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कार्यकाल समीक्षा प्रणाली से होगी आईआईटी में फैकल्टी भर्ती

विनय उमरजी /  September 27, 2019

अब देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) वैश्विक औद्योगिकी संस्थानों की तरह फैकल्टी भर्ती करने में कार्यकाल समीक्षा प्रणाली को अपनाएंगे। इस समय एक साल के प्रोबेशन के बाद नियुक्ति स्थायी हो जाती है।  हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को अहमदाबाद में आयोजित आईआईटी परिषद की बैठक में आईआईटी को वित्तीय एवं अन्य स्वायत्तता देने पर चर्चा को एजेंडा से बाहर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ऐसी स्वायत्तता देने से पहले नीति आयोग जैसी संबंधित संस्थाओं के साथ बातचीत करना चाहता है। 

 
आआईटी परिषद की बैठक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' की अगुआई में हुई। इसमें लिए गए फैसले के मुताबिक अब आईआईटी 5-6 साल के अनुबंध पर नई फैकल्टी की भर्ती करेंगे। फैकल्टी का अनुबंध समाप्त होने और उनके शिक्षण एवं शोध की समीक्षा के आधार पर उन्हें आवधिक फैकल्टी के रूप में या तो बनाए या पदोन्नत किया जाएगा या उनके अनुबंध को समाप्त किया जाएगा।  आईआईटी रोपड़ के निदेशक एस के दास ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, 'यह सही दिशा में कदम है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आईआईटी चाहते हैं कि ये संस्थान वैश्विक संस्थानों के दर्जे के हों। वैश्विक संस्थान फैकल्टी की भर्ती में कार्यकाल समीक्षा प्रणाली को अपनाते हैं। हालांकि मौजूदा फैकल्टी पुरानी व्यवस्था के तहत स्थायी फैकल्टी के रूप में काम करते रहेंगे। नया कार्यकाल समीक्षा प्रणाली नई भर्तियों पर लागू होगी, जो 5-6 साल के अनुबंध पर की जाएंगी। इसके बाद उन फैकल्टी को समीक्षा के बाद आवधिक फैकल्टी के रूप में पदोन्नत किया जाएगा।'
 
स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में बैचों की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित की जा रही है। यह समिति एमटेक की फीस को आईआईटी के बीटेक कार्यक्रम के बराबर स्तर पर लाने का अध्ययन करेगी और सिफारिश देगी। इस समय एमटेक की फीस बहुत कम है। इस समय एमटेक कार्यक्रम की फीस 25,000 से 30,000 रुपये प्रति सेमेस्टर है, जबकि बीटेक की फीस करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ष है। आईआईटी परिषद और मानव संसाधन विकास मंत्रालय चाहते हैं कि समिति की सिफारिशों के आधार पर एमटेक की फीस में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जाए। 
 
यह भी कहा जा रहा है कि परिषद ने कार्यकाल समीक्षा प्रणाली के अलावा वर्तमान फैकल्टी सदस्यों की समीक्षा करने का भी फैसला किया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आईआईटी के सूत्रों के मुताबिक कुछ अच्छा प्रदर्शन न करने वाले या वांछित स्तर से कमजोर प्रदर्शन करने वाले फैकल्टी सदस्यों के मसले पर भी चर्चा की गई। इस बारे में पोखरियाल ने उनके खिलाफ कड़ी समीक्षा और कार्रवाई पर जोर दिया।  एक सूत्र ने नाम न प्रकाशित करने का आग्रह करते हुए कहा, 'मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आईआईटी का मानना है कि अगर इन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों से मुकाबला करना है तो फैकल्टी सदस्यों की सबसे बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना होगा। अगर समीक्षा में यह पाया जाता है कि उनमें से कुछ वांछित स्तर से कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।'
Keyword: education, IIT, faculty,,
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