बिजनेस स्टैंडर्ड - दीपम को ज्यादा ताकत देने पर हो रहा काम
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दीपम को ज्यादा ताकत देने पर हो रहा काम

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली September 18, 2019

सरकारी कंपनियों के निजीकरण और उनकी 'रणनीतिक बिक्री' करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) को ज्यादा शक्तियां दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इस योजना के मुताबिक एक बार पीएसयू द्वारा रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे दिए जाने के बाद दीपम उसका प्रशासनिक विभाग हो जाएगा, वह पीएसयू चाहे जिस भी संबंधित मंत्रालय के अधीन आता हो। इसके साथ ही बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत सिर्फ बंदी के कगार पर खड़े छोटे सार्वजनिक उपक्रम ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि बड़े नाम जैसे कंटेनर कॉर्पोरेशन, शिपिंग कॉर्पोरेशन, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड भी शामिल होंगे।
 
इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दीपम और ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। अभी निजीकरण के प्रस्तावों पर भी मंत्रालय से नियमित बैठकें करनी होती हैं। और मंत्रालय में सभी रणनीतिक बिक्री के पक्ष में नहीं होते हैं।' अधिकारी ने कहा, 'नई योजना को मंजूरी मिलने के बाद दीपम सभी रणनीतिक बिक्री के लिए प्रशासनिक विभाग बन जाएगा। रणनीतिक बिक्री पर बनी अंतरमंत्रालयी समिति की अध्यक्षता दीपम के सचिव करेंगे, जिसमें सह अध्यक्ष प्रशासनिक मंत्रालय के सचिव होंगे। इस कदम से निजीकरण की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी।' 
 
व्यक्ति ने कहा कि मंजूरी के लिए कैबिनेट नोट इस हफ्ते या अगले हफ्ते भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'यह दीपम के हित में होगा कि निजीकरण की प्रक्रिया को तेज बनाया जाए। हमने कुछ कंपनियों को चिह्नित किया है। मंजूरियां मिलने के बाद इन पर तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।' उल्लेखनीय है कि नई प्रक्रिया उन कंपनियों की रणनीतिक बिक्री पर लागू नहीं होगी, जिन पर पहले से ही काम चल रहा है। इनमें स्कूटर्स इंडिया, पवन हंस, एयर इंडिया और अन्य शामिल हैं। यह नियम पूरी तरह से नई कंपनियों के मामले में लागू होगा। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों में फायदा देने वाली सरकारी कंपनियां शामिल हो सकती हैं, न कि सिर्फ घाटे में चल रही कंपनियां शामिल होंगी। यह राजनीतिक मंजूरियों पर निर्भर होगा। 
 
दीपम को 2019-20 मे 1.05 लाख करोड़ रुपये का बड़ा लक्ष्य दिया गया है। एयर इंडिया के अलावा केंद्र सरकार भारत पेट्रोलियम में अपनी पूरी 53.29 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि नई प्रक्रिया से अन्य पीएसयू में बड़ी बिक्री करने में मदद मिलेगी। 
Keyword: dipam, PSU,,
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