बिजनेस स्टैंडर्ड - कर राहत पर विपक्ष नहीं सहमत
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कर राहत पर विपक्ष नहीं सहमत

अर्चिस मोहन /  September 20, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉरपोरेट कर में कटौती को 'ऐतिहासिक' और '130 करोड़ भारतीयों के लिए फायदेमंद' बताया। उन्होंने कहा कि इससे दुनियाभर से निजी निवेश में बढ़ोतरी होगी, जिससे रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा।  इधर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कटौती प्रधानमंत्री के ह्यूस्टन के कार्यक्रम को सफल बनाने के मकसद से की गई है। वाम नेता सीताराम येुचरी ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आपूर्ति पक्ष से जुड़े कदम उठा रही है, लेकिन यह कदम अर्थव्यवस्था की वास्तविक समस्या- मांग की कमी को दूर करने में नाकाम रहेगा। उन्होंने कहा कि मांग की कमी दूर करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश करने की जरूरत है। 

 
विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से प्राप्त रकम को कर में कटौती के रूप में कंपनियां में बांट रही है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने बजट के दो महीने बाद और अगले बजट से चार महीने पहले ये घोषणाएं करके बजट बनाने की मुहिम की शुचिता को नुकसान पहुंचाया है।  हालांकि कांग्रेस पार्टी में नेताओं का नजरिया बंटा हुआ था। जब पी चिदंबरम और प्रणव मुखर्जी वित्त मंत्री थे, तब उन्होंने कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती का वादा किया था। इसी तरह अरुण जेटली ने भी 2014 में अपना पहला बजट पेश करते हुए कहा था कि इसमें अगले पांच वर्षों के दौरान कटौती की जाएगी। हालांकि राहुल गांधी के मोदी सरकार को 'सूट बूट की सरकार' और उद्योगपतियों की सरकार करार दिए जाने के बाद मोदी सरकार बाद केवर्षों में ऐसा करने में नाकाम रही। 
 
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को अमेरिका पहुंचेंगे और ह्यूस्टन में विश्व की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियों में से 16 के शीर्ष अधिकारियों की राउंड टेबल को संबोधित करेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, 'कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का कदम ऐतिहासिक है। इससे मेक इन इंडिया को तगड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, दुनियाभर से निजी निवेश आएगा, हमारे निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार होगा और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी, जिससे यह 130 करोड़ भारतीयों के लिए फायदेमंद साबित होगी।' प्रधानमंत्री ह्यूस्टन में सीईओ राउंडटेबल के अलावा ऐसे ही एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दूसरे कार्यक्रम के तहत 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में विश्व की दिग्गज 45 कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। उनके इन कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने और करों में कटौती का जिक्र करने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, 'पिछले कुछ सप्ताहों में जो घोषणाएं हुई हैं, वह प्रदर्शित करती हैं कि हमारी सरकार भारत को कारोबार के लिहाज से बेहतर स्थान बनाने, समाज के सभी वर्गों के लिए अवसर बेहतर बनाने तथा भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाकर समृद्धि बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मोदी ने कहा, 'कॉरपोरेट कर में कटौती का कदम ऐतिहासिक है। इससे मेक इन इंडिया में बड़ी उछाल आएगी, दुनिया भर से निवेश आकर्षित होगा, निजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी एवं रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। इसके परिणामस्वरूप 130 करोड़ भारतीयों के लिए बेहतर परिणाम आएंगे।' 
 
राहुल ने इस कदम पर तंजा कसा। उन्होंने कर कटौती से राजस्व के नुकसान की तरफ इशारा करते हुए ट्वीट किया, 'यह अद्भुत है कि प्रधानमंत्री अपने हाउडी इंडियन इकॉनमी वाले जश्न के दौरान स्टॉक बाजार में उछाल के लिए क्या करने को तैयार हैं।' उन्होंने दावा किया, '1.4 लाख करोड़ रुपये के साथ ह्यूस्टन का कार्यक्रम अब तक दुनिया का सबसे महंगा कार्यक्रम है। लेकिन कोई भी कार्यक्रम उस आर्थिक बदहाली की हकीकत को नहीं छिपा सकता जिसमें हाउडी मोदी ने भारत को डाल दिया है।' येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार ने आखिरकार आरबीआई से छीने गए 1.76 लाख करोड़ रुपये कंपनियों को हस्तांतरित किए जा रहे हैं और उन्हें 1.45 लाख करोड़ रुपये अग्रिम दे दिए गए हैं। यह एक घोटाला है। इससे मांग नहीं बढ़ेगी। मित्र उद्योगपतियों को तोहफा मिल गया है, लेकिन लोगों के हाथ में कोई अतिरिक्त पैसा नहीं आया है। उन्होंने कहा, 'इस सरकार के दौरान ग्रामीण मजूदरी में गिरावट आई है।'
 
 येचुरी ने कहा, 'जब हमें मांग बढ़ाने के लिए लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा देने की जरूरत थी, तब सरकार ने इसे उद्योगपतियों को थमा दिया। यह सबसे खराब राजनेता-उद्योगपति सांठगांठ है।' उन्होंने कहा कि यह घोषणा अमेरिका में 'हाउडी मोदी' के प्रस्तावित जश्न के लिए की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 'ऐतिहासिक घोषणा' के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम से निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा। उनके साथी मंत्रियों- धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और अनुराग ठाकुर ने अपने-अपने ट्वीट में भी इसी तरह की भावनाएं अभिव्यक्त की हैं। 
 
भाजपा अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कॉरपोरेट कर की दरें कम किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत को बड़ा विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इन फैसलों से भारतीय बाजार संभावित निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनेंगे। अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि मोदी सरकार भारत को बड़ा विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और पूर्व के एफडीआई राहत संबंधी फैसलों के साथ यह निर्णय इस उद्देश्य को हासिल करने में अहम साबित होगा। उन्होंने कहा, 'मैं इन साहसिक फैसलों की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूं।' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'कॉरपोरेट कर को व्यवहारिक बनाने की मांग लंबे समय से प्रतिक्षित थी और यह अब हकीकत बन गई है। इस कदम से हमारे कॉरपोरेट वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे और हमारे बाजार संभावित निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनेंगे।' 
 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कॉरपोरेट कर की दर कम किए जाने के सरकार के कदम का शुक्रवार को स्वागत किया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे निवेश की स्थिति बेहतर होने पर संदेह है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह कदम भारतीय उद्योग जगत में पैदा हुआ डर दूर नहीं होगा। रमेश ने ट्वीट कर कहा, 'पिछले बजट के तीन महीनों के बाद और आगामी बजट के चार महीने पहले मोदी सरकार ने कॉरपोरेट कर की दर में कटौती की है। इस कदम का स्वागत है, लेकिन इस पर संदेह है कि इससे निवेश की स्थिति बेहतर हो जाएगी।  
 
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'भाजपा ने देश में आर्थिक अराजकता पैदा कर दी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कॉरपोरेट टैक्स दर में कटौती से 1.45 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा और सरकार इस नुकसान की कैसे भरपाई करेगी?' 
Keyword: nirmala sitaraman, economy, corporate tax, narendra modi,,
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