बिजनेस स्टैंडर्ड - निर्माण उपकरणों की मांग पर चोट
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निर्माण उपकरणों की मांग पर चोट

शैली सेठ मोहिले और अमृता पिल्लई / मुंबई October 08, 2019

बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट परियोजनाओं में मंदी का असर निर्माण उपकरणों की मांग पर पड़ा है। निर्माण उपकरण में लगातार तीन साल तक बढ़त दर्ज हुई थी, लेकिन आईएलऐंडएफएस संकट सामने आने के बाद से खनन मशीनों, जेसीबी जैसे लोडर समेत ऐसे उपकरणों की बिक्री पर असर पड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष में बिक्री 15 से 18 फीसदी तक घटेगी, जो कई वर्षों में सबसे तेज गिरावट होगी। मंदी ने निर्माण उपकरण के निर्माताओं को संयंत्र बंद करने और अपनी योजनाओं पर दोबारा नजर डालने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें उम्मीद है कि सरकार की तरफ से घोषित हालिया कदमों से अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर सकारात्मक असर पड़ेगा और यह अगले तीन से छह महीने में नजर आएगा।
 
टाटा हिताची के मामले पर नजर डालते हैं। टाटा हिताची के प्रबंध निदेशक संदीप सिंह ने कहा, खदान व बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए खनन मशीनों का निर्माण करने वाली कंपनी कर्नाटक के धारवाड़ और पश्चिम बंगाल के खडग़पुर संयंत्र में पिछले चार महीने में 24 दिन कामकाज बंद करने के लिए बाध्य हुई। सिंह ने कहा, पिछले साल तक हमारे संयंत्र 75-80 फीसदी क्षमता पर परिचालित हो रहे थे, जो अब घटकर आधी रह गई है। इसके परिणामस्वरूप टाटा हिताची ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए नियोजित 30 फीसदी खर्च टाल दिया है। उन्होंने कहा, इसमें से ज्यादातर खर्च उत्पादन में विस्तार से संबंधित है।
 
संदीप सिंह निर्माण उपकरणों के विनिर्माताओं के संगठन के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें आशंका है कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष के आखिर तक उद्योग में पिछले साल के मुकाबले 15 से 18 फीसदी की गिरावट दर्ज करेगा। जेसीबी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सुबीर कुमार चौधरी ने ऐसी ही राय जाहिर की। भुगतान के चक्र में अवरोध से नकदी की चुनौतियां पेदा हो रही है और एनबीएफसी पर दबाव ने उद्योग पर असर डाला है। उन्होंने कहा, इन प्रगतियों से हम समान रूप से प्रभावित हुए हैं और अब अपनी कारोबारी योजना पर दोबारा नजर डाल रहे हैं ताकि कम मांग को समायोजित किया जा सके। चौधरी को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे की बड़ी परियोजनाओं की घोषणा और ग्रामीण विकास पर ज्यादा ध्यान दिए जाने से मांग सुधारने में मदद मिलेगी।
 
कैलेंडर वर्ष 2016 के बाद के तीन वर्षों में निर्माण उपकरण निर्माताओं की बढ़त में मुख्य रूप से सड़कों ने सहारा दिया है। इसलिए मौजूदा वर्ष में सड़क परियोजनाओं का अनुबंध देने में नरमी का निर्माण उपकरण की मांग पर विपरीत असर पड़ा है। कैलेंडर वर्ष 2018 में इसमें 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। इसमें गिरावट 2019 की शुरुआत में आम चुनाव की तैयारी के दौरान हुई। मौजूदा कैलेंडर वर्ष में सितंबर तक उद्योग का वॉल्यूम 20 फीसदी से ज्यादा घटा है। केयर रेटिंग्स का मानना है कि सड़क निर्माण की कुल रफ्तार वित्त वर्ष 2019-20 में घटकर करीब 26-27 किलोमीटर रोजाना रह जाएगी क्योंंकि अनुबंध दिए जाने की रफ्तार में कमी, सीमित बजटीय सहायता, एनबीएफसी की नकदी की कमजोर स्थिति और मॉनसून के दौरान निर्माण में अवरोध के अलावा जमीन की ऊंची लागत का इस पर असर पड़ेगा।
 
इक्रा ने निर्माण उपकरण क्षेत्र का परिदृश्य संशोधित कर नकारात्मक कर दिया है। मांग में अवरोध अल्पावधि में बना रह सकता है जब तक कि सार्वजनिक क्षेत्र की तरफ से सुधार नहीं किया जाता। लेकिन हर कोई शिकायत नहीं कर रहा। एस्कॉट्र्स कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के सीईओ ने कहा, मॉनसून के कारण सितंबर तिमाही आमतौर पर निर्माण उपकरण उद्योग के लिए कमजोर होता है। नेटवर्क के विस्तार की बेहतर योजना, नए उत्पादों की पेशकश आदि से एस्कॉट्र्स को इस तिमाही में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिली है। हालांकि उन्होंने कहा कि चुनाव, नकदी संकट, प्रमुख बाजारों में भारी बारिश, देर से भुगतान आदि का उद्योग पर विपरीत असर पड़ा है।
Keyword: infrastructure, real estate, IL&FS,,
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