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सेवानिवृत्ति करीब तो डेट योजनाओं में निवेश बेहतर विकल्प

सरबजीत के सेन /  September 29, 2019

सेवानिवृत्ति यानी रिटायरमेंट हमेशा ही कुछ चुनौतियां साथ लेकर आता है और अगर मंदी के दौर में रिटायर होने जा रहे हैं तो आपकी चुनौतियां और भी बढ़ जाती हैं। जिन लोगों ने शेयरों में रकम लगा रखी है, उनके माथे पर चिंता की लकीरें ज्यादा ही गहराना लाजिमी है। कॉर्पोरेट कर में कटौती के बाद भले ही बाजार पिछले से पिछले शुक्रवार को करीब 2,000 अंक उछल गया और उससे अगले सोमवार को भी उसने ऊंची छलांग मारी, लेकिन पिछले एक साल में सेंसेक्स में बमुश्किल 2.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं अभी तो मजबूत अर्थव्यवस्था के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।

 
निवेश सलाहकार आम तौर पर रिटायरमेंट से कुछ अरसे पहले शेयरों में निवेश कम कर देने की सलाह देते हैं। लेकिन कुछ अच्छे शेयरों या म्युचुअल फंडों में निवेश बनाए रखने से निवेश पोर्टफोलियो की चमक बरकरार रहती है। एमके वेल्थ मैंनेजमेंट में शोध प्रमुख जोसेफ थॉमस कहते हैं, 'पोर्टफोलियो का ज्यादातर हिस्सा स्थिर आय वाली योजनाओं में रखना चाहिए, लेकिन शेयरों में निवेश को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।' हम फौजी इनीशिएटिव के मुख्य कार्याधिकारी संजीव गोविला कहते हैं, 'बहुत से लोग जोखिम से एकदम दूर रहने की गलती कर बैठते हैं। यह सच है कि सेवानिवृत्ति के बाद जोखिम लेने की क्षमता कम हो जाती है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित दांव लगाना भी भविष्य में अधिक प्रतिफल हासिल करने के लिहाज से अच्छा नहीं होता। निवेशकों को शेयर एवं अन्य सुरक्षित परिसंपत्तियों के बीच संतुलन बिठाना चाहिए।'
 
पर्याप्त नकदी करें सुनिश्चित
 
अगर आप आर्थिक मंदी के बीच रिटायर हो रहे हैं तो ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। घबराने से कुछ हासिल नहीं होगा, इसलिए घबराए बगैर सोचें कि आने वाले कुछ दिनों में नकदी की जरूरत पूरी करने के लिए क्या किया जा सकता है। जर्मिनेट वेल्थ सल्यूशंस के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक संतोष जोसेफ कहते हैं, 'सबसे पहले यह समझें कि आने वाले महीनों या सालों में आपको कितनी नकदी की जरूरत होगी। जब उस रकम का अंदाजा लग जाए तो उसे इक_ïा करने के लिए निवेश करना शुरू कर दीजिए। निवेश करने से जरूरत पडऩे पर नकदी का इंतजाम करना आसान हो जाता है। आपात स्थिति के लिए रकम का एक खासा हिस्सा तरल योजनाओं में रखें और सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) का लाभ लें।' 
 
आपात कोष कितना जरूरी
 
सभी को आपात स्थिति के लिए जरूर तैयार रहना चाहिए। लिहाजा एक आपात कोष तैयार करना प्राथमिकता होनी चाहिए। जोसेफ कहते हैं,'आदर्श रूप में सेवानिवृत्ति कोष का 20 फीसदी प्रतिशत या इससे अधिक आपात स्थितियों के लिए रखना चाहिए। सेवानिवृत्त लोगों के पास पर्याप्त नकदी भंडार जरूर होना चाहिए। मंदी के समय कई परिसंपत्ति श्रेणियां अनिश्चितता की शिकार हो सकती हैं या उनसे रकम निकालना बेहद मुकिश्ल हो जाता है। रियल एस्टेट ऐसा ही एक उदाहरण है।' आपात कोष तैयार करने का एक तरीका यह है कि आप पता लगाएं कि महीने में आपको कुल कितनी रकम खर्च करनी पड़ती है। अब 6 या 8 महीने के खर्च के लिए जरूरी रकम को अलग कोष में रख दें ताकि जरूरत पडऩे पर रकम आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके लिए छोटी अवधि के बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट या लिक्विड म्युचुअल फंडों में रकम लगाई जा सकती है।
 
