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निकासी सीमा 10,000 रुपये हुई

अनूप रॉय / मुंबई September 26, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज पंजाब ऐंंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पीएमसी) में जमाकर्ताओं की धन निकासी की सीमा बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी, जो इसके पहले 1,000 रुपये तय की गई थी।  रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, 'जमाकर्ताओं की कठिनाइयों को देखते हुए उपरोक्त ढील की अनुमति दी गई है। रिजर्व बैंक बहुत नजदीक से स्थिति पर नजर रख रहा है और बैंक में जमाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।'  यह राशि 6 महीने में खाते से निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि है, जिसमें इस दौरान पहले निकाला गया 1,000 रुपये शामिल होगा। इस तरह से ग्राहक अगर 1,000 रुपये निकाल चुके हैं तो 6 महीने में 9,000 रुपये और निकाल सकते हैं। 

 
रिजर्व बैंक ने कहा है, 'प्रशासक द्वारा बैंक के हाल के जमा और नकदी की स्थिति के शुरुआती आकलन के बाद यह फैसला किया गया है।'  रिजर्व बैंक ने बयान में कहा है, 'इस ढील के बाद बैंक के 60 प्रतिशत जमाकर्ता अपनी पूरी धनराशि अपने बैंक खाते से निकाल सकेंगे।'  बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक को जमा निकासी की सीमा तय करने को बाध्य होना पड़ा क्योंकि बड़ी वित्तीय अनियमितताएं, आंतरिक नियंत्रण की विफलता और बैंक द्वारा विभिन्न रिजर्व बैंक को की गई रिपोर्ट में गलत/अंडर रिपोर्टंग की गई, जिसे हाल ही में रिजर्व बैंक ने पकड़ा। 
 
इसके पहले केंद्रीय बैंक ने वजह नहींं बताई थी, लेकिन निकासी 1,000 रुपये करने के अचानक लिए गए फैसले से जमाकर्ताओं में भारी अफरातफरी मच गई। रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाए हैं।  इस कदम के विरोध में मुंबई की सभी शाखाओं के जमाकर्ता सियन ब्रांच के पास विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए। वहीं शाखा प्रबंधकों सहित बैंक कर्मचारियों ने एचडीआईएल लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों के बाहर प्रदर्शन किया। एचडीआईएल लिमिटेड के पूर्व निदेशक और पीएमसी बैंक के चेयरमैन वरयाम सिंह के आवास पर भी प्रदर्शन हुआ। बैंक की ओर से दिए गए कुल 8,383 करोड़ रुपये कर्ज में 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज एचडीआईएल और उससे जुड़ी इकाइयों को दिए गए हैं, जो इस समय दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही है।  दिलचस्प है कि एचडीआईएल जब कर्जदाताओं द्वारा दिवाला संहिता के तहत ले लिया गया, उसके बाद पीएमसी बैंक ने उसके दो पे ऑर्डर का भुगतान 31 दिसंबर को किया, जिसकी कुल राशि 96.5 करोड़ रुपये थी। यह भुगतान एचडीआईएल के प्रमोटर सारंग आर वाधवा को किया गया, जिससे वे बैंक आफ इंडिया द्वारा एचडीआईएल के नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर्स का पुनर्भुगतान कर सकें।  
 
बैंक के निलंबित एमडी और सीईओ जॉय थॉमस ने कहा कि यह पीएमसी बैंक के अपने हित को देखते हुए किया गया क्योंकि एचडीआईएल दिवाला न्यायालय में थी तो उसकी संपत्ति अन्य कर्जदाताओं के लिए जब्त की जाती। रिजर्व बैंक की ओर से नियुक्त बैंक के प्रशासक जेबी भोरिया ने बुधवार को कहा था कि बैंक के पास पर्याप्त संपत्ति है, जिससे जमाकर्ताओं का भुगतान किया जा सकता है, इसलिए उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है।  बैंक के बाहर एक बैनर लगाया गया है, जिसमें यह आश्वासन दिया गया है कि जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित हाथों में है और ग्राहकों को अपना समर्थन देते हुए हम पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि यह प्रतिबंध अस्थायी अवधि की है। 
Keyword: PMC, RBI, bank,,
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