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राजस्व में आया 225 फीसदी उछाल : जोमैटो

नेहा अलावधी और करण चौधरी / नई दिल्ली/बेगलूरु October 01, 2019

देश की सबसे पुरानी फूड एग्रीगेटर जोमैटो ने मंगलवार को कहा कि उसके राजस्व में वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही में तीन गुने से अधिक की वृद्घि हुई है और यह 20.5 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 6.3 करोड़ डॉलर रही थी। यह कंपनी हाल ही में अपने 600 कर्मचारियों से अधिक की छंटनी करने और महंगे सदस्य कार्यक्रम गोल्ड को लेकर रेस्टोरेंट की ओर से कड़ी आलोचना को लेकर खबरों में थी। कंपनी ने कहा है कि छह महीने पहले के मुकाबले उसके मासिक पूंजी खर्च की दर 60 फीसदी हो गई है।   

 
दीपिंदर गोयल की अगुआई वाली जोमैटो ने हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में मजबूती से अपने महंगी सदस्यता कार्यक्रम का बचाव किया था। इसमें उसने कहा था कि हैस्टैग लॉगआउट अभियान के बाद काफी संख्या में रेस्टोरेंट साझेदार उसके साथ जुड़े हैं। गोल्ड कार्यक्रम के तहत भुगतान करने वाले सदस्यों को सदस्य रेस्टोरेंट में मुफ्त खाने और पेय की सुविधा दी जाती है। कंपनी का यह कार्यक्रम अगस्त से विवाद में पड़ गया था।   रेस्टोरेंट संघ ने कहा है कि यह कार्यक्रम शुरुआत में महंगे रात्रि भोजन पर केंद्रित था, इसने भारी छूट के लिए प्रोत्साहित किया है जिसकी लागत भरपाई रेस्टोरेंट को करना पड़ता है। इस विरोध के बीच जोमैटो ने इस कार्यक्रम में बदलाव किया है और इसे अपने डिलिवरी सेवाओं तक फैलाया है।
 
मंगलवार को कंपनी ने कहा कि गोल्ड ने खोज से लेकर निष्ठा तक सफर पूरा कर लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'जोमैटो गोल्ड पर हमारे पास अब दुनिया भर में 14 लाख सदस्य हैं जो महीने में तीन बार से अधिक अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोल्ड एक बड़ा निष्ठावान कार्यक्रम है। अब तक जोमैटो गोल्ड में पांच फीसदी से कम रेस्टोरेंट भाग लेते हैं और हमारे एमएयू (मासिक तौर पर सक्रिय) के पांच फीसदी से कम गोल्ड सदस्य हैं। यहां प्रगति करने के लिए काफी संभावनाएं हैं।'  
 
भारतीय राष्ट्रीय रेस्टोरेंट संघ (एनआरएआई) ने आक्रामक कीमत निर्धारण और रेस्टोरेंट एग्रीगेटरों की ओर से भारी छूट दिए जाने के खिलाफ 14 अगस्त को हैस्टैग लॉगआउट अभियान शुरू किया था लेकिन समय बीतने के साथ जोमैटो गोल्ड को लेकर भारी निराशा व्यक्त की थी। एनआरएआई और एग्रीगेटरों के बीच अंतिम दौर की चर्चाएं सितंबर के अंत के आसपास हुई थी। अबतक एनआरएआई की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कोई आमराय नहीं बन पाई है। जोमैटो अपने स्तर पर फिर से दावा किया है कि गोल्ड कार्यक्रम सफल रहा है और आगे यह कंपनी की योजनाओं का अहम हिस्सा बना रहेगा। उसने अपने दावे का साबित करने के लिए कुछ संख्या भी सामने रखा है। 
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