परिसंपत्ति आवंटन का करें निर्धारण
 
सेवानिवृत्ति के बाद के लिए परिसंपत्ति आवंटन मोटे तौर पर किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। जोसफ कहते हैं, 'अगर किसी व्यक्ति को पेंशन से आय मिल रही है या परामर्श शुल्क से कुछ रकम आ रही है या उसके पास एक बड़ा कोष तैयार है तो परिसपंत्ति आवंटन के वक्त इन सभी चीजों पर विचार करने की जरूरत होती है। स्थिर पोर्टफोलियो के लिए नकदी, फिक्स्ड इनकम और इक्विटी का मिश्रण करना चाहिए।' गोविला कहते हैं कि हालांकि प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता अलग-अलग हो सकती है, लेकिन निम्नलिखित परिसंपत्ति आवंटन के साथ शुरुआत की जा सकती है:
 
नियमित मासिक आय के लिए डेट-इक्विटी अनुपात 70:30 रखें
 
5 वर्ष बाद के वित्तीय लक्ष्य के लिए इक्विटी म्युचुअल फंड में करें निवेश
 
5 वर्ष से पहले पेश आनी वाली वित्तीय जरूरतों के लिए ज्यादातर हिस्सा डेट म्युचुअल फंड/ बैंक फिक्सड डिपॉजिट/कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट में रखें। 
 
पोर्टफोलियो में लाएं विविधता
 
आप जैसे ही सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचते हैं वैसे ही आपको डेट में अधिक निवेश वाले पोर्टफोलियो की तरफ बढऩा चाहिए। जोसेफ कहते हैं, 'सेवानिवृत्ति से करीब एक या दो साल पहले पोर्टफोलियो निवेश में शेयरो की हिस्सेदारी कम करनी शुरू कर देनी चाहिए और कम जोखिम लेते हुए पर्याप्त कोष तैयार करने की तरफ बढऩा चाहिए। शेयरों में निवेश घटाते हुए वाहन परिसंपत्ति आवंटन फंडों के साथ फिक्स्ड इनकम, डायनामिक इक्विटी फंडों की तरफ आगे बढऩा एक आदर्श विकल्प हो सकता है। विविधता वाली बड़ी परिसंपत्ति श्रेणियां जैसे नकदी, सोना, फिक्स्ड इनकम और इक्विटी परिसंपत्तियों में निवेश अनिश्चितता से लडऩे में मदद करेंगे और मोटे तौर पर पोर्टफोलियो को भी संतुलन प्रदान करेंगे।' हालांकि निवेश साधन के तौर पर रियल एस्टेट से दूर रहना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी इनसे बाहर निकल पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। 
 
मंदी के बीच सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) रोक देना शायद सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। गोविल कहते हैं, 'बाजार की परिस्थितियों से इतर एक सही लक्ष्य पर आधारित सुनियोजित योजना के साथ नियमित एसआईपी निश्चित तौर पर फायदेमंद होगा। अगर एसआईपी जारी रखने की क्षमता है तो इसे नहीं रोकना चाहिए।' थॉमस का कहना है कि आर्थिक सुस्ती एक सुनियोजित निवेश का मौका भी देता है, जिससे भविष्य में अच्छा प्रतिफल मिलेगा। उन्होंने कहा,'आर्थिक हालात में होने वाले बदलाव आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव लाते हैं। ऐसे मौके निवेश के लिए माकूल होते हैं और जब आर्थिक हालात बेहतर होते हैं तो ये खासे फायदेमंद साबित होते हैं।'
Keyword: retirement, fund, invest.,
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