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2021 तक खत्म होगी केरोसिन सब्सिडी

शाइन जैकब / नई दिल्ली October 06, 2019

सरकार 2020-21 तक केरोसिन का आवंटन घटाकर 20 लाख किलोलीटर करने और इस ईंधन पर 2 साल में चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी खत्म करने की योजना बना रही है। सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक केरोसिन सब्सिडी घटकर 5.48 रुपये प्रति लीटर रह गई है। सरकार कच्चे तेल और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय दाम के मौजूदा स्तर के हिसाब से करीब 22 महीने में सब्सिडी खत्म करने में सफल हो सकती है। पिछले 5 साल के दौरान केरोसिन पर सब्सिडी 18,859 करोड़ रुपये कम हुई है। 2014-15 में जहां केरोसिन सब्सिडी 24,799 करोड़ रुपये थी, वित्त वर्ष 2018-19 में यह घटकर 5,950 करोड़ रुपये रह गई।
 
इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'हमारी योजना 2019-20 तक केरोसिन आवंटन घटाकर 32 से 33 लाख किलोलीटर लाने की है और 2020-21 तक इसे घटाकर 30 लाख किलोलीटर कर दिया जाएगा।' सरकार हर महीने सब्सिडी वाले केरोसिन के दाम 25 पैसे बढ़ा रही है, जिससे कि चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी खत्म की जा सके। केरोसिन की खपत कम होने की बड़ी वजह ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस (एलपीजी) उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) 2016 में शुरू होने के बाद एलपीजी उपभोक्ताओं की ी संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में केरोसिन सब्सिडी के लिए 4,489 करोड़ रुपये का बजट रखा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में केरोसिन तेल पर सब्सिडी 940 करोड़ रुपये रही है।  
 
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दमन और दीव, दादर और नागर हवेली, अंडमान और निकोबार और पुदुच्चेरी सहित तमाम राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य को केरोसिन मुक्त करने का फैसला किया है। इसके बाद खपत और कम हो जाएगी। दिसंबर 2014 से अब तक केरोसिन के दाम में कोलकाता और मुंबई में 123 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और इस समय दाम क्रमश: 35.75 और 33.76 रुपये प्रति लीटर है। अधिकारियों ने संकेत दिए कि कुछ और राज्यों ने भी खपत में स्वैच्छिक रूप से कटौती करने का विकल्प चुना है। पेट्रोलियम प्लानिंग ऐंड एनलिसिस सेल (पीपीएसी) के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से अगस्त 2019 के बीच केरोसिन की खपत में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19.5 प्रतिशत की कमी आई है। अगस्त महीने में खपत में 24 प्रतिशत की कमी आई है। पीपीएसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 'अगस्त 2019 में आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, पुदुच्चेरी, पंजाब और उत्तराखंड ने तेल नहीं लिया है।' उज्ज्वला योजना की सफलता के साथ रसोई गैस की पहुंच 2014 के 62 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत हो गई है। 
 
हनीवेल यूओपी के भारत में क्षेत्रीय महाप्रबंधक माइक बनाच ने कहा कि केरोसिन खपत घटने और बाजार में इसकी अतिरिक्त उपलब्धता के कारण अब भारतीय तेल शोधक संयंत्र नई तकनीक अपनाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त केरोसिन को अन्य उत्पादों में बदला जा सके। हनीवेल ने केरोसिन यूनीक्रैकिंग प्रॉसेस पेश किया है, जिससे अतिरिक्त केरोसिन भारी नेफ्था में बदल जाता है, जिससे पेट्रोकेमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी की जा सकती है। यह तकनीक हॉनीवेल इंडिया टेक्नोलॉजी सेंटर ने गुडग़ांव में विकसित की है। बनाच ने कहा, 'केरोसिन यूनीक्रैकिंग प्रॉसेस खासकर भारत के लिए विकसित किया गया है। इससे रिफाइनरी अपना अतिरिक्त केरोसिन भारी नेफ्था में बदल सकेंगी।' 
Keyword: kerosene, subsidy, oil,,
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