बिजनेस स्टैंडर्ड - आर्बिट्रेज फंडों में बढ़ रही निवेशकों की रुचि
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, October 23, 2019 12:57 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

आर्बिट्रेज फंडों में बढ़ रही निवेशकों की रुचि

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई September 16, 2019

आर्बिट्रेज फंड में निवेशकों की दिलचस्पी बढऩे लगी है क्योंकि इन योजनाओं से जुड़े कथित सुरक्षा टैग के कारण डेट निवेशकों को रकम खींचने में मदद मिल रह है। इस साल 31 अगस्त तक पिछले पांच महीनों में इन हाइब्रिड फंडों की परिसंपत्तियां 36 फीसदी बढ़कर 68,541 करोड़ रुपये हो गईं। इस श्रेणी के अधिकतर फंडों ने पिछले साल 6.5 से 7 फीसदी के दायरे में रिटर्न दिया और ये  कुछ डेट श्रेणियों के मुकाबले बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। एक श्रेणी के तौर पर इन फंडों के एक-वर्षीय रिटर्न मध्यावधि, अल्पावधि और क्रेडिट रिस्क फंड के मुकाबले अधिक और लिक्विड एवं अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म फंडों के अनुरूप रहे।

 
आर्बिटे्रज फंड नकदी एवं वायदा बाजारों के बीच मूल्य में अंतर का फायदा उठाने पर काम करते हैं। शेयरों की खरीदारी कर थोड़े समय बाद उन्हें बेचने के बजाय आर्बिट्रेज फंड नकदी बाजार से शेयरों की खरीदारी करते हैं और वायदा बाजार में उनकी बिक्री करते हैं। वित्तीय योजनाकार जयदीप सेन ने कहा, 'उन डेट निवेशकों के बीच आर्बिट्रेज फंडों की लोकप्रियता बढ़ रही है जो क्रेडिट एवं अवधि के जोखिम से बचना चाहते हैं और अपने पोर्टफोलियो केा विविध बनाने पर ध्यान देते हैं। आर्बिट्रेज फंड में कोई खास जोखिम नहीं होता क्योंकि इक्विटी की जोखिम से रक्षा के लिए हेजिंग की जाती है और बाजार की दिशा से उस पर खास प्रभाव नहीं पड़ता है।'
 
लिक्विड फंड के निवेशक खास तौर पर आर्बिट्रज फंड की ओर रुख कर सकते हैं क्योंकि आगामी महीनों में नियामकीय बदलाव के कारण लिक्विड फंडों का रिटर्न कमजोर रहने के आसार हैं। लिक्विड फंडों को 20 फीसदी नकदी अथवा नकदी समतुल्य परिसंपत्ति रखने की जरूरत होगी और माक्र्ड टु मार्केट एवं निकासी पर शुल्क लिया जाएगा। एक वितरक अमोल जोशी ने कहा, 'आर्बिट्रेज फंड का फायदा यह है कि इन फंडों के लिए सकल रिटर्न लिक्विड फंडों के बराबर अथवा उससे कम हो सकता है। हालांकि निवेशक कर बाद बेहतर रिटर्न की उम्मीद कर सकता है क्योंकि ये फंड इक्विटी कराधान के दायरे में आते हैं।' कराधान के मोर्चे पर इन फंडों को इक्विटी की श्रेणी में रखा जाता है। आर्बिट्रेज फंडों के लिए दीर्घावधि पूंजीगत लाभ पर 10 फीसदी कर लगाया गया है जबकि लघु अवधि पूंजीगत लाभ पर 15 फीसदी कर देय होगा। लिक्विड एवं अन्य फंडों के लिए लधु अवधि के लाभ को निवेशकों की आय में शामिल करते हुए कर निर्धारित किया जाता है। जबकि दीर्घावधि लाभ पर 20 फीसदी कर लगाया गया है।
 
आर्बिट्रेज फंडों से प्राप्त लाभांश 10 फीसदी लाभांश वितरण कर के दायरे में होता है। जबकि लिक्विड फंड के मामले में कर की दर 29.1 फीसदी है। इन फंडों में लाभांश विकल्प चुनने वाले निवेशकों पर यह लागू होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रिटर्न के लिए आर्बिट्रेज फंड में 2-3 महीने तक निवेश को अवश्य बरकरार रखना चाहिए। जोशी ने कहा, 'यह लिक्विड फंड के मुकाबले थोड़ी लंबी अवधि है क्योंकि लिक्विड फंड में आप कुछ दिनों अथवा सप्ताहों तक निवेश बकरार रख सकते हैं।'
Keyword: fund, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बैंकिंग प्रणाली में विफल रहा भारत

Investmentsएशमोर इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के लंदन स्थित प्रमुख जैन डेन ने पुनीत वाधवा

इस्पात कंपनियों के शेयरों पर सतर्क हैं विश्लेषक

शीर्ष आईटी कंपनियों की सामान्य रहेगी वृद्धि दर

दूसरी छमाही में आरआईएल की रफ्तार में आएगी तेजी

आईआरसीटीसी आईपीओ: दांव लगा सकते हैं निवेशक

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.