स विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से इस मॉडल के सभी विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं।

वेट लीजिंग के तहत कॉरेनडन स्पाइसजेट को विमान और चालक दल दोनों पट्टे पर देगी। इस तरह के पट्टे सामान्य विमानों के पट्टे से महंगे होते हैं। लेकिन विमानन कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जब अन्य कंपनियां क्षमता विस्तार कर रही हैं, तो उनके पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है। एक विमानन कंपनी के अधिकारी ने कहा, 'मौजूदा हवाई किराये को देखते हुए विमानन कंपनियों को तार्किक तरीके से आगे बढऩा चाहिए लेकिन जब अन्य क्षमता बढ़ाने में लगी हों तो दूसरी कंपनी भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहेगी।' सकार्मिक पट्टे आम तौर पर 6 माह की छोटी अवधि के लिए होते हैं।

बिजनेस स्टैंडर्ड विमानन कंपनियां कर रहीं बेड़े का विस्तारइसी तरह इंडिगो भी इस महीने क्षमता विस्तार कार्यक्रम में जोर-शोर से लगी है। इंडिगो इस महीने करीब चार विमानों को अपने बेड़े में शामिल करेगी। इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी रणजय दत्ता ने कहा, 'हमारी विस्तार की योजना तय है। हम सालाना 30 फीसदी की दर से विकास करने जा रहे हैं। हमारे बेड़े में विमान शामिल होने वाले है और इसके विस्तार को लेकर हम खुश हैं। अन्य कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं, ऐसे में हमें भी उनका मुकाबला करना होगा।' इंडिगो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी क्षमता बढ़ाएगी, जहां से वह अच्छा किराया कमा सकती है। किफायती विमानन कंपनी गो एयर बीते शुक्रवार को दो नए विमान अपने बेड़े में शामिल किए हैं और अक्टूबर अंत तक एक और विमान लेगी।

गो एयर के प्रबंध निदेशक जेह वाडिया ने कहा, 'हमारी योजना हर महीने औसतन कम से कम एक विमान को अपने बेड़े में शामिल करने की है।' हालांकि विमानन कंपनियों की विस्तार योजना को लेकर निवेशक और उद्योग के अधिकारी सहज नहीं है क्योंकि क्षमता बढ़ाने से किराये को लेकर जंग शुरू होगी जिससे छुट्टियों के मौसम में भी विमानन कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

एक विमानन कंपनी के कार्याधिकारी ने कहा, 'विमानन कंपनियां क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और जेट एयरवेज के ठप पड़ने से किराये को तार्किक बनाने का मौका गंवा सकती हैं।' जनवरी से अगस्त के दौरान घरेलू हवाई यातायात 3 फीसदी बढ़ा है और ज्यादातर मांग कम किराये की वजह से आई है। दिवाली के लिए 25 अक्टूबर से किराया बढ़ सकता था लेकिन कंपनियां अभी इसमें इजाफा नहीं कर रही हैं।

विमानन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि इस समय मुनाफे को बरकरार रखना कठिन होगा क्योंकि कंपनियां अभी सीटों को भरने पर ध्यान दे रही हैं। आंकड़े भी कुछ ऐसा ही बयां करते हैं। पिछले नवंबर में विमानन कंपनियों ने किराये में 8 फीसदी का इजाफा किया था लेकिन शीर्ष 15 मार्गों में से 12 पर यात्रियों की संख्या में गिरावट आई थी।

स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि भारतीय विमानन कंपनियां ऐसे माहौल में परिचालन कर रही हैं, जहां हमारी लागत सर्वाधिक है जबकि किराया बेहद कम है। दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पिछले तीन साल से किराया नहीं बढ़ा है जबकि हमारी परिचालन लागत में काफी इजाफा हुआ है। अस्थिर किराये से विमानन उद्योग में जोखिम बढ़ सकता है।
Keyword: aviation, flight, airport, AAI,,
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