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रिजर्व बैंक को था पीएमसी पर शक, साक्ष्य मिलते ही कार्रवाई

अनूप रॉय / मुंबई September 29, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंंक (पीएमसी बैंक) के एवरग्रीनिंग कर्ज पर कुछ समय, खासकर पिछली सांविधिक ऑडिट से ही संदेह था। एक समय पर बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ जॉय थॉमस को हटाने पर भी विचार किया गया, लेकिन पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य नहीं मिल सके। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी कि स्रोत सामग्री को भी झूठा करार दे दिया गया था। एवरग्रीनिंग कर्ज वह होता है, जो किसी दूसरे कर्ज को चुकाने के लिए दिया जाता है। एक सूत्र ने कहा, 'बैंक के निदेशक मंडल का खराब प्रशासन और इसके चेयरमैन वरयाम सिंह और एचडीआईएल ग्रुप कंपनीज के बीच संबंध कुछ समय के लिए रिजर्व बैंक की जांच के दायरे में था। बहरहाल आंकड़ोंं की हेराफेरी और धोखाधड़ी के साक्ष्य ढूंढने में हमेशा वक्त लगता है और जैसे ही पर्याप्त साक्ष्य मिल गए, रिजर्व बैंक हरकत में आ गया और मौजूदा और भविष्य के  जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बोर्ड को हटाने का फैसला किया।' 
 
रिजर्व बैंक ने पहले ही वरयाम सिंह और एचडीआईएल समूह के बीच संबंधों को लेकर बैंक से सफाई मांगी थी। खासकर यह सफाई एचडीआईएल की कंपनियोंं को कर्ज की सुविधा देने और इस समूह के खातों में अस्पष्ट लेन देन को लेकर सफाई मांगी गई थी। केंद्रीय बैंक ने पाया कि इस समूह के खातोंं में बड़े पैमाने पर एवरग्रीनिंग कर्ज दिया जा रहा है, जिसे रिजर्व बैंक ने गैर निष्पादित अग्रिम की श्रेणी में डाला, जबकि बैंक ने उसे मानक के रूप में रखा था।  रिजर्व बैंक ने 19 सितंबर को बैंक की जांच शुरू की। सूत्रों ने कहा कि इसमें थॉमस और इनकी टीम ने स्वीकार किया कि गलत किया गया है। 
 
बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक की चिंता यह थी कि स्रोत दस्तावेज जाली थे और चले आ रहे खातों की जगह डमी खाते रख दिए गए थे। केंद्रीय बैंक को इसलिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था क्योंकि सहकारी बैंक राज्यों द्वारा भी नियमित किए जाते हैं। और पीएमसी बैंक कई राज्यों में काम करने वाला सहकारी बैंक था।  एक सूत्र ने कहा, 'कोई भी नियामक या सुपरवाइजर नियमन के दायरे में आने वाली और पर्यवेक्षण वाली इकाई द्वारा धोखाधड़ी करने के संदेह के साथ अपना काम नहीं शुरू कर सकता। सुपरवाइजर और जिसका पर्यवेक्षण होना है, उनके बीच विश्वास का भी रिश्ता होता है। अगर किसी इकाई की हर सूचना या आंकड़ों की जांच संदेह या अविश्वास को आधार बनाकर करनी हो तो जांच का कोई अंत नहीं होगा।' 
 
रिजर्व बैंक सांविधिक ऑडिटर की रिपोर्ट के आंकड़ों पर भरोसा करने के साथ ही वह तमाम सूचनाएं एक नियमित समय पर बैंक से भी लेता है और इसके बाद बैंक की वित्तीय स्थिति के बारे में एक सही समझ बनाई जाती है। उपरोक्त उल्लिखित व्यक्ति ने कहा, 'उम्मीद की जाती है कि नियामक को दिए जाने वाले रिटर्न व आंकड़े प्रामाणिक और सही होंगे। बैंंक ने दरअसल गलत आंकड़े पेश किए और आंकड़े छुपाए गए। यह जानबूझकर किया गया, जिससे तथ्यों की गलत व्याख्या के साथ रिजर्व बैंंक को भ्रमित किया जा सके।'  सोमवार को जॉय थॉमस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, जिन्हें पहले ही बैंक के सीईओ और प्रबंध निदेशक पद से हटा दिया गया है। एक सूत्र ने कहा कि पीएमसी बैंक के अधिकारियों ने रिजर्व बैंक को सूचित किया कि बैंक अपनी वृद्धि को लेकर पूरी तरह से एचडीआईएल समूह पर निर्भर था और यहां तक कि बोर्ड के सदस्यों द्वारा उसे हर स्तर पर बचाया गया।
Keyword: PMC, RBI, bank, HDIL,,
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