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आईआरसीटीसी आईपीओ: दांव लगा सकते हैं निवेशक

श्रीपाद ऑटे /  September 29, 2019

इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) निवेशकों के लिए एक अच्छा दांव है। रेल मंत्रालय के अंतर्गत काम कर रही कंपनी ई-टिकटिंग, रेलगाडिय़ों में भोजन मुहैया कराने और रेलवे स्टेशनों पर डिब्बाबंद पेयजल सुविधा मुहैया कराती है। उचित मूल्यांकन, मजबूत लाभांश रिकॉर्ड, जीरो-ऋण के दर्जा और इसकी तीन प्रमुख सेवाओं के लिए मजबूत परिदृश्य अन्य सकारात्मक कारक हैं। आईआरसीटीसी ने वित्त वर्ष 2019 में 27.4 प्रतिशत की मजबूत राजस्व वृद्घि दर्ज की, जबकि वित्त वर्ष 2017-19 के दौरान यह औसत 11 प्रतिशत पर थी। अच्छी वृद्घि का कंपनी के राजस्व पर भी असर दिखा है और वित्त वर्ष 2019 में इसमें 24 प्रतिशत तक की वृद्घि दर्ज की गई, जबकि पिछले कुछ वित्त वर्ष में यह वृद्घि लगभग 9 प्रतिशत थी। ई-टिकटिङ्क्षग पर सेवा शुल्क वापस लिए जाने (नोटबंदी के बाद) से वित्त वर्ष 2018 में कंपनी के राजस्व में कमी को बढ़ावा मिला। कई कारकों की मदद से राजस्व वृद्घि भी मजबूत रहने की संभावना है। क्रिसिल के अनुसार घरेलू पर्यटकों की संख्या में वर्ष 2018-2023 के दौरान 9-10 प्रतिशत की सालाना वृद्घि का अनुमान है। क्रिसिल को भारत का ईबुकिंग बाजार अगले पांच वर्षों के दौरान 16-17 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्घि दर से बढऩे की संभावना है, क्योंकि रेलवे में ई-बुकिंग में सुधार आ रहा है। 

 
ई-बुकिंग में वृद्घि वित्त वर्ष 2019 के 70 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 81-83 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है। भारत में इंटरनेट इस्तेमाल की पहुंच भी मजबूत रहने की संभावना है। इन सभी से कंपनी के प्रमुख सेगमेंटों - इंटरनेट टिकटिंग, कैटरिंग और डिब्बाबंद पेयजल यानी रेल नीर के पिकस में मदद मिलनी चाहिए। इन तीन सेगमेंट का आईआरसीटीसी के वित्त वर्ष 2019 के राजस्व में लगभग 77 प्रतिशत योगदान रहा, जबकि कैटरिंग एवं इंटरनेट टिकटिंग ने 41 प्रतिशत और 13 प्रतिशत की राजस्व वृद्घि दर्ज की। वहीं रेल नीर से आईआरसीटीसी के राजस्व को 4 प्रतिशत तक की मदद मिली। क्रिसिल के अध्ययन के अनुसार कैटरिंग व्यवसाय अगले पांच वर्षों के दौरान 7.5-8.5 प्रतिशत तक बढऩे का अनुमान है। इसके अलावा, 10 नए संयंत्रों के जुडऩे (6 निर्माणाधीन और 4 नियोजित) के अलावा 10 मौजूदा संयंत्रों के साथ रेल परिसरों और रेलगाडिय़ों में पेयजल में आईआरसीटीसी की बाजार भागीदारी 45 प्रतिशत से बढ़कर दीर्घावधि में 80 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।
 
आईआईएफएल में विश्लेषक तेजस्विनी कुमारी के अनुसार, टिकट बुकिंग पर कन्वेंस शुल्क लगने और 6 नए रेल नीर संयंत्रों के चालू होने से आईआरसीटीसी की राजस्व वृद्घि वित्त वर्ष 2019-21 के दौरान 16 प्रतिशत रहने की संभावना है। इंटरनेट टिकटिंग (वित्त वर्ष 2019 में 67 प्रतिशत) और रेल नीर (वित्त वर्ष 2019 में 17 प्रतिशत) में ज्यादा मार्जिन को देखते हुए एबिटा मार्जिन वृद्घि 6 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं समान अवधि में 40 प्रतिशत की शुद्घ मुनाफा वृद्घि का अनुमान है। कुमारी ने इस आईपीओ के लिए 'खरीदेंÓ का सुझाव दिया है। 
 
टिकट बुकिंग शुल्क सरकार द्वारा हाल में लगाया गया है। यह शुल्क 2014 में हटा लिया गया था। यह एक बड़ा जोखिम है क्योंकि सरकार की नीति में किसी तरह का बदलाव कंपनी के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। आईआरसीटीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक महेंद्र प्रताप मॉल के अनुसार, दरअसल, सेवा शुल्क को वापस लिए जाने से वित्त वर्ष 2018 में आईआरसीटीसी के कुल प्रदर्शन पर दबाव पड़ा था और उसे लगभग 200 करोड़ रुपये के टिकट राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा। निजी क्षेत्र के लिए कुछ सेगमेंट खोलना अन्य जोखिम है। इसके अलावा, यदि रेल मंत्रालय लागत दबाव ग्राहकों पर नहीं डालने का निर्णय लेता है मुद्रास्फीति में किसी तरह की तेजी से कंपनी के मुनाफे और आय पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि कैटरिंग सेवाओं के लिए प्रमुख कच्चा माल खरीदने के लिए यह दीर्घावधि अनुबंध है, जो सकारात्मक है। हालांकि आईआरसीटीसी के लिए वृद्घि के लिए उपुर्यक्त कई संभावनाओं के अलावा, आकर्षक मूल्यांकन (वित्त वर्ष 2019 की कीमत-आय के 18-19 गुना पर), मजबूत लाभांश वितरण रिकॉर्ड (वित्त वर्ष 2019 में 45 प्रतिशत), और पूंजी पर शानदार प्रतिफल (वित्त वर्ष 2019 में 27.3 प्रतिशत) इस आईपीओ के लिए शुभ संकेत हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने उपर्युक्त कारणों को देखते हुए इस आईपीओ को खरीदने का सुझाव दिया है।  
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