बिजनेस स्टैंडर्ड - कर घटने से बढ़ेगा निवेश: उद्योग
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कर घटने से बढ़ेगा निवेश: उद्योग

बीएस संवाददाता / मुंबई September 20, 2019

भारत सरकार द्वारा कॉर्पोरेट कर कम किए जाने पर भारत के उद्योग जगत के दिग्गजों का कहना है कि इससे निवेश बढ़ेगा, मांग तेज होगी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) को भारत में अपनी इकाइयां लगाने को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि नए विनिर्माण संयंत्रों पर महज 15 प्रतिशत कर लगेगा। टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, 'यह बड़ी राहत है, जो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जरूरी थी। न्यूनतम वैकल्पिक कर दर (एमएटी) कम किए जाने से भी कंपनियोंं को अपना नकदी प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे निवेश बढ़ेगा। यह 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बड़ा कदम है।' 
 
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमारमंगलम बिड़ला ने कहा कि इस कदम से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और भारत के उद्योग जगत में भारी उत्साह आएगा। उन्होंने कहा, 'कॉर्पोरेट कर की दर कम किए जाने से न सिर्फ अर्थव्यवस्था में तेजी लौटेगी बल्कि इससे भारत के उद्योग वैश्विक रूप से और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। विनिर्माण क्षेत्र के लिए निवेश को प्रोत्साहन दिए जाने के तात्कालिक लाभ के अलावा इन कदमों से सोच में व्यापक बदलाव होगा। इन कदमों से एक बार फिर पुष्टि हुई है कि सरकार आर्थिक सुधार को लेकर प्रतिबद्ध है।'
 
कंपनियों के सीईओ ने कहा कि सरकार को इसी तरह से व्यक्तिगत कर में भी कमी करनी चाहिए, इससे ग्राहकों की ओर से मांग बढ़ेगी। टीवीएस मोटर के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने कहा, 'भरोसा वापस लाने के लिए यह बेहतरीन कदम है और इससे कंपनियों की ओर से निवेश बढ़ेगा। वास्तविक बदलाव करने वाला यह होगा कि सरकार व्यक्गित कर पर भी फिर से विचार करे।' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि कॉर्पोरेट कर की दर मौजूदा फर्मों के लिए 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी होगा। इससे कंपनियों के लिए अधिभार सहित प्रभावी कर दर 25.2 प्रतिशत हो जाएगी। 
 
वहीं सरकार ने 1 अक्टूबर के बाद से पंजीकृत होने वाली नई विनिर्माण फर्मों पर कॉर्पोरेट कर की दर 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी है, इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलेगा। इन कंपनियोंं पर अधिभार सहित प्रभावी कर दर अब 17 प्रतिशत होगी। यह लाभ कंपनियों के उत्पादन शुरू करने की तिथि या 31 मार्च 2023 के पहले तक प्रभावी होगी। इसके साथ ही अब भारत में कॉर्पोरेट कर की दरें दक्षिण एशिया के अन्य देशों में कर के करीब हो गई हैं। 
 
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, 'इस समय चुनौती का दौर है। ऐसे में कॉर्पोरेट कर और न्यूनतम वैकल्पिक कर कम किए जाने से अर्थव्यवस्था में भरोसा लौटेगा। इससे नकदी की प्रमुख चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी और भारत निवेश का आकर्षक केंद्र बनेगा।'  कंपनियों के सीईओ की राय है कि कर दरों में कटौती त्योहारी सीजन के पहले सही समय पर की गई है और इससे नौकरियों का सृजन होगा। हाउसिंग फाइनैंस कंपनी एचडीएफसी के सीईओ और एमडी केकी मिस्त्री ने कहा, 'तीन महीने लंबे त्योहारी सीजन के पहले कर में कटौती से खपत की धारणा को बढ़ावा मिलेगा, जो अगले महीने से शुरू हो रहा है।'  उन्होंने कहा, 'इससे अगले 2-3 तिमाही तक वृद्धि को गति देने में भी मदद मिलेगी और इस कदम से कॉर्पोरेट का मुनाफा बढ़ेगा और वे लाभांश भुगतान में सक्षम होंगे।'  
 
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि कर की दर कम होने से कंपनियों को ऐसे समय में ग्राहकों को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी, जब ऑटोमोबाइल की मांग में अप्रत्याशित गिरावट आई है। उन्होंने कहा, 'इस कटौती से ग्राहकों की ओर से मांग नहींं बढ़ेगी, लेकिन इससे मूल्य की नीति पर विचार संभव है।' सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा कि कॉर्पोरेट कर मेंं कटौती की उद्योग जगत की मांग लंबे समय से लंबित थी और यह सरकार की ओर से अप्रत्याशित और साहसिक कदम है। 
 
आज की घोषणा से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने संयंत्र भारत में स्थानांतरित क रने को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि सरकार ने घोषणा की है कि वह उन कंपनियों पर कर की दर 15 प्रतिशत करेगी, जो अपनी कंपनी का पंजीकरण अक्टूबर या उसके बाद कराएंगे।
